
रैपिडो वालों का वेरीफिकेशन नहीं (photo source- Patrika)
Rapido Driver Verification: शहर में सफर के लिए ऑनलाइन कार, बाइक की बुकिंग करने वालों को अलर्ट रहना होगा। इनके चालकों का पुलिस वेरीफिकेशन नहीं किया जा रहा है। इसके चलते इसके चालक ठगी और चोरी जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दे रहे हैं। इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विधानसभा इलाके में एक युवती से दुष्कर्म, गंज इलाके में युवती का हैंडबैग लेकर फरार होने का मामला सामने आ चुका है। इससे पहले चोरी की दोपहिया का भी इसमें इस्तेमाल करने का खुलासा हो चुका है।
शहर में चल रहे सवारी ऑटो और ई-रिक्शा का पुलिस ने वेरीफिकेशन कराया है। इससे ऑटो चालकों की पूरी जानकारी पुलिस के पास है। किसी भी अपराधिक मामले में ऑटो वालों की भूमिका होने पर उसकी गिरफ्तारी तत्काल हो जाएगी। पुलिस उसे आसानी से ढूंढ लेगी। दूसरी ओर अगर ओला, उबेर, रैपिडो जैसी कंपनियों के कार या दोपहिया चालक किसी अपराधिक वारदात को अंजाम देते हैं, तो पुलिस उन्हें तत्काल पकड़ नहीं पाती है। इसकी बड़ी वजह इन वाहनों के चालकों का पुलिस वेरीफिकेशन नहीं होना है।
केस — 1
चार माह पहले विधानसभा इलाके की युवती ने कॉलेज जाने के लिए रैपिडो बाइक बुक की थी। इस दौरान बाइक वाले ने युवती का नंबर ले लिया। फिर दोस्ती के बाद शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया।
केस — 2
बोरियाखुर्द की रहने वाली भावना शर्मा ने 22 जुलाई को रैपिडो बुक की थी। बारिश के चलते भावना ने अपना हैंडबैग रैपिडो चालक भीमगज उर्फ विक्की के पिट्ठू बैग में रख दिया था। भावना को फाफाडीह में छोडऩे के बाद चालक फरार हो गया। इसकी शिकायत पर गंज पुलिस ने आरोपी चालक के खिलाफ केस दर्ज किया है।
गंज इलाके में युवती का बैग लेकर फरार होने वाले रैपिडो चालक का अब तक पता नहीं चल पाया है। पीडि़त युवती जिस मोबाइल नंबर के जरिए उससे संपर्क में थी, उसे आरोपी ने बंद कर दिया है। शहर में कई कंपनियां ऑनलाइन बुकिंग के जरिए परिवहन सुविधा उपलब्ध करवा रही हैं। इनमें वाहन चलाने वाले कौन हैं और कहां के हैं? इसकी जानकारी केवल कंपनी के पास रहती है। स्थानीय स्तर पर इनकी जानकारी न पुलिस को है और न ही परिवहन विभाग के पास है।
Updated on:
25 Jul 2026 11:46 am
Published on:
25 Jul 2026 11:46 am
