
स्टेशन पहुंचने के लिए हो रहा सड़क चौड़ीकरण ( Photo - Patrika )
Raipur PWD Action: राजधानी में सड़क चौड़ीकरण को लेकर दोहरी तस्वीरें सामने आई हैं। एक तरफ रेलवे स्टेशन के करीब पहाड़ीचौक-गुढ़ियारी रोड को चौड़ी करने के लिए एक साल से तोड़फोड़ और नापजोख का काम चल रहा है। वहीं, दूसरी ओर शहर के हजारों लोगों का दम ट्रैफिक जाम में फूलचौक-तात्यापारा के 500 मीटर के बीच घुट रहा है। हैरानी ये कि इस रोड को चौड़ी कराने के लिए खुद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और पीडब्ल्यूडी अरुण साव ने पहल की।
पहाड़ीचौक-गुढ़ियारी रोड को चौड़ी करके एक्सप्रेस-वे सड़क और स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 7 की तरफ जोड़ने का काम लोक निर्माण विभाग कर रहा है। इस रोड के लिए पहले महाकालेश्वर मंदिर से गुढ़ियारी रोड के एक तरफ के सभी 27 मकानों और दुकानों को पूरी तरह से तोड़ने की सर्वे सूची तैयार की गई थी। जबकि रोड के दूसरी तरफ नहीं तोड़ा जा रहा था। इसे लेकर लोगों में नाराजगी थी। इसे देखते हुए अब प्लान बदल दिया गया है। पीडब्ल्यूडी के इंजीनियरों के अनुसार अब दोनों तरफ तोड़ने का निर्णय लिया गया है। अभी यह रोड 10-15 फीट चौड़ी है। इसके सेंटर पाइंट के दोनों तरफ 33-33 फीट का दायरा टूटेगा। यही रोड गुढि़यारी बाजार के बाजू से होकर स्टेशन के प्लेटफार्म तरफ जुड़ेगी।
पश्चिम विधायक राजेश मूणत की पहल पर लोक निर्माण विभाग ने निर्माण समेत 84 करोड़ की स्वीकृति दी है। इसी राशि से महाकालेश्वर मंदिर से गुढि़यारी बाजार तरफ जाने वाली सड़क के दोनों तरफ के 54 प्रभावितों के बीच मुआवजा बंटेगा।
Raipur News: अभी रेलवे स्टेशन में री-डेवलपमेंट का काम चल रहा है। आने वाले समय में ट्रांसपोर्ट सिस्टम कई गुना स्टेशन तक बढ़ जाएगा। इसे देखते हुए पहाड़ी चौक की रोड को चौड़ी करने का प्लान बनाया गया है। इससे 12 से 14 वार्ड के लोगों को काफी सुविधा होगी।
डिवीजन, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी टीआर साहू ने कहा कि चौड़ीकर, के लिए महाकालेश्वर मंदिर से अब दोनों तरफ 33-33 फीट तोड़ने का निर्णय लिया गया है। इसकी सर्वे सूची बन गई है। दस्तावेजों की जांच के बाद मुआवजा दिया जाएगा।
शहर के बीच फूलचौक-तात्यापारा चौक के बीच ट्रैफिक जाम से हर रोज हजारों लोगों का दम घुट रहा है। इसके चौडीकरण कराने के दावे को 15 साल बीत चुके हैं। इस दौरान चार कलेक्टर, 6 निगम आयुक्त और चार महापौर बदल गए, लेकिन सवा लाख ट्रैफिक वाली इस रोड के दायरे का चौड़ीकरण नहीं हुआ। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी पहल की और कलेक्टर के माध्यम से सर्वे कराया। वह फाइल बंद पड़ी है। इस साल के बजट में प्लान ही बदल दिया गया। अब उस दायरे में ओवरब्रिज के लिए बजट में 20 करोड़ का प्रावधान किया है।
Updated on:
25 Jul 2026 11:31 am
Published on:
25 Jul 2026 11:28 am
