Child-free Travel: भागदौड़ और शोर-शराबे से दूर शांति की तलाश में लोग अब 'चाइल्ड-फ्री वेकेशन' चुन रहे हैं। एडल्ट्स-ओनली रिसॉर्ट्स और क्रूज का यह नया ट्रेंड टूरिज्म इंडस्ट्री में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है।
No-Kid Market Vacation Trend : किड्स को ही नही, यूथ, एडल्ट और ओल्ड कपल्स को भी प्राइवेसी चाहिए । इन दिनों ट्रेवल इंडस्ट्री में एक नया नो किड मार्केट (No-Kid Market) तेजी से उभर रहा है। अब यात्री बिना किसी बच्चे के रोने, चिल्लाने या भागने के शोर के (Child-free Travel) अपनी छुट्टियों में सिर्फ सुकून चाहते हैं। यही वजह है कि 'एडल्ट्स ओनली' (Adults Only) क्रूज और रिसॉर्ट्स की डिमांड पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है। माता-पिता हों या बिना बच्चों वाले कपल्स, हर कोई अब ऐसी जगह की तलाश में है, जहां सिर्फ बड़े लोग हों और वेकेशन पूरी तरह से सुकून भरा और आरामदेह।
सुकून के साथ अपनी जिंदगी का लुत्फ लेते यूथ और कपल। (फोटो: द वॉशिंगटन पोस्ट)
द वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 70 वर्षीय जैक लॉर्ड जब अपने बच्चों और पोते-पोतियों के साथ न्यूयॉर्क की ट्रिप से घर लौटे, तो वह बुरी तरह थक चुके थे। उनका कहना था, "ईमानदारी से कहूं तो, उस ट्रिप के बाद हमें सच में एक और छुट्टी की जरूरत महसूस हुई। बच्चों में बहुत ज्यादा एनर्जी होती है।" यह सिर्फ जैक की कहानी नहीं है। ऐसे ढेरों मुसाफ़िर हैं, जो अब परिवार के बजाय सिर्फ अपने पार्टनर के साथ (Adult Cruises)ऐसी जगहों पर जाना पसंद कर रहे हैं जहां उन्हें प्राइवेसी मिले और बच्चों की एंट्री बैन हो।
इस बढ़ती डिमांड को कैश करने के लिए ओशिनिया क्रूज (Oceania Cruises), वाइकिंग (Viking) और वर्जिन वॉयजेस (Virgin Voyages) जैसी प्रमुख कंपनियां अब 'एडल्ट-ओनली' पैकेज पर फोकस कर रही हैं। 9 जहाजों वाली लग्जरी लाइन 'ओशिनिया' ने हाल ही में अपनी नौकाओं पर 18 साल से कम उम्र के बच्चों के आने पर रोक लगा दी है। यहां तक कि हमेशा 'फैमिली-फोकस्ड' रहने वाली कार्निवल क्रूज लाइन भी अब वयस्कों के लिए खास यात्राएं शुरू कर रही है।
रिसॉर्ट्स की बात करें तो मोंटाना का 'पॉज अप' (Paws Up) और एरीजोना का 'कैसल हॉट स्प्रिंग्स' (Castle Hot Springs) जैसे लग्जरी रिसॉर्ट्स ने भी खुद को 'एडल्ट्स-ओनली' में तब्दील कर लिया है। यहां शांत स्पा, प्राइवेट पूल और फाइन डाइनिंग का बिना किसी शोर के मजा लिया जा सकता है।
इस ट्रेंड को लेकर सोशल मीडिया और समाज में बहस भी छिड़ी हुई है। एक तरफ वो लोग हैं जो इन 'चाइल्ड-फ्री' जगह की तारीफ करते हैं, क्योंकि वे अपनी गाढ़ी कमाई खर्च करके सिर्फ शांति चाहते हैं। वहीं दूसरी ओर, कुछ माता-पिता इसे भेदभावपूर्ण मानते हैं। कैलिफोर्निया के एक होटल में बच्चों को बैन किए जाने पर राज्य में 'उम्र के आधार पर भेदभाव' (Age Discrimination) का एक बड़ा विवाद भी पैदा हो गया था।
ट्रेवल एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में यह 'नो-किड' ट्रेंड और भी आक्रामक रूप लेगा। क्रूज क्रिटिक की एडिटर-इन-चीफ कोलीन मैकडैनियल के अनुसार, यह फीचर टूरिज्म इंडस्ट्री में एक बड़ा 'गेम चेंजर' बन गया है। अब न सिर्फ लग्जरी रिसॉर्ट्स और क्रूज, बल्कि एयरलाइंस पर भी दबाव बढ़ रहा है कि वे अपनी फ्लाइट्स में 'चाइल्ड-फ्री जोन' (Child-free Flights) बनाएं ताकि यात्रियों को शांत सफर मिल सके।
मनोवैज्ञानिक और रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स के नजरिए से देखें तो बच्चों के बिना छुट्टियां मनाना कपल्स के रिश्ते के लिए थैरेपी का काम करता है। 'पेरेंटिंग' के लगातार तनाव और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों से दूर, यह समय पति-पत्नी को एक-दूसरे के साथ दोबारा कनेक्ट होने का मौका देता है। वेकेशन पर बच्चों की नींद, खाने-पीने की नखरेबाजी और उनकी सुरक्षा की टेंशन नहीं होती, जिससे कपल्स को मानसिक शांति (Mental Peace) मिलती है।
(वॉशिंगटन पोस्ट का यह आलेख patrika.com पर दोनों समूहों के बीच विशेष अनुबंध के तहत पोस्ट किया गया है।)