CG News: रुद्र को कम उम्र में ही राजनांदगांव की रानी सम्मान, रानी दुर्गावती सम्मान, गोंडवाना समाज द्वारा वीर नारायण सम्मान और आर्य रत्न सम्मान मिल चुका है।
CG News: छह साल की नन्हीं उम्र, लेकिन याददाश्त ऐसी कि बड़े-बड़े भी हैरान रह जाएं। जिस उम्र में बच्चे ठीक से किताबों के पन्ने पहचानना सीखते हैं, उसी उम्र में इस बच्चे ने अपनी अद्भुत स्मरण शक्ति से सबका ध्यान खींच लिया है। लंबी कविताएं, जटिल सवालों के जवाब और तारीखों तक को बिना अटके याद कर लेना—उसकी प्रतिभा अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई है। परिवार और शिक्षक भी उसकी इस खास क्षमता को देखकर गर्व महसूस कर रहे हैं।
राजिम कल्प कुंभ मेले में प्रतिदिन नए-नए दृश्य देखने को मिल रहे हैं। मंगलवार को कुंभ मेले में अपनी मां पायल शर्मा के साथ पहुंचे छह वर्षीय रुद्र शर्मा ने अपनी विलक्षण प्रतिभा से सभी को आश्चर्यचकित कर दिया।
इतनी कम उम्र में रुद्र की स्मरण शक्ति देखकर लोग दंग रह गए। मीडिया सेंटर में बातचीत के दौरान माँ द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर रुद्र ने बिना रुके सहजता से दिए। देश-प्रदेश की समसामयिक घटनाएं, भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी से जुड़ी जानकारी, आईएएस, आईपीएस के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम, प्रसिद्ध लेखकों के नाम सब कुछ रूद्र ने बेजिझक बताया।
कम उम्र में कई सम्मान, कलेक्टर बनने का सपना
रुद्र को कम उम्र में ही राजनांदगांव की रानी सम्मान, रानी दुर्गावती सम्मान, गोंडवाना समाज द्वारा वीर नारायण सम्मान और आर्य रत्न सम्मान मिल चुका है। मां ने बताया कि वह बड़े होकर कलेक्टर बनना चाहता है और उसके हर सपने में परिवार का पूरा सहयोग रहेगा।
राजिम कुंभ को बताया पुण्यभूमि
जब रुद्र से राजिम कुंभ के अनुभव के बारे में पूछा गया, तो उसने कहा, यह भगवान राजीवलोचन और कुलेश्वरनाथ महादेव की धरती है, में उन्हें प्रणाम करता हूं। मां के डांटने के सवाल पर रुद्र ने मासूमियत से कहा, मां थोड़ी देर डांटती है, फिर प्यार और दुलार भी देती हैं।
संस्कृत श्लोक,अंगेज़ी भाषा और गीतों पर समान पकड़
रुद्र ने संस्कृत के श्लोक सुना और फरटिदार अंग्रेजी भी बोली। इसके साथ ही उन्होंने मीर अली मीर का प्रसिद्ध गीत भी गाकर सुनाया। इतनी छोटी उम्र में उनकी ज्ञान-क्षमता सभी के लिए आकर्षण का विषय बनी रही।
मोबाइल से दूरी, किताबों से गहरी दोस्ती
मां पायल शर्मा ने बताया कि रुद वर्तमान में कक्षा पहली में अध्ययनरत है। उसे मुनगा भाजी बहुत पसंद है। उसकी दिनचर्या अनुशासित है। रात 9 बजे सोना और सुबह 7 बजे उठकर स्कूल की तैयारी करना। खास बात यह है कि रुद्र मोबाइल फोन का बिल्कुल उपयोग नहीं करता। वह किताबें पढता है और मां द्वारा पढाई गई बातें एक ही बार में कंठस्थ कर लेता है।
रूद्र ने कहा
छह वर्षीय इस नन्हें प्रतिभाशाली बच्चे ने अपनी सफलता का राज भी मासूम अंदाज में बताया। उसने कहा, “मुझे पढ़ना बहुत अच्छा लगता है। मम्मी-पापा रोज़ मुझे नई-नई बातें बताते हैं। मैं जब भी कुछ सुनता हूं तो उसे बार-बार दोहराता हूं, इसलिए मुझे याद हो जाता है।”
बच्चे ने आगे कहा, “मुझे कविताएं और कहानियां याद करना खेल जैसा लगता है। स्कूल में मैडम जो पढ़ाती हैं, मैं घर आकर उसे फिर से बोलता हूं। मुझे बड़े होकर अफसर बनना है।