Child Abuse : अमेरिका में बच्चों के खिलाफ दुनिया में सबसे ज्यादा मामले दर्ज किए जाते हैं। यहां हर साल औसतन 5.5 लाख से ज्यादा बच्चे हर साल दुर्व्यवहार के शिकार होते हैं। इसके बाद भारत का नंबर आता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट।
Child Abuse in India: वर्ष 2025 में पाकिस्तान में रोज़ाना औसतन 9 से अधिक बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के मामले सामने आए। यह जानकारी इस्लामाबाद स्थित गैर-लाभकारी संगठन साहिल (Sahil) की एक रिपोर्ट में दी गई है। साहिल बच्चों और महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर निगरानी रखता है। हालांकि, पाकिस्तान में बहुत सारे मामले पुलिस तक पहुंचते ही नहीं है। वहीं भारत में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के पाकिस्तान की तुलना में बहुत ज्यादा मामले दर्ज किए जाते हैं। पाकिस्तान में यूं तो कम मामले दर्ज किए जाते हैं लेकिन बाल सुरक्षा सूचकांक में पाकिस्तान की रैंकिंग बहुत खराब है।
रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 3,630 बाल दुर्व्यवहार के मामले दर्ज किए गए, जो पिछले वर्ष 2024 की तुलना में 8 प्रतिशत अधिक हैं। संगठन ने बताया कि ये मामले 81 अलग-अलग अखबारों में प्रकाशित खबरों के आधार पर संकलित किए गए हैं। कुल पीड़ितों में 1,924 लड़कियां, 1,625 लड़के और 116 नवजात शिशु शामिल थे। साहिल संगठन के अनुसार, वह 1996 से बच्चों की सुरक्षा और यौन शोषण की रोकथाम के लिए काम कर रहा है। भारत में आधिकारिक आंकड़े National Crime Records Bureau (NCRB) जारी करता है।
इस रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा 1,107 अपहरण के मामले सामने आए। बच्चों के साथ अप्राकृतिक यौन शोषण के 596 मामले सामने आए जबकि बलात्कार के 522 मामले सामने आए।
रिपोर्ट के अनुसार 11 से 15 वर्ष की आयु के बच्चे सबसे अधिक जोखिम में पाए गए। लड़कियों की तुलना में लड़कों के मामले कुछ अधिक सामने आए। अधिकांश मामलों में आरोपी पीड़ितों के परिचित थे।
साहिल की रिपोर्ट के अनुसार 82 प्रतिशत मामलों में पुलिस में प्राथमिकी दर्ज की गई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2025 में महिलाओं के खिलाफ हिंसा (Gender-Based Violence) के 7,071 मामले सामने आए, जो पिछले वर्ष की तुलना में 34 प्रतिशत अधिक हैं। इसका मतलब है कि औसतन हर दिन लगभग 19 मामले दर्ज हुए।
32% परिचित लोग
18% अजनबी
12% पति
20% मामलों में आरोपी की पहचान नहीं हो सकी
पंजाब – 78%
सिंध – 14%
खैबर पख्तूनख्वा – 6%
अन्य क्षेत्र – 2%
अमेरिका में बच्चों के खिलाफ दुनिया में सबसे ज्यादा औसतन 5.5 लाख से ज्यादा बच्चे हर साल दुर्व्यवहार के शिकार होते हैं। दरअसल, यहां बच्चों के खिलाफ अपराध को लेकर रिपोर्टिंग की प्रणाली भी सबसे ज्यादा संवेदनशील और बेहतर है।
भारत में बच्चों के साथ दुर्व्यवहार के हर साल लगभग 1.7–1.8 लाख अपराध के मामले सामने आते हैं। वहीं हर रोज औसत करीब 480–500 बच्चे दुर्व्यवहार के सामने आते हैं। एनसीआरबी (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2022 के बीच बच्चों के खिलाफ अपराधों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2014 में जहां ऐसे मामलों की संख्या लगभग 89,000 थी, वहीं 2022 तक यह आंकड़ा 1.6 लाख से अधिक हो गया। वहीं 2023 में कुल 1,77,335 मामले बच्चों के खिलाफ अपराध के दर्ज हुए।
2022 के मुकाबले 2023 में 9.2% वृद्धि दर्ज की। देश में बच्चों के खिलाफ अपराध में अपहरण के सबसे ज्यादा मामले 45% दर्ज किए जाते हैं। वहीं POCSO (यौन अपराध) के अन्तर्गत 38% मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में यौन शोषण, अपहरण, बाल श्रम, और शारीरिक हिंसा जैसी घटनाएं शामिल हैं। विशेष रूप से POCSO के तहत दर्ज मामलों में तेज वृद्धि देखी गई, जो यह दिखाता है कि बच्चों के खिलाफ यौन अपराध एक गंभीर चिंता का विषय बन चुके हैं।
दुनिया में अलग-अलग देशों में बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराध के मामलों की सटीक रैंकिंग तय कर पान बहुत मुश्किल है। इसकी वजह है यह कि हर देश में रिपोर्टिंग और कानून अलग हैं। इसके बावजूद उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार संयुक्त राज्य अमेरिका में सबसे ज्यादा रिपोर्टेड मामले (लगभग 5.5 लाख सालाना) आते हैं। इसके बाद भारत (1.7 लाख प्रति वर्ष), ब्राज़ील, यूनाइटेड किंगडम और पाकिस्तान जैसे देश आते हैं। बड़े देशों में आबादी ज्यादा होने से कुल मामले अधिक दिखते हैं, जबकि दर के हिसाब से कई छोटे या गरीब देश ज्यादा प्रभावित पाए जाते हैं।