
रायपुर@दिनेश कुमार। Chitrashi Rawat: फिल्म ‘चक दे! इंडिया’ में कोमल चौटाला के किरदार से घर-घर में पहचान बनाने वाली अभिनेत्री चित्राशी रावत के लिए हॉकी महज एक खेल नहीं, बल्कि जिंदगी की दिशा बदलने वाला माध्यम रही है। चौथी कक्षा से हॉकी खेलना शुरू किया और 12वीं तक पहुंचते-पहुंचते बड़े पर्दे पर अपनी जगह बना ली। हॉकी के मैदान से फिल्मी दुनिया तक का उनका सफर आज भी उन्हें प्रेरित करता है। छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में पहुंचीं चित्राशी ने खेल, फिल्मी सफर और छत्तीसगढ़ की खूबसूरती पर पत्रिका से खुलकर बात की।
सवाल: चक दे! इंडिया को रिलीज हुए कई साल हो गए। आज भी लोग आपको पहचानते हैं। इस अनुभव को कैसे देखती हैं?
जवाब: यह मेरे लिए बेहद खास अनुभव है। हॉकी ने मेरी जिंदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। मैंने चौथी कक्षा में खेलना शुरू किया था और बारहवीं तक पहुंचते-पहुंचते मुझे चक दे! इंडिया में काम करने का मौका मिल गया। मेरे बचपन और किशोरावस्था का बड़ा हिस्सा हॉकी को समर्पित रहा। इसी खेल की वजह से मुझे फिल्म में काम करने का अवसर मिला। आज भी लोग मुझे उस फिल्म के लिए याद करते हैं, यह मेरे लिए खुशी की बात है।
सवाल: हॉकी के मैदान से फिल्मी दुनिया तक पहुंचने का आपका सफर कैसे शुरू हुआ?
जवाब: मैं जबलपुर में जूनियर नेशनल हॉकी टूर्नामेंट खेलने गई थी। उसी दौरान मेरा ऑडिशन हुआ। फिल्म के निर्देशक शिमित अमीन ने ऑडिशन लिया और मेरा चयन हो गया। इसके बाद मैं मुंबई पहुंच गई। उस समय यह मेरे लिए बिल्कुल नया अनुभव था। आज जब मैं छत्तीसगढ़ हॉकी लीग में खिलाड़ियों के बीच खड़ी हूं, तो अपने शुरुआती दिनों की यादें ताजा हो रही हैं।
सवाल: छत्तीसगढ़ हॉकी लीग को आप किस नजरिए से देखती हैं?
जवाब: ऐसे आयोजन खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अच्छा अवसर देते हैं। राज्य में हॉकी को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयास सराहनीय हैं। खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए सही मंच मिलना बहुत जरूरी है।
सवाल: खेल ने आपको जिंदगी के बारे में सबसे बड़ी सीख क्या दी?
जवाब: खेल ने मुझे संतुलन बनाए रखना सिखाया है। मेरा मानना है कि हार को दिल पर नहीं लेना चाहिए और जीत को सिर पर नहीं चढ़ाना चाहिए। जरूरी है कि हम लगातार मेहनत करते रहें। यह सीख केवल खेल के मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि जिंदगी के हर क्षेत्र में काम आती है।
सवाल: छत्तीसगढ़ से आपका जुड़ाव कैसा रहा है?
जवाब: मेरा उत्तराखंड से भी जुड़ाव रहा है। मुझे पहाड़ और जंगल बहुत पसंद हैं। छत्तीसगढ़ मेरा ससुराल भी है, इसलिए यहां आना-जाना लगा रहता है। मैंने यहां फिल्मों की शूटिंग भी की है और बस्तर को करीब से देखा है। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता मुझे बेहद आकर्षित करती है।
सवाल: छत्तीसगढ़ और खासकर बस्तर में पर्यटन की संभावनाओं को आप किस तरह देखती हैं?
जवाब: छत्तीसगढ़ के जंगल, झरने और खूबसूरत प्राकृतिक स्थल पर्यटकों को आकर्षित करने की पूरी क्षमता रखते हैं। बस्तर में भी घूमने के लिए बहुत कुछ है। जरूरत इस बात की है कि इन जगहों की खूबसूरती को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाया जाए। छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार पर और ध्यान देने की जरूरत है।