
Cyber Fraud : इंदौर में ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे है। वर्ष 2026 में जुलाई महीने तक करीब 7 हजार लोगों से साइबर ठगी हो चुकी है। बदमाश करीब 50 करोड़ की ठगी कर चुके है, कई उच्च शिक्षित लोग भी साइबर ठगों का निशाना बन चुके है।
जुलाई महीने तक 50 करोड़ की साइबर ठगी हो चुकी है लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी पुलिस मुख्य आरोपियों को पकड़ने में सफल नहीं हो पाई है। 50 करोड़ की साइबर ठगी की शिकायते क्राइम ब्रांच तक पहुंंची और तमाम दावों के बाद भी पुलिस करीब 5 करोड़ की राशि ही पीड़ित पक्षों को वापस दिला पाई। क्राइम ब्रांच में शिकायत करने वाले हर वर्ग के लोग है। युवा व सेवानिवृत्त लोगों को ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है, उच्च शिक्षित भी ठगों के शिकार बन रहे है।
क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए ठगी की शिकायतें ज्यादा मिल रही है। अधिकांश मामलों में पुलिस के पास देरी से शिकायत पहुंचने पर ठगी की राशि वापस नहीं हो पाती है, जो लोग तुरंत शिकायत करते है उनकी राशि मिल जाती है। पुलिस आरोपियों को पकड़ने का प्रयास भी करती है।
पुलिस के पास हाल ही में साफ्टवेयर इंजीनियर ने पहुंचकर करीब 30 लाख की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। साफ्टवेयर इंजीनियर को विदेश में नौकरी करने का सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए आफर मिला। मोटी तनख्वाह पर विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देने के बाद अलग अलग कारण बताकर करीब 30 लाख रुपए ठगों ने हासिल कर लिए। बाद में और पैसा मांगने पर पीडि़त ने राशि नहीं दी तो पता चला कि वे साइबर ठगी का शिकार हो गए है।
साइबर ठग लगातार नए नए तरीकों से लोगों को निशाना बना रहे है। ज्योतिष बनकर सोशल मीडिया पर सक्रिय लोगों को अपना निशाना बना रहे है। इंस्टाग्राम, फेसबुक पर सक्रिय लोगों से ठग ज्योतिष बनकर संपर्क कर रहे है। पीडि़त की परेशानी का फायदा उठा उनके रूके काम को पूरा कराने व वशीकरण के नाम पर पूजा कराने की बात कहते है। एक युवती से अलग अलग प्रक्रिया के नाम पर करीब 50 हजार रुपए ठग लिए जिस पर पुलिस जांच कर रही है।
कई पीड़ितों ने हाल ही में क्राइम ब्रांच में शिकायत की है। उन्होंने बताया कि वे बड़ी कंपनी में अकाउंटेंट के पद पर है। कंपनी का कैशियर का काम भी संभालते है। कंपनी का सभी लेन-देन भी संभालते है। अब ये अकाउंटेंट साइबर फ्रॉड के टारगेट पर है। कई केस में ठगों ने खुद को कंपनी का सीईओ, एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर बता वाट्सऐप पर अकाउंटेंट को मैसेज किया। मैसेज मे अर्जेंट लिखकर भेजे गए खाता नंबर में लाखों, करोड़ों रुपए ट्रांसफर करवाए है। पैसा ट्रांसफर होने के बाद अकाउंटेंट को पता लगता है कि उन्हें जिस नंबर से मैसेज आया वह सीईओ या कंपनी के किसी बड़े अधिकारी का नहीं ठग का था। अब वे अपना पैसा रिकवर कराने के लिए क्राइम ब्रांच आ रहे है। कई मामले में पुलिस की जांच जारी है।
राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में ठगों ने 46 वर्षीय एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर लिंक भेजकर ऐप डाउनलोड करवाया। आरोपी ने अधिक मुनाफे का झांसा देकर फरियादी से अलग-अलग किस्तों में 5 लाख 90 हजार रुपए ट्रांसफर करा लिए। जब लाभ नहीं मिला, तब पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ।
जूनी इंदौर में ठगी का सबसे चौंकाने वाला मामला सामने आया। 37 वर्षीय फरियादी के मोबाइल पर 86,500 रुपए क्रेडिट होने का मैसेज आया। फरियादी ने जब सच्चाई जानने के लिए अपने बैंक के अधिकृत ऐप पर लॉगिन किया, तो अचानक वह राशि वापस डेबिट हो गई। इसके बाद ठगों ने यूपीआई के जरिए खाते में सेंध लगा दी और कुल 4 लाख 33 हजार 368 रुपए पार कर दिए।
भंवरकुआं थाना क्षेत्र में 26 वर्षीय युवक को विदेश में नौकरी का झांसा देकर ठग गया है। उसने पुलिस को बताया कि, प्रोफेशनल प्लेटफॉर्म 'लिंक्डइन' पर अजय कुमार नामक व्यक्ति ने खुद को मल्टीनेशनल कंपनी यूके का कर्मचारी बताकर युवाओं को जाल में फंसाया। फरियादी से जॉइनिंग प्रक्रिया के नाम पर किस्तों में 25 हजार रुपए मांगे गए। 14 हजार रुपए देने के बाद आरोपी ने भर्ती प्रक्रिया रोक दी। बाद में पता चला कि कंपनी में ऐसी कोई भर्ती ही नहीं है।