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Dantewada Tourist Places: दंतेवाड़ा की अनदेखी पहाड़ियों पर पहुंचेगी एडवेंचर टूरिज्म की टीम, GPS से तैयार हो रहा नया नक्शा

Dantewada Adventure Tourism: दंतेवाड़ा में एडवेंचर टूरिज्म की नई संभावनाएं तलाशने के लिए सर्वे शुरू हुआ है। ट्रेकिंग रूट, कैंपिंग स्पॉट और सनराइज प्वाइंट की GPS से पहचान की जा रही है।
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Dantewada Tourist Places
दंतेवाड़ा के जंगलों में छिपे रोमांच की तलाश (Photo Source- Patrika)

Dantewada Tourist Places: दंतेवाड़ा की पहचान अब तक अपने घने जंगलों, पहाड़ियों, जलप्रपातों, नदी-नालों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति के लिए रही है। अब इसी प्राकृतिक विरासत के बीच पर्यटन का एक नया स्वरूप तलाशा जा रहा है। जिले में ट्रेकिंग, कैंपिंग और सनराइज प्वाइंट जैसे एडवेंचर टूरिज्म के नए ठिकानों की पहचान के लिए मैदानी सर्वे शुरू किया गया है। खास बात यह है कि इस सर्वे में ऐसे इलाकों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है, जो अभी तक पर्यटन के लिहाज से ज्यादा सामने नहीं आए हैं।

Dantewada Trekking Routes: GPS से तैयार हो रहा नए रास्तों का नक्शा

दंतेवाड़ा पहुंची टीम संभावित पर्यटन स्थलों का मैदानी सर्वे कर रही है। इस दौरान GPS तकनीक की मदद से अलग-अलग रास्तों को रिकॉर्ड किया जा रहा है। किसी संभावित ट्रेकिंग रूट की दूरी कितनी है, रास्ते में कितनी ऊंचाई और ढलान है, वहां तक पहुंचना कितना आसान या चुनौतीपूर्ण है और सुरक्षा की स्थिति कैसी है, इन सभी पहलुओं को दर्ज किया जा रहा है। इस सर्वे का उद्देश्य केवल नए स्थानों की पहचान करना नहीं है, बल्कि भविष्य में इन स्थानों को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने के लिए जरूरी जानकारी जुटाना भी है। सर्वे पूरा होने के बाद संभावित स्थलों और रूट का दस्तावेज तैयार किया जाएगा।

जंगल की पगडंडी से लेकर पहाड़ी की चोटी तक

दंतेवाड़ा का भौगोलिक क्षेत्र एडवेंचर टूरिज्म के लिए कई तरह की संभावनाएं रखता है। जंगलों के बीच मौजूद पगडंडियां ट्रेकिंग के लिए उपयोगी हो सकती हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों में प्राकृतिक दृश्यावलोकन और कैंपिंग की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। कुछ स्थानों को सनराइज प्वाइंट के रूप में विकसित किए जाने की संभावना भी देखी जा रही है। ऐसे स्थलों का चयन करते समय प्राकृतिक वातावरण को बनाए रखना भी अहम होगा। यही वजह है कि सर्वे में रास्ते, प्राकृतिक परिस्थितियों और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं को भी शामिल किया जा रहा है।

दंतेवाड़ा के अनछुए जंगलों में एडवेंचर की खोज

डोंगरगढ़ के अनुभव से दंतेवाड़ा तक

सर्वे कर रही टीम पिछले करीब छह वर्षों से साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में काम कर रही है। टीम ने राजनांदगांव जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र स्थित डंगोरा डैम में भी ट्रेकिंग रूट, प्राकृतिक दृश्यावलोकन स्थल और कैंपिंग की संभावनाओं पर काम किया है। वहां विकसित किए गए प्राकृतिक स्थल को डंगोरा मैकल सनराइज प्वाइंट नाम दिया गया है। अब इसी अनुभव के आधार पर दंतेवाड़ा की भौगोलिक परिस्थितियों को समझते हुए नए स्थलों की तलाश की जा रही है। यहां किसी एक तय जगह को विकसित करने के बजाय पहले संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन किया जा रहा है।

पर्यटन के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार की उम्मीद

एडवेंचर टूरिज्म का विस्तार केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं रहेगा। यदि नए ट्रेकिंग और कैंपिंग स्पॉट विकसित होते हैं तो स्थानीय युवाओं के लिए गाइड, कैंपिंग संचालन, परिवहन, खान-पान और होमस्टे जैसी गतिविधियों में काम के अवसर बन सकते हैं। स्थानीय हस्तशिल्प और अन्य उत्पादों को भी पर्यटन से बाजार मिल सकता है। दंतेवाड़ा की आदिवासी संस्कृति को भी पर्यटन से जोड़ने की संभावना है। प्राकृतिक स्थलों के साथ स्थानीय जीवन, परंपराओं और संस्कृति को सामने लाने से पर्यटकों को अलग तरह का अनुभव मिल सकता है। हालांकि इसके लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।

Tribal Tourism Bastar: अभी तलाश, आगे विकास की तैयारी

फिलहाल दंतेवाड़ा में चल रहा काम नए पर्यटन स्थलों की खोज और उनके मैदानी अध्ययन तक सीमित है। टीम संभावित स्थानों की जानकारी जुटाकर उनका दस्तावेज तैयार करेगी। इसके आधार पर आगे पर्यटन विकास की दिशा तय की जा सकती है। अगर सर्वे में उपयुक्त स्थल सामने आते हैं और उन्हें जरूरी सुविधाओं व सुरक्षा व्यवस्था के साथ विकसित किया जाता है, तो दंतेवाड़ा के पर्यटन को एक नया आयाम मिल सकता है। जंगल, पहाड़, जलस्रोत, सूर्योदय और आदिवासी संस्कृति का मेल जिले को प्रकृति के साथ रोमांच तलाशने वाले पर्यटकों के लिए एक अलग अनुभव देने की क्षमता रखता है।

नक्शे पर नहीं दिखने वाले रास्तों की तलाश

दंतेवाड़ा में घूमने के प्रमुख पर्यटन स्थल

दंतेवाड़ा और आसपास का इलाका प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक आस्था और आदिवासी संस्कृति के लिहाज से खास माना जाता है। यहां घने जंगलों और पहाड़ियों के बीच कई ऐसे स्थान हैं, जो पर्यटकों को प्रकृति के करीब ले जाते हैं। एडवेंचर टूरिज्म के नए स्थलों की तलाश के बीच जिले के मौजूदा पर्यटन केंद्रों को भी इस पूरे पर्यटन सर्किट से जोड़कर देखा जा सकता है।

मां दंतेश्वरी मंदिर

दंतेवाड़ा का सबसे प्रमुख धार्मिक स्थल मां दंतेश्वरी मंदिर है। दंतेश्वरी देवी को क्षेत्र की आराध्य देवी माना जाता है। मंदिर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान बस्तर की परंपराओं से गहराई से जुड़ी है। देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं।

बारसूर

दंतेवाड़ा जिले का बारसूर अपने प्राचीन मंदिरों और ऐतिहासिक अवशेषों के लिए जाना जाता है। यहां गणेश प्रतिमा, मामा-भांजा मंदिर और अन्य प्राचीन संरचनाएं पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र हैं। इतिहास और पुरातत्व में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह इलाका खास महत्व रखता है।

ढोलकल गणेश

घने जंगल और पहाड़ी क्षेत्र में स्थित ढोलकल गणेश दंतेवाड़ा के चर्चित पर्यटन स्थलों में शामिल है। समुद्र तल से ऊंचाई पर पहाड़ी पर स्थापित गणेश प्रतिमा तक पहुंचने के लिए ट्रेकिंग करनी पड़ती है। यही वजह है कि धार्मिक पर्यटन के साथ यहां एडवेंचर और ट्रेकिंग का अनुभव भी जुड़ जाता है।

फुलपाड़ जलप्रपात

मानसून के दौरान दंतेवाड़ा के आसपास के जलप्रपातों का प्राकृतिक सौंदर्य बढ़ जाता है। फुलपाड़ जैसे जलप्रपात जंगल और पहाड़ियों के बीच प्राकृतिक पर्यटन का अनुभव देते हैं। ऐसे स्थानों में भविष्य में नियंत्रित और सुरक्षित तरीके से प्रकृति आधारित पर्यटन विकसित करने की संभावनाएं देखी जा सकती हैं।

सातधारा

बारसूर क्षेत्र के आसपास मौजूद सातधारा भी प्राकृतिक पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थान है। यहां नदी की धाराएं, चट्टानी क्षेत्र और आसपास का हराभरा वातावरण पर्यटकों को आकर्षित करता है। बरसात के मौसम में इस क्षेत्र का प्राकृतिक स्वरूप और अधिक मनमोहक हो जाता है।

बैलाडीला की पहाड़ियां

दंतेवाड़ा क्षेत्र की पहचान बैलाडीला की विशाल पहाड़ियों से भी जुड़ी है। पहाड़ी भूगोल और आसपास का प्राकृतिक परिदृश्य एडवेंचर टूरिज्म के लिहाज से संभावनाएं रखता है। हालांकि ऐसे क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों के विकास के दौरान पर्यावरण, सुरक्षा और स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखना जरूरी होगा।

पर्यटन का नया सर्किट

मां दंतेश्वरी मंदिर जैसे धार्मिक स्थल, बारसूर के ऐतिहासिक अवशेष, ढोलकल जैसे ट्रेकिंग स्पॉट और प्राकृतिक जलप्रपात मिलकर दंतेवाड़ा के लिए एक विविध पर्यटन सर्किट की संभावना बनाते हैं। नए ट्रेकिंग रूट, कैंपिंग साइट और सनराइज प्वाइंट की पहचान होने के बाद इन स्थलों को एक व्यापक पर्यटन अनुभव से जोड़ने की संभावना भी बढ़ सकती है।

Updated on:
24 Sept 2026 12:54 pm
Published on:
24 Sept 2026 12:53 pm