हरियाली से भी बनी अलग पहचान:बरडीह ने नशामुक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी जिम्मेदारी बनाया है। वर्ष 2020 में ग्राम पंचायत ने सड़क किनारे छायादार पौधे लगाने की शुरुआत की। इसके बाद समिति ने अभियान को आगे बढ़ाया। पिछले चार वर्षों से सड़कों और तालाबों के किनारे अशोक, पाम और कदम के पौधे लगाए जा रहे हैं। उनकी नियमित देखभाल भी की जा रही है। आज पेड़ों की कतारें और तालाबों के आसपास फैली हरियाली गांव की खूबसूरती बढ़ा रही है। राहगीर भी इस नजारे को देखकर रुकते हैं और तस्वीरें लेते हैं। बरडीह ने साबित किया है कि सामूहिक संकल्प से नशामुक्त समाज और हरित गांव, दोनों का सपना साकार हो सकता है।