
भारत में जब भी सनातन आस्था और चिकित्सा विज्ञान के संगम की बात होती है, तो भगवान धन्वंतरि का नाम सर्वोपरि आता है। समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर अवतरित हुए भगवान विष्णु के अवतार और आयुर्वेद के अधिष्ठाता देव 'भगवान धन्वंतरि' के मंदिर देश में गिने-चुने ही हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग जिले का धमधागढ़ राष्ट्रीय मानचित्र पर उभर रहा है, जहां स्थापित राज्य का पहला धन्वंतरि धाम आस्था, अध्यात्म और प्राचीन भारतीय चिकित्सा परंपरा का अनूठा केंद्र बन चुका है।
कलचुरी और गोंड राजाओं की ऐतिहासिक धरोहरों, बावड़ियों और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध धमधा नगरी में वर्ष 2021-22 में सिद्ध मनोकामना भगवान श्री धन्वंतरि मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। यहां केवल पारंपरिक पूजा-अर्चना ही नहीं होती, बल्कि मंदिर ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर निशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य परीक्षण, जड़ी-बूटी परामर्श और नाड़ी परीक्षण शिविर लगाए जाते हैं। धनतेरस और धन्वंतरि जयंती के पावन पर्व पर यहां विशेष आरोग्य महायज्ञ और महाप्रसाद का आयोजन होता है, जिसमें शामिल होने दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं।
उत्तर से दक्षिण भारत तक भगवान धन्वंतरि को समर्पित प्रमुख ऐतिहासिक मंदिर
सड़क मार्ग: दुर्ग जिला मुख्यालय से 35 किमी और राजधानी रायपुर से लगभग 60 किमी की दूरी पर दुर्ग-बेमेतरा मुख्य मार्ग पर स्थित है।
रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन दुर्ग जंक्शन (35 किमी) और रायपुर जंक्शन हैं।
हवाई मार्ग: स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, माना (रायपुर) से कैब व बस की सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध है।