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दीप पर्व पर यहां मिलेगा लक्ष्मी कृपा के साथ आरोग्य का आशीष, छत्तीसगढ़ का पहला धन्वंतरि मंदिर बना आस्था और आयुर्वेद का महाकेंद्र

छत्तीसगढ़ के धमधागढ़ में स्थित प्रदेश का पहला धन्वंतरि मंदिर इन दिनों आस्था, आयुर्वेद और आध्यात्मिकता के अनूठे संगम का केंद्र बना हुआ है। दीपोत्सव के अवसर पर यहां श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। आइए पढ़ते हैं प्रभा एस. गोस्वामी की खास रिपोर्ट।
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Updated: 4 Nov 2026, 1:31 PM IST
Dhanwantari
छत्तीसगढ़ का पहला धन्वंतरि मंदिर (Photo: Rajasthan Patrika, Design: ChatGpt)

भारत में जब भी सनातन आस्था और चिकित्सा विज्ञान के संगम की बात होती है, तो भगवान धन्वंतरि का नाम सर्वोपरि आता है। समुद्र मंथन के दौरान अमृत कलश लेकर अवतरित हुए भगवान विष्णु के अवतार और आयुर्वेद के अधिष्ठाता देव 'भगवान धन्वंतरि' के मंदिर देश में गिने-चुने ही हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक दुर्ग जिले का धमधागढ़ राष्ट्रीय मानचित्र पर उभर रहा है, जहां स्थापित राज्य का पहला धन्वंतरि धाम आस्था, अध्यात्म और प्राचीन भारतीय चिकित्सा परंपरा का अनूठा केंद्र बन चुका है।

धर्म, आयुर्वेद और लोक-कल्याण का त्रिवेणी संगम

कलचुरी और गोंड राजाओं की ऐतिहासिक धरोहरों, बावड़ियों और प्राचीन मंदिरों के लिए प्रसिद्ध धमधा नगरी में वर्ष 2021-22 में सिद्ध मनोकामना भगवान श्री धन्वंतरि मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा की गई थी। यहां केवल पारंपरिक पूजा-अर्चना ही नहीं होती, बल्कि मंदिर ट्रस्ट द्वारा समय-समय पर निशुल्क आयुर्वेदिक स्वास्थ्य परीक्षण, जड़ी-बूटी परामर्श और नाड़ी परीक्षण शिविर लगाए जाते हैं। धनतेरस और धन्वंतरि जयंती के पावन पर्व पर यहां विशेष आरोग्य महायज्ञ और महाप्रसाद का आयोजन होता है, जिसमें शामिल होने दूर-दराज से लोग पहुंचते हैं।

देशभर में भगवान धन्वंतरि के अन्य प्रसिद्ध सिद्ध पीठ

उत्तर से दक्षिण भारत तक भगवान धन्वंतरि को समर्पित प्रमुख ऐतिहासिक मंदिर

  • श्रीरंगम, तमिलनाडु (श्री रंगनाथस्वामी मंदिर): विश्व प्रसिद्ध श्रीरंगम मंदिर परिसर के भीतर भगवान धन्वंतरि का ऐतिहासिक और अत्यंत पावन उप-मंदिर स्थापित है, जहां औषधीय काढ़े व जड़ी-बूटियों का नैवेद्य चढ़ाया जाता है।
  • नेल्लुवाय धन्वंतरि मंदिर, केरल (त्रिशूर): केरल के त्रिशूर स्थित इस प्राचीन मंदिर को आयुर्वेद के चिकित्सकों का प्रमुख तीर्थ माना जाता है। यहां का 'औषध प्रसादम' असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए प्रसिद्ध है।
  • थोट्टुवा धन्वंतरि मंदिर, केरल: पेरुम्बावूर के पास स्थित इस मंदिर में भगवान धन्वंतरि की लगभग छह फीट ऊंची दुर्लभ प्रतिमा स्थापित है।
  • कोयंबटूर, तमिलनाडु (आर्य वैद्य फार्मेसी परिसर): आधुनिक काल में स्थापित यह मंदिर आयुर्वेद के छात्रों, चिकित्सकों और देश-विदेश से आने वाले मरीजों की आस्था का बड़ा केंद्र है।
  • वालाजापेट, तमिलनाडु (धन्वंतरि आरोग्य पीठम): यह आधुनिक पीठम 468 सिद्धियों और औषधीय हवन कुंडों के साथ समग्र स्वास्थ्य साधना के लिए जाना जाता है।

धमधा धन्वंतरि धाम कैसे पहुंचें?

सड़क मार्ग: दुर्ग जिला मुख्यालय से 35 किमी और राजधानी रायपुर से लगभग 60 किमी की दूरी पर दुर्ग-बेमेतरा मुख्य मार्ग पर स्थित है।

रेल मार्ग: निकटतम रेलवे स्टेशन दुर्ग जंक्शन (35 किमी) और रायपुर जंक्शन हैं।

हवाई मार्ग: स्वामी विवेकानंद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, माना (रायपुर) से कैब व बस की सीधी कनेक्टिविटी उपलब्ध है।

Updated on:
4 Nov 2026, 1:31 PM IST
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