
India vs Pakistan Literacy Rate: शिक्षा किसी भी देश के विकास की एक मजबूत नींव होती है। यह न केवल व्यक्ति की सोच और जीवन स्तर को ऊंचा उठाती है, बल्कि समाज और अर्थव्यवस्था को भी सशक्त बनाती है। एशिया के दो पड़ोसी देश भारत और पाकिस्तान, ऐतिहासिक रूप से एक समान सांस्कृतिक पृष्ठभूमि से आते हैं, लेकिन शिक्षा के क्षेत्र में दोनों की स्थिति अलग-अलग है। आइए, साक्षरता दर और स्कूल-कॉलेज की संख्या के आधार पर इसे जानते हैं।
भारत
भारत में 2023-24 के Periodic Labor Force Survey(PLFS) के अनुसार, 7 वर्ष से अधिक आयु के लोगों की औसत साक्षरता दर 80.9% है। लिंग आधारित अंतर की बात करें तो पुरुष साक्षरता दर 87.2%, जबकि महिला साक्षरता दर 74.6% है। यानी लगभग 12.6 प्रतिशत अंक का अंतर अब भी बना हुआ है। वहीं ग्रामीण-शहरी अंतर की बात करें तो शहरी क्षेत्रों में साक्षरता दर 88.9%, जबकि ग्रामीण इलाकों में 77.5% है। सर्वोच्च साक्षरता वाले राज्य में मिजोरम (98.2%), लक्षद्वीप (97.3%), केरल (95.3%) है। जबकि निम्न साक्षरता वाले राज्य में बिहार (74.3%), मध्य प्रदेश और राजस्थान (लगभग 75%) है।
पाकिस्तान
पाकिस्तान के आर्थिक सर्वे 2024-25 के अनुसार राष्ट्रीय औसत साक्षरता दर 60% है। पाकिस्तान में लिंग आधारित अंतर की बात करें तो पुरुष साक्षरता दर 68%, जबकि महिला साक्षरता दर 52% है, यानी लगभग 16 प्रतिशत अंक का बड़ा अंतर है। पाकिस्तान के राज्यों की बात करें तो पंजाब 66%, सिंध: 57%, ख़ैबर पख़्तूनख़्वा: 51%, बलोचिस्तान: 42% साक्षरता दर है।
भारत की साक्षरता दर पाकिस्तान की तुलना में लगभग 21 प्रतिशत अंक अधिक है। हालांकि दोनों देशों में ग्रामीण और महिला शिक्षा को लेकर चुनौतियां बनी हुई हैं, पर भारत ने इस अंतर को अपेक्षाकृत कम करने में कामयाबी हासिल की है।
स्कूलों और कॉलेजों की संख्या
भारत
भारत का स्कूल नेटवर्क दुनिया में सबसे बड़ा है। भारत में कुल स्कूलों की संख्या लगभग 14.89 लाख है। जिसमें सरकारी स्कूल लगभग 10.22 लाख, सरकारी सहायता प्राप्त लगभग 82,000, प्राइवेट मान्यता प्राप्त स्कूल लगभग 3.36 लाख है। वहीं शिक्षकों की बात करें तो भारत में कुल शिक्षक करीब 95 लाख है।
कुल छात्रों की संख्या प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक लगभग 26.5 करोड़ है। भारत में उच्च शिक्षा का भी नेटवर्क बढ़िया है। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (RUSA) के अंतर्गत भारत में लगभग 13,024 कॉलेज है। जबकि 1,000 से अधिक केंद्रीय, राज्य, निजी और डीम्ड यूनिवर्सिटी शामिल है। हर साल लाखों छात्र ग्रेजुएशन और पीजी डिग्रियां हासिल करते हैं।
पाकिस्तान
पाकिस्तान में स्कूलों की सटीक कुल संख्या के सरकारी आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार देश में प्राथमिक और माध्यमिक स्तर के लाखों विद्यार्थी पढ़ते हैं। पाकिस्तान में आर्मी पब्लिक स्कूल्स एंड कॉलेजेज सिस्टम (APSACS) की 230 से अधिक ब्रांच है। वहीं उच्च शिक्षा में लगभग 262, जिनमें सार्वजनिक और निजी दोनों शामिल हैं, यूनिवर्सिटी पाकिस्तान में है। इन संस्थानों से प्रतिवर्ष लगभग 4.45 लाख ग्रेजुएट तैयार होते हैं। कॉलेजों की सटीक संख्या के आधिकारिक आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन उच्च शिक्षा में नामांकन दर भारत की तुलना में काफी कम है।
भारत और पाकिस्तान दोनों के लिए शिक्षा में निवेश केवल आर्थिक विकास का रास्ता ही नहीं बल्कि सामाजिक प्रगति का भी साधन है। भारत ने साक्षरता और संस्थागत विस्तार में बढ़िया प्रगति की है, जबकि पाकिस्तान भारत से इस मामले में भी काफी पीछे है। महिला शिक्षा, ग्रामीण इलाकों में विद्यालय सुविधाएं और उच्च शिक्षा की पहुंच को प्राथमिकता देकर भारत अपनी प्रगति की नींव को और मजबूत कर रहा है।