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Monsoon: मानसून से पहले समुद्र तट पर क्यों लग जाती है सीपियों की भीड़? जानिए प्रकृति में क्या है इसकी भूमिका?

Monsoon and Sea Shells: समुद्री तटों पर मानसून से ठीक पहले सीपियां जमा होने लगती हैं। ऐसा क्यों होता है? यह बदलाव किन वजहों से होता है? क्या है विज्ञान? प्रकृति के अस्तित्व में इनका क्या महत्व है? इन सवालों को विस्तार से समझाती रिपोर्ट।
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समुद्री तट पर सीपियों के इकट्ठा होने का क्या है विज्ञान? (Photo: AI)

Monsoon and Sea Shell: हर साल जून या जुलाई में पाकिस्तान, श्रीलंका, भारत, फिलीपिंस के समुद्र तटों पर कभी-कभार भीड़ बढ़ जाती है। हालांकि यह भीड़ सिर्फ सैलानियों की नहीं होती, बल्कि लाखों की संख्या में समुद्री सीपियां (शंख और खोल) समुद्र तट पर आकर जमा हो जाती हैं। ये सीपियां इतनी अधिक मात्रा में होती हैं कि पूरा समुद्र तट इनसे ढक जाता है और ज्यों-ज्यों रात गहराने लगती समुद्री हवाओं के चलते आपस में टकराने से इसमें से प्यारी धुन सुनाई देने लगती है। यह मनोहारी दृश्य और प्रकृति का संगीत लोगों को अपनी लय में बांध देता है। हालांकि जिन लोगों को समुद्र विज्ञान का नहीं पता, ऐसे लोग सोचते हैं कि कहीं कुछ गड़बड़ तो नहीं हुई। इस साल जून में भी ऐसा ही हुआ।

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