
Reels Doctor : सोशल मीडिया की रील में कुछ सेकंड में फिटनेस का फॉर्मूला, वजन घटाने का नुस्खा और बीमारी को जड़ से खत्म करने का दावा… और उसे देखकर बिना सोचे-समझे उसपर अमल शुरू करना। मालवा-निमाड़ में ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें सेहत सुधारने के लिए युवाओं और अन्य लोगों ने रील देखकर डाइट, सप्लीमेंट और घरेलू नुस्खे अपनाए, लेकिन फायदा मिलने के बजाय शरीर ने परेशानी के संकेत देने शुरू कर दिए। किसी का पेट फूलने लगा तो किसी की त्वचा पर एलर्जी हो गई। एक व्यक्ति तो डायबिटीज कंट्रोल करने के चक्कर में लिवर की गड़बड़ी लेकर डॉक्टर तक पहुंच गया। डॉक्टरों के मुताबिक सोशल मीडिया पर दिखाई जाने वाली खुराक व्यक्ति विशेष की जरूरत के हिसाब से तय नहीं होती। उम्र, वजन, पहले से मौजूद बीमारी, दवाइयां, खान-पान और शरीर की स्थिति के अनुसार हर व्यक्ति की जरूरत अलग होती है। ऐसे में रील में बताई गई मात्रा को अपनी डाइट का हिस्सा बना लेना जोखिम बढ़ा सकता है।
इंदौर के 26 वर्षीय युवक ने सोशल मीडिया पर मसल्स बढ़ाने से जुड़ी कई रील्स देखीं। रील में बताए तरीके के अनुसार उसने प्रोटीन सप्लीमेंट शुरू कर दिया और साथ ही हाई-प्रोटीन डाइट लेना शुरू किया। सप्लीमेंट की मात्रा भी उसने विशेषज्ञ से पूछने के बजाय रील में बताए तरीके से तय की। कुछ सप्ताह बाद पेट फूलना, भारीपन, गैस और भूख कम होने जैसी शिकायतें शुरू हो गईं। शुरुआत में युवक ने इसे सामान्य गैस मानकर नजरअंदाज किया, लेकिन परेशानी बढ़ने पर एमडी मेडिसिन डॉक्टर से परामर्श लिया। डॉक्टर ने उसकी डाइट और सप्लीमेंट की जानकारी ली और फिलहाल सप्लीमेंट बंद करने तथा संतुलित आहार लेने की सलाह दी। युवक ने बताया कि उसने सप्लीमेंट की मात्रा भी सोशल मीडिया पर देखकर ही तय की थी। समय रहते डॉक्टर से परामर्श मिलने से समस्या को आगे बढऩे से रोका जा सका।
धार के 31 वर्षीय युवक ने बाहर निकले पेट को कम करने के लिए सोशल मीडिया पर वायरल एक घरेलू जूस की रील देखी। रील में बताए गए सामान को मिलाकर जूस तैयार किया और करीब एक सप्ताह तक सुबह खाली पेट उसका सेवन किया। कुछ दिनों बाद शरीर पर लाल दाने उभरने लगे। शुरुआत में उन्होंने इसे सामान्य समझा, लेकिन दानों के साथ खुजली बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क किया। डॉक्टर को उन्होंने रील देखकर तैयार किए गए जूस की पूरी जानकारी दी। इसके बाद एलर्जी की जांच कराई गई। जांच में सामने आया कि जूस में शामिल कुछ तत्वों से ही उन्हें एलर्जी संबंधी परेशानी हो रही थी। यानी जिस पेय को वे पेट कम करने और शरीर के लिए फायदेमंद समझकर ले रहे थे, वही उनके लिए परेशानी का कारण बन गया।
झाबुआ के 46 वर्षीय शासकीय सेवक ने डायबिटीज को नियंत्रित करने और बीमारी को जड़ से खत्म करने का दावा करने वाली सोशल मीडिया रील देखी। रील में बताए गए तरीके से उन्होंने बिना चिकित्सकीय परामर्श के संबंधित खुराक लेना शुरू कर दिया। करीब 15 दिन तक उन्हें कोई खास परेशानी महसूस नहीं हुई। इसके बाद अचानक स्वास्थ्य संबंधी समस्या शुरू हुई और जांच कराने पर लिवर में गड़बड़ी सामने आई। स्थानीय चिकित्सक ने जब उनकी दिनचर्या, खान-पान और ली जा रही खुराक के बारे में जानकारी ली तो सोशल मीडिया पर देखी गई खुराक की बात सामने आई। चिकित्सकीय उपचार मिलने के बाद स्थिति में सुधार हुआ। डॉक्टरों के मुताबिक पहले से बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति के लिए बिना सलाह कोई खुराक या सप्लीमेंट लेना ज्यादा जोखिम वाला हो सकता है।
डॉ. अशोक ठाकुर, मेडिसिन विभाग, महाराजा यशवंतराव अस्पताल, इंदौर के मुताबिक सोशल मीडिया पर देखकर डाइट, प्रोटीन पाउडर या सप्लीमेंट शुरू करने का चलन युवाओं में बढ़ रहा है। रील में बताई गई खुराक हर व्यक्ति के लिए उपयुक्त नहीं होती। उम्र, वजन, खान-पान और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार शरीर की जरूरत अलग-अलग होती है। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन या कुछ सप्लीमेंट लेने से पेट फूलना, गैस, उल्टी-दस्त जैसी शिकायतें हो सकती हैं। पहले से लिवर या किडनी की समस्या वाले लोगों में जोखिम और बढ़ सकता है। ऐसे कुछ केस हर माह सामने आते हैं। सोशल मीडिया पर दी गई सलाह को विशेषज्ञ की चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं मानना चाहिए।