MP Politicians Controversial Statements will be stopped: मध्य प्रदेश के कांग्रेस विधायक और बड़े नेता फूल सिंह बरैया के महिलाओं और बच्चियों से रेप के मामले पर दिए विवादित बयान के बाद धर्मगुरु दिखे आक्रोशित, कथावाचक और ज्योतिषाचार्यों ने बुलंद की आवाज... अब जुबान फिसले तो ऐसी हो सजा की थर-थर कांप जाएं नेता...
MP Politicians controversial Statement: मध्य प्रदेश के कुछ नेता योजनाओं, विकास और चुनावी वादों के साथ ही अपने ऐसे बयानों को लेकर भी चर्चा में रहे हैं, जिन्होंने जमकर सियासी बवाल मचाया। ये नेता एक बार नहीं बल्कि कई बार अपने विवादित टिप्पणियां देकर चर्चा में बने रहे। विपक्ष के साथ ही देशभर की सियासी गलियों और आम जनता का भारी विरोध भी झेलते रहे, लेकिन न तो इनकी सोच सुधरी और न ही राजनीतिक पार्टियों ने इन्हें बोलते समय जबान को नियंत्रण में रखने या फिर किसी तरह की कोई गाइडलाइन तय करने का कष्ट उठाया।
नतीजा... कि आज भी पार्टी चाहे सत्ताधारी हो या फिर विपक्षी… सियासी मंच से कभी महिलाओं के मोबाइल, कभी उनके देर रात तक घूमने और तो और उनके खिलाफ हो रहे गंभीर अपराधों को भी मुद्दा बनाकर बिगड़े बोल सुनाई दे रहे हैं और बवाल मचा रहे हैं।
इसका ताजा उदाहरण बना एमपी कांग्रेस के बड़े नेता और विधायक फूल सिंह बरैया का बयान। महिलाओं की सुंदरता और मासूम बच्चियों से रेप पर दिए गए उनके बयानों ने आम जन को ही सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर हम कैसे नेताओं को अपना जनप्रतिनिधि चुन रहे हैं।
महिलाओं को लेकर, उनके खिलाफ होने वाले अपराधों को लेकर कांग्रेस के बड़े नेता और भांडेर से विधायक फूल सिंह बरैया का ताजा बयान… जिसने इस खबर को बनाने के लिए प्रेरित किया। नेता जी अब तक का सबसे विवादित बयान देकर सुर्खियों में छा गए..
'खूबसूरत लड़की दिखने पर दिमाग विचलित हो सकता है और रेप जैसी घटनाएं हो सकती हैं।' उन्होंने आगे यह भी टिप्पणी की कि एससी-एसटी और ओबीसी समाज में कोई खूबसूरत लड़की नहीं होती।' उनके धर्मशास्त्रों में लिखा है कि इस जाति की बच्चियों के साथ सहवास करने से काशी जैसे तीर्थ का पुण्य मिलता है।'
'शर्मसार करने वाला उनका ये बयान एमपी में भारी नाराजगी का कारण बना। यही नहीं देशभर में इसकी कड़ी आलोचना हुई। मामला एमपी तक नहीं दिल्ली तक गर्मा गया। यही नहीं किसी धर्मग्रंथ का स्पष्ट संदर्भ दिए बिना बरैया ने यह दावा भी किया कि...
...कुछ धर्मग्रंथों में अनुसूचित जाति समाज की महिलाओं के साथ सहवास को काशी तीर्थ के बराबर पुण्य बताया गया है। जब उनसे पूछा गया कि यह बात कहां लिखी हुई है, तब उन्होंने 'रुद्रयामल तंत्र' नामक पुस्तक का उल्लेख करते हुए कहा कि रेप कोई अकेला व्यक्ति नहीं करता, बल्कि चार पांच लोग मिलकर करते हैं। इसी सोच के कारण 4 माह और 10 माह तक की बच्चियों तक के साथ रेप हो रहा है। ये बयान उन्होंने सीधे मीडिया के सामने दिया। यहां तक कि जातिवाद उन पर इतना हावी दिखा कि उन्होंने SC ST की 1156 जातियां तक गिना दीं।
कुंवर विजय शाह ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मंच से ही सैन्य महिला अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादत टिप्पणी करके सियासी भूचाल ला दिया था। मध्यप्रदेश सरकार के जनजातीय विभाग और भोपाल गैस त्रासदी विभाग के मंत्री विजय शाह ने महू में एक कार्यक्रम के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर विवादित टिप्पणी की थी....
'उन्होंने (आतंकियों) कपड़े उतार-उतार के हमारे हिंदुओं को मारा और मोदी जी ने उनकी बहन (कर्नल सोफिया कुरैशी) को उनकी ऐसी की तैसी करने उनके (आतंकियों के) घर भेजा। अब मोदी जी कपड़े तो उतार नहीं सकते थे, इसलिए उनकी समाज (आतंकियों के समाज) की बहन (कर्नल सोफिया कुरैशी) को भेजा कि तुमने हमारी बहनों को विधवा किया है, तो तुम्हारे समाज की बहन आकर तुम्हें नंगा करके छोड़ेगी।
उनके इस विवादित बयान पर बवाल मचने के बाद विजय शाह ने बाद में माफी भी मांगी थी। लेकिन सु्प्रीम कोर्ट ने उन पर 24 घंटे में FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे। उस समय एमपी के वो पहले ऐसे मंत्री बने जिस पर भारत की संप्रभुता, अखंडता और एकता को खतरे में डालने के कार्य करने के तहत बीएनएस की धारा 152 के तहत केस दर्ज किया गया था।
वर्ष 2013 में जब विजय शाह जनजातीय कार्य मंत्री थे। तब खंडवा में एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री विजय शाह ने पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की पत्नी पर विवादास्पद टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद उन्हें मंत्री पद से इस्तीफा तक देना पड़ा था।
यही नहीं एक और स्कूली कार्यक्रम में बालिकाओं को टी-शर्ट बांटते समय उन्होंने कहा था...
इनको दो-दो दे दो, मुझे नहीं पता ये नीचे क्या पहनती हैं…?
मंत्री विजय शाह इस बयान पर भी सार्वजनिक आलोचना झेल चुके हैं।
सितंबर 2022 में खंडवा में एक सभा को संबोधित करते हुए विजय शाह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की शादी को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। तब उन्होंने कहा था...
'अगर कोई लड़का 50-55 साल का हो जाए और शादी न करे तो लोग पूछते हैं कि कोई कमी तो नहीं है?'
इस बयान ने विजय शाह को सुर्खियों में ला दिया था।
साल 2018 में शिक्षक दिवस समारोह में भी मंत्री विजय शाह के बोल बिगड़े थे। तब भरे मंच से एक विवादित बयान देकर वे खबरों में बने रहे। तब उन्होंने कहा था,
'...अगर आज गुरु के सम्मान में ताली नहीं बजाओगे तो, अगले जन्म में घर-घर जाकर ताली बजानी पड़ेगी।'
उनके इस बयान पर किन्नर समुदाय ने काफी विरोध दर्ज कराया था।
एमपी भाजपा(MP BJP) के वरिष्ठ नेता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय पिछले दिनों मध्य प्रदेश के इंदौर में ऑस्ट्रेलियन महिला क्रिकेटर्स से छेड़छाड़ के शर्मनाक मामले पर ऐसा बयान दिया जिसने इस मामले में आग में घी डालने का काम किया। बता दें कि कैलाश विजयवर्गीय ने छेड़छाड़ की शिकार ऑस्ट्रेलियन महिला खिलाड़ियों को नसीहत देते हुए कहा था कि
'खिलाड़ियों को भी थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए थी।' उनके इस बयान से एमपी की राजनीति गरमा। विपक्ष ने जमकर हंगामा किया और मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी की मांग करता रहा। बाद में कैलाश विजयवर्गीय को सफाई देनी पड़ी थी उनका मतलब ये नहीं था…।'
लेकिन कैलाश विजयवर्गीय की जबान एक बार नहीं कई बार फिसली है। वे लड़कियों के पहनावे और कपड़ों को लेकर बयान देकर विवादों में रहे हैं। उन्होंने हाल ही में सार्वजनिक मंच से बयान दिया था कि....
'...छोटे कपड़े पहनने वाली लड़कियां अच्छी नहीं लगतीं।' यही नहीं उन्होंने भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए महिलाओं को मर्यादा में रहने की नसीहत दी थी। यहां तक कि महिलाओं और युवतियों की तुलना रामायण में रावण की बहन शुपर्णखा से तुलना तक कर दी थी।
उनके बयानों पर जमकर विवाद हुआ…इसे महिलाओं की आजादी पर हमला बताया गया। सोशल मीडिया तक पर कई महिला संगठन उनके इस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया देते रहे। वहीं विपक्ष ने हर बार की तरह इस बार भी उनकी सोच को पितृसत्तात्मक सोच करार दिया था।
-रामकिशोर, वैदिक कथावाचक
-पंडित विष्णु राजौरिया, धर्मगुरु
एक महिला और ज्योतिषाचार्य होने के नाते मैं स्पष्ट कहना चाहती हूं, कि यह कथन पूरी तरह झूठा, भ्रामक और समाज के लिए घातक है। हिन्दू धर्म के किसी भी प्रमाणिक ग्रंथ, गीता, रामायण, महाभारत, पुराण आदि में कहीं भी बलात्कार को पुण्य नहीं बताया गया है। उल्टा स्त्री पर अत्याचार करने वाले को घोर पापी कहा गया है। ज्योतिष में भी बलात्कार का कारण सुंदरता नहीं, बल्कि राहु-केतु, मंगल और शनि के दूषित प्रभाव से उत्पन्न विकृत मानसिकता है।
SC/ST/OBC महिलाओं पर अत्याचार का कारण धर्म नहीं, बल्कि उनका सामाजिक रूप से कमजोर होना है। धर्म और ज्योतिष को बदनाम न करें। अकेले फूल सिंह बरैया नहीं बल्कि कई नेता महिलाओं को लेकर अपनी घिनौनी सोच का उदाहरण दे चुके हैं। नेताओं के ऐसे बयान महिलाओं को पीड़ित बनाते हैं।
एक महिला और ज्योतिषाचार्य होने के नाते मैं कहना चाहती हूं, किसी भी दर्शन, धर्म या शास्त्र में बलात्कार को पुण्य नहीं बताया गया है। नेताओं के ऐसे बयान बलात्कार को सही ठहराने जैसा अपराध करते हैं। यह बयान महिलाओं को शर्मसार करता है और अपराधियों को हौसला देता है। धर्म हमें करुणा सिखाता है, ज्योतिष विवेक सिखाता है,
कानून न्याय सिखाता है, तीनों कहीं भी बलात्कार को स्वीकार नहीं करते। अब समय आ गया है कि ऐसे नेताओं पर तत्काल एक्शन लिया जाए…