Patrika Special News

‘वन ब्लॉक वन एक्टिविटी’ से बदल रही तस्वीर, जिमीकंद खेती से महिलाओं को मिला रोजगार

CG News: जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विहान समूह की महिलाओं ने जिमीकंद उत्पादन को अपनाकर न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि कदम बढ़ाया है।

2 min read
Mar 06, 2026
‘वन ब्लॉक वन एक्टिविटी’ से बदल रही तस्वीर, जिमीकंद खेती से महिलाओं को मिला रोजगार(photo-patrika)

CG News: छत्तीसगढ़ के दुर्गुकोवल जिले में ग्रामीण आजको बनाने की दिशा में 'वन मॉक वन एक्टिविटी पाल प्रभावी साबित हो रही है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत विहान समूह की महिलाओं ने जिमीकंद उत्पादन को अपनाकर न केवल अपनी आय बढ़ाई है, बल्कि कदम बढ़ाया है।

CG News: बिहान समूह की पहल से बढ़ी आय

जिला कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव शीरस्तगर एवं के निर्देशन तथा जनपद पंचायत निचायत सीईओ होश मडावी दुर्गाकोदल के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुरेंद्र बजारे और बीपीएस नदिनी दीवान के मार्गदर्शन में यह पहल संचालित की जा रही है। इसके प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और विपणन सहायता उपलब्ध कराई गई।

आत्मनिर्भरता की ओर 'वन ब्लॉक वन एक्टिविटी' के तहत स्थानीय संसाधनों के अनुसार गतिविधियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। दुर्गुकोदाल में जिमीकंद उत्पादन संगठित रूप से आगे बढ़ाया गया है। आने वाले समय में उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने और बाजार विस्तार को योजना है, जिससे अधिक महिलाओं को लाभ मिल सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की और मजबूती मिले।

सामूहिक प्रयास से बढ़ा उत्पादन और बिक्री

हाटकोयल, दुर्गुकोदल और पेहावारी क्लस्टर से जुड़ी स्व-सहायता समूहों की महिलाओं ने सामूहिक रूप से जिमीकंद की खेती की। स्थानीय बाजारों के साथ-साथ शादी-विवाह, जन्म संस्कार और अन्य आयोजनों में बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए।

उत्पादन किया गया, जिससे बिक्री भी बेहतर रही। महिलाओं ने लगभग 3,170 की लागत से 1,054 किंटल जिमीकंद का उत्पादन किया। बिक्री से करीब 43.950 की आमदनी हुई। यह मॉडल कम निवेश में बेहतर लाभका उदाहरण बनकर सामने आया है।

1100 से अधिक समूहों की सक्रिय भागीदारी

लोस्तर हा बागाचार पजोड़ा कोई पेडावारी, दमकस मुरसारहुल रहुल, नवागांव और हानप्तरी सहित कई गांवों में जिमीकंद उत्पादन किया गया। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार मिला और उन्हें बाहर पलायन की आवश्यकता नहीं रही।

बीपीएम नदिनी दीवान के अनुसार विकासखंड में लगभग 1,100 स्व-सहायता समूह सक्रिय है। ये समूह कृषि गतिविधियों के अलावा होटल संचालन किराना दुशान् ग्राहक सेवा केंद्र और अन्य लघु व्यवसायों के माध्यम से भी अपनी आय बढ़ा रहे हैं।

Updated on:
06 Mar 2026 03:15 pm
Published on:
06 Mar 2026 03:14 pm
Also Read
View All

अगली खबर