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PM मोदी का राजस्थान दौरा: टीकराम जूली ने की प्रधानमंत्री से स्पेशल डिमांड, क्या होता है ‘विशेष राज्य का दर्जा’?

Rajasthan Politics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को राजस्थान के बांसवाड़ा दौरे पर रहेंगे, इससे पहले प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है।
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Updated: 19 Sep 2025, 6:32 PM IST
PM Modi, Tikaram Jully, Bhajanlal Sharma
फोटो- पत्रिका नेटवर्क

Rajasthan Politics: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को राजस्थान के बांसवाड़ा दौरे पर रहेंगे, इससे पहले प्रदेश में सियासी हलचल तेज हो गई है। इस दौरे के दौरान पीएम मोदी पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर 1.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न परियोजनाओं की सौगात प्रदेशवासियों को देंगे। इस दौरान पीएम माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखेंगे।

यह योजना राजस्थान को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम होगा। इसी बीच कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राजस्थान के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग उठाकर सियासी हलचल तेज कर दी है।

जूली ने की विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग

टीकाराम जूली ने एक न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि राजस्थान मूलभूत सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनावों के दौरान जनता से बड़े-बड़े वादे किए, लेकिन हकीकत यह है कि राजस्थान में बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। जनता ने दो बार राजस्थान की सभी 25 लोकसभा सीटें भाजपा को दीं और इस बार 14 सांसद दिए, फिर भी प्रदेश की जनता को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

जूली ने कहा कि राजस्थान को विशेष राज्य का दर्जा मिलना चाहिए, ताकि प्रदेश का विकास तेजी से हो सके। जूली ने बाढ़ और अतिवृष्टि से हुए नुकसान का जिक्र करते हुए कहा कि इस साल प्रदेश में 200 से अधिक लोगों की जान गई, किसानों की फसलें बर्बाद हुईं और पशुधन को भारी नुकसान हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों को कोई राहत नहीं दी।

इसके साथ ही, उन्होंने पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) का जिक्र करते हुए कहा कि यह योजना कांग्रेस सरकार के समय शुरू हुई थी, जिसमें दो बांध बनाए गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए कितना पैसा आवंटित किया है।

विशेष राज्य का दर्जा- क्या है और क्यों जरूरी?

बताते चलें कि विशेष राज्य का दर्जा भारत में उन राज्यों को दिया जाता है जो भौगोलिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े हैं। यह प्रावधान 1969 में पांचवें वित्त आयोग की सिफारिश पर शुरू किया गया था, क्योंकि भारतीय संविधान में इसका कोई उल्लेख नहीं है। विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त करने वाले राज्यों को केंद्र सरकार से विशेष वित्तीय सहायता और कर रियायतें मिलती हैं। इसके पीछे मुख्य कारण हैं-

भौगोलिक चुनौतियाँ: पहाड़ी, दुर्गम क्षेत्रों या अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास स्थित राज्यों को यह दर्जा दिया जाता है।

आर्थिक और सामाजिक पिछड़ापन: कम प्रति व्यक्ति आय, अविकसित बुनियादी ढांचा और वित्तीय संसाधनों की कमी वाले राज्य इसके पात्र होते हैं।

जनसांख्यिकी: कम जनसंख्या घनत्व या महत्वपूर्ण जनजातीय आबादी वाले क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जाती है।

विशेष राज्य का दर्जा मिलने के लाभ

बता दें, विशेष राज्य का दर्जा प्राप्त करने वाले राज्यों को कई लाभ मिलते हैं, जो उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। क्योंकि एक तो केंद्र से अधिक वित्तीय सहायता मिलती है, इन राज्यों को केंद्र प्रायोजित योजनाओं में 90% राशि अनुदान के रूप में मिलती है, जबकि सामान्य राज्यों को कम अनुदान मिलता है।

इसके अलावा करों में रियायतें भी मिलती हैं, आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स और सीमा शुल्क में विशेष छूट दी जाती है। साथ ही धनराशि के खर्च की सुविधा भी उपलब्ध होती है। यदि कोई राज्य एक वित्तीय वर्ष में केंद्र से मिली पूरी राशि खर्च नहीं कर पाता, तो वह राशि अगले वर्ष के लिए आगे बढ़ जाती है।

वहीं, विशेष राज्य का दर्जा मिलने के बाद ऋणों में राहत प्रदान की जाती है। विशेष राज्य ऋण स्वैपिंग और ऋण राहत योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। इसके अलावा केन्द्र के बजट में उस राज्य को प्राथमिकता से स्थान मिलता है। केंद्रीय बजट का बड़ा हिस्सा इन राज्यों के लिए आवंटित किया जाता है।

यहां देखें वीडियो-


25 सितंबर को पीएम मोदी का बांसवाड़ा दौरा

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25 सितंबर को बांसवाड़ा में माही-बांसवाड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र की आधारशिला रखेंगे। इसके अलावा, पीएम कई अन्य महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शुभारंभ करेंगे, जिनमें बीकानेर-दिल्ली कैंट और जोधपुर-दिल्ली कैंट वंदे भारत एक्सप्रेस, साथ ही उदयपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, पीएम कुसुम योजना के लाभार्थियों से संवाद करेंगे। स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं के तहत सौर, पवन और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से संबंधित योजनाओं का लोकार्पण भी होगा।

CM भजनलाल ने की तैयारियों की समीक्षा

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने पीएम के दौरे की तैयारियों को लेकर बीते गुरुवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय पर तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। सीएम ने सुरक्षा, यातायात और पार्किंग व्यवस्था के लिए गृह और परिवहन विभाग को विशेष जिम्मेदारी सौंपी। साथ ही, आयोजन स्थल पर बैठने की व्यवस्था, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाओं को सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए।

Updated on:
19 Sep 2025, 6:32 PM IST
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