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Rural Banking Expansion in CG: छत्तीसगढ़ में बदल रहा बैंकिंग का भूगोल, गांव और कस्बे बने नए फाइनेंशियल हब, देखें स्पेशल रिपोर्ट

Rural Banking Expansion in Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में बैंकिंग का परिदृश्य तेजी से बदल रहा है। जो बैंक शाखाएं कभी शहरों तक सीमित थीं, अब वे गांवों और अर्धशहरी इलाकों में तेजी से फैल रही हैं। राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की रिपोर्ट-2025 के मुताबिक प्रदेश की 71 प्रतिशत बैंक शाखाएं अब ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। खेती, स्वरोजगार, लघु उद्योग और सरकारी योजनाओं की बढ़ती पहुंच ने गांवों को बैंकों के लिए नए फाइनेंशियल हब में तब्दील कर दिया है।

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Feb 11, 2026
गांव बन रहे छत्तीसगढ़ का नया फाइनेंशियल हब (फोटो सोर्स- पत्रिका)

Rural Banking Expansion in CG: प्रदेश में बैंकिंग का नक्शा तेजी से बदल रहा है। कभी शहरों तक सीमित रहने वाली बैंक शाखाएं अब गांवों और अर्धशहरी इलाकों की ओर तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्र अब बैंकों के लिए नए फाइनेंशियल हब बनते जा रहे है। बैंकों की राज्य स्तरीय बैंकर्स कमेटी की रिपोर्ट-2025 बताती है कि अब ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में बैंक शाखाओं की संख्या प्रदेश में कुल बैंकों के मुकाबले 71 प्रतिशत है।

प्रदेश में जहां 2499 शाखाएं गांवों और कस्बों में संचालित हो रही है, वहीं शहरों में यह संख्या 1034 है। एटीएम की बात करें तो गांवों और कस्बाई क्षेत्र में जहां 1900 एटीएम है, वहीं शहरी क्षेत्रों में एटीएम की संख्या 1728 हैं। प्रदेश में कुल बैंक शाखाओं की संख्या 3533 है।

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स्व-रोजगार, लघु उद्योग बढ़े

खेती, डेयरी, छोटे उद्योग और स्वरोजगार के बढ़ने से गांवों में लोन, बचत और रोजमर्रा के लेन-देन की मांग तेजी से बढ़ी है। सब्सिडी, पेंशन और अन्य सरकारी योजनाओं की राशि सीधे खातों में पहुंचने लगी है, जिससे ग्रामीणों का बैंकिंग से जुड़ाव पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुआ है। यही कारण है कि अब सिर्फ सरकारी ही नहीं, बल्कि निजी बैंकों ने भी ग्रामीण क्षेत्रों को नए बाजार के रूप में देखना शुरू कर दिया है।

स्कूल, होटल और रेस्टोरेंट भी

ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में निजी स्कूल, मेडिकल संस्थान, इंस्टीट्यूट, होटल-रेस्टोरेंट की संख्या भी बढ़ रही है, जिसकी वजह से भी बैंकों का आकर्षण बढ़ा है। बैंकिंग विशेषज्ञों के मुताबिक, सरकारी योजनाओं के लाभ से साथ ही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) का फायदा सीधे हितग्राहियों के खाते में आ रहा है। प्रदेश में 2 करोड़ 18 लाख डेबि कार्ड सक्रिय हैं।

छत्तीसगढ़ में बैंकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर

  • बैंकों के प्रकार- ग्रामीण- अर्धशहरी- शहरी- कुल
  • सरकारी बैंक- 542- 411- 527- 1486
  • निजी बैंक- 260- 320- 333- 913
  • क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक- 502- 80- 43- 625
  • को-ऑरेटिव बैंक- 227- 65- 53- 345
  • स्मॉल फाइनेंस बैंक- 20- 66- 78- 164
  • कुल- 1551- 948- 1034- 3533

(नोट- राज्य स्तरीय बैंकिंग कमेटी की रिपोर्ट-2025के मुताबिक)

Updated on:
11 Feb 2026 02:44 pm
Published on:
11 Feb 2026 02:42 pm
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