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CG News: छत्तीसगढ़ के रिटायर्ड इंजीनियर की कहानी, एक करोड़ में बनवा रहे बेटियों के भविष्य का आशियाना, 50 सीटर बालिका हॉस्टल प्रशासन को देंगे दान

CG News: जीवनभर की कमाई में से लगभग एक करोड़ रुपए खर्च कर गरीब और सामान्य वर्ग की बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए 50 सीटर बालिका हॉस्टल का निर्माण कराया है, जिसे वे पूर्ण होने के बाद प्रशासन को दान करेंगे।

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एक करोड़ में बनवा रहे बेटियों के भविष्य का आशियाना (Photo Patrika)

CG News: @गोविंद साहू। आज के समय में, जब हर प्रयास के पीछे स्वार्थ तलाशा जाता है, ऐसे दौर में बिना किसी अपेक्षा के समाज को लौटाया गया योगदान अपने आप में असाधारण बन जाता है। जलसंसाधन विभाग से सेवानिवृत्त कार्यपालन अभियंता रविंद्र माधवराव जगदाले ने ऐसा ही प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने अपनी जीवनभर की कमाई में से लगभग एक करोड़ रुपए खर्च कर गरीब और सामान्य वर्ग की बेटियों के सुरक्षित भविष्य के लिए 50 सीटर बालिका हॉस्टल का निर्माण कराया है, जिसे वे पूर्ण होने के बाद प्रशासन को दान करेंगे।

दिवंगत पत्नी की स्मृति में समर्पित भवन

76 वर्षीय जगदाले गौरव पथ के समीप लगभग 10 हजार वर्गफीट क्षेत्र में इस हॉस्टल का निर्माण करवा रहे हैं। यह भवन अगले एक वर्ष में पूर्ण होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि यह छात्रावास उनकी दिवंगत पत्नी रत्ना जगदाले की स्मृति को समर्पित है, जिनका निधन वर्ष 2023 में हुआ था। उनका कहना है कि यह केवल एक भवन नहीं, बल्कि उन छात्राओं के लिए सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का आधार बनेगा, जिनके लिए आवास की समस्या पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा होती है।

ऐसे मिली सेवा की प्रेरणा

रविंद्र माधवराव जगदाले बताते हैं कि उन्होंने स्वयं कक्षा नौवीं से लेकर इंजीनियरिंग तक की पढ़ाई छात्रावास और शासकीय छात्रवृत्ति के सहारे पूरी की। यह सहयोग उन्हें जनता के कर से मिला था। उसी सामाजिक ऋण को चुकाने की भावना ने उन्हें यह संकल्प लेने के लिए प्रेरित किया। तत्कालीन कलेक्टर संजय अग्रवाल के समक्ष प्रस्ताव रखने पर प्रशासन ने हॉस्टल निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध कराई।

समाज के प्रति ईमानदार सेवा की मिसाल

सेवानिवृत्ति के बाद जगदाले वर्तमान में महाराष्ट्र के एनवा गांव स्थित अपनी पैतृक भूमि पर संतरे की खेती कर रहे हैं। उनका मानना है कि बच्चों को आत्मनिर्भर बनाना ही सबसे बड़ी विरासत है। बेटियों के लिए बन रहा यह हॉस्टल केवल ईंट-सीमेंट की संरचना नहीं, बल्कि समाज के प्रति कृतज्ञता, जिम्मेदारी और निस्वार्थ सेवा की ऐसी मिसाल है, जिसे राजनांदगांव लंबे समय तक याद रखेगा।

Updated on:
14 Jan 2026 10:27 pm
Published on:
14 Jan 2026 10:00 pm
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