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क्रिप्टोकरेंसी में ठगी: असली और फर्जी ऑफर की कैसे करें पहचान? जानिए

Crypto Safety: क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करते समय नकली वेबसाइट, फर्जी ऐप, P2P फ्रॉड और सोशल मीडिया स्कैम से सावधान रहें। जानिए असली प्लेटफॉर्म की पहचान, सीड फ्रेज की सुरक्षा और फ्रॉड होने पर शिकायत का सही तरीका।
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Aug 26, 2026
Crypto Safety News
नकली वेबसाइट, P2P भुगतान और फर्जी निवेश ऑफर से सावधान रहें। (फोटो: AI)

क्रिप्टोकरेंसी में निवेश करने वालों की संख्या बढ़ने के साथ साइबर ठग भी नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। नकली क्रिप्टो एक्सचेंज, फर्जी वेबसाइट, सोशल मीडिया पर निवेश के झूठे ऑफर और P2P लेनदेन में धोखाधड़ी इसके प्रमुख तरीके हैं। ऐसे मामलों में थोड़ी सी लापरवाही से निवेशक को बड़ा आर्थिक नुकसान हो सकता है। इसलिए किसी भी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म पर पैसा लगाने या वॉलेट कनेक्ट करने से पहले उसकी प्रामाणिकता जांचना जरूरी है।

असली और फर्जी क्रिप्टो प्लेटफॉर्म की पहचान कैसे करें

क्रिप्टो फ्रॉड में ठग अक्सर लोकप्रिय एक्सचेंज या वॉलेट की नकल करने वाली वेबसाइट और ऐप तैयार करते हैं। कुछ मामलों में फर्जी वेबसाइटों को सर्च रिजल्ट में ऊपर दिखाने के लिए SEO तकनीकों का भी इस्तेमाल किया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) की एक जांच में फर्जी क्रिप्टो एक्सचेंज वेबसाइटों और कॉल सेंटर के जरिए लोगों को ठगने का मामला सामने आया था। इसलिए केवल Google पर ऊपर दिखाई देने को किसी वेबसाइट के असली होने की गारंटी नहीं मानना चाहिए।

वेबसाइट खोलने से पहले उसका डोमेन नाम, URL और आधिकारिक ऐप की जानकारी जांचें। HTTPS दिखाई देना भी अकेले वेबसाइट के असली होने का प्रमाण नहीं है, क्योंकि फर्जी वेबसाइटें भी HTTPS का इस्तेमाल कर सकती हैं।

P2P लेनदेन में रहें सावधान

P2P यानी पीयर-टू-पीयर क्रिप्टो लेनदेन में भी धोखाधड़ी के कई तरीके सामने आते हैं। इनमें नकली भुगतान स्क्रीनशॉट, थर्ड-पार्टी भुगतान, आंशिक भुगतान, भुगतान वापस लेने की कोशिश, ऑफ-प्लेटफॉर्म ट्रेड और जल्दी क्रिप्टो रिलीज करने का दबाव शामिल हो सकता है।

अगर कोई खरीदार भुगतान का स्क्रीनशॉट भेजकर क्रिप्टो तुरंत रिलीज करने को कहता है, तो केवल स्क्रीनशॉट या SMS पर भरोसा न करें। अपने बैंक या UPI ऐप में जाकर खाते में वास्तविक रकम जमा होने की पुष्टि करें।

किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर बातचीत को प्लेटफॉर्म से बाहर ले जाना भी जोखिम बढ़ा सकता है।

वॉलेट और सीड फ्रेज की सुरक्षा सबसे जरूरी

क्रिप्टो वॉलेट की सीड फ्रेज या निजी कुंजी बेहद संवेदनशील जानकारी होती है। इसे किसी व्यक्ति, वेबसाइट, ऐप, कस्टमर सपोर्ट या सोशल मीडिया अकाउंट के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। किसी अनजान वेबसाइट या dApp से वॉलेट कनेक्ट करने से पहले भी अच्छी तरह जांच करें। किसी संदिग्ध कनेक्शन की अनुमति दे दी है तो उसे हटाना और संबंधित वॉलेट की सुरक्षा जांचना जरूरी है।

सोशल मीडिया के निवेश ऑफर से रहें दूर

सोशल मीडिया पर क्रिप्टो निवेश के नाम पर आकर्षक रिटर्न का दावा करने वाले विज्ञापन और पोस्ट दिखाई दे सकते हैं। कई बार ठग किसी सेलिब्रिटी या इन्फ्लुएंसर के नाम और तस्वीर का इस्तेमाल करके भरोसा पैदा करने की कोशिश करते हैं।

गारंटीड रिटर्न, बहुत कम समय में पैसा दोगुना करने और बिना जोखिम के मुनाफे जैसे दावे खतरे के संकेत हो सकते हैं।

“पिग-बुचरिंग” जैसे स्कैम में ठग पहले ऑनलाइन दोस्ती या भरोसे का रिश्ता बनाते हैं और बाद में इनवेस्ट करने के नाम पर पैसे भेजने के लिए तैयार करते हैं।

ED की कार्रवाई से समझें ठगी का तरीका

प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई में क्रिप्टो निवेश धोखाधड़ी के ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें सोशल मीडिया और मल्टी-लेवल मार्केटिंग के जरिए लोगों को कथित ट्रेडिंग बॉट में निवेश का लालच दिया गया। जांच में सामने आया कि ऐसा ट्रेडिंग सिस्टम वास्तव में मौजूद नहीं था।

ED की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2024 में इस मामले में करीब ₹489 करोड़ की संपत्तियां अटैच की गईं और ₹1,646 करोड़ मूल्य के बिटकॉइन जब्त किए गए।

एक अलग मामले में फर्जी क्रिप्टो वेबसाइट और कॉल सेंटर के जरिए लोगों के अकाउंट को निशाना बनाया गया। इस जांच में परिवार से जुड़े बैंक खातों में करीब ₹2.18 करोड़ की राशि फ्रीज की गई थी।

इन मामलों से साफ है कि ठगी केवल निवेश के झूठे वादे से नहीं, बल्कि नकली वेबसाइट और फर्जी कस्टमर सपोर्ट के जरिए भी हो सकती है।

बैंक और वित्तीय संस्थानों की सलाह

क्रिप्टो से जुड़े ऑनलाइन फ्रॉड में फिशिंग, नकली वेबसाइट और ऐप, सोशल मीडिया स्कैम, पोंजी स्कीम तथा अनियमित ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म जैसे खतरे हो सकते हैं।

इसलिए किसी भी ऐप को इंस्टॉल करने से पहले उसके डेवलपर और आधिकारिक स्रोत की जांच करें। ऐप को दी गई परमिशन पर भी ध्यान दें और बैंक खाते में होने वाले लेनदेन की नियमित निगरानी करें।

फ्रॉड होने पर तुरंत क्या करें?

अगर आपके साथ क्रिप्टो या ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी हो गई है, तो शिकायत करने में देरी न करें।
भारत में साइबर वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में 1930 हेल्पलाइन पर तुरंत संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा National Cyber Crime Reporting Portal पर शिकायत दर्ज की जा सकती है।

National Cyber Crime Reporting Portal

शिकायत करते समय ट्रांजैक्शन आईडी, वॉलेट एड्रेस, स्क्रीनशॉट, मोबाइल नंबर, वेबसाइट URL, चैट और अन्य उपलब्ध सबूत सुरक्षित रखें।

क्रिप्टो फ्रॉड से बचने के आसान तरीके

जांच का बिंदुसुरक्षित संकेतखतरे का संकेत
वेबसाइट/ऐपआधिकारिक डोमेन और स्वतंत्र पुष्टिमिलता-जुलता या संदिग्ध डोमेन
भुगतानबैंक/UPI ऐप में रकम की पुष्टिकेवल स्क्रीनशॉट या SMS पर भरोसा
वॉलेटभरोसेमंद वेबसाइट से कनेक्शनअज्ञात वेबसाइट या dApp
सीड फ्रेजहमेशा निजी रखेंकोई व्यक्ति इसे मांग रहा हो
निवेश ऑफरजोखिम स्पष्ट और सामान्य रिटर्नगारंटीड या असामान्य रिटर्न
सोशल मीडियास्वतंत्र रूप से सत्यापननकली सेलिब्रिटी/इन्फ्लुएंसर प्रमोशन
कस्टमर सपोर्टआधिकारिक वेबसाइट/ऐप से संपर्कअचानक WhatsApp/Telegram संपर्क
शिकायत1930 और साइबर क्राइम पोर्टलशिकायत करने में देरी

क्रिप्टो फ्रॉड से बचने का मूल नियम

लिंक पर भरोसा करने से पहले URL जांचें।
भुगतान के स्क्रीनशॉट के बजाय बैंक बैलेंस जांचें।
सीड फ्रेज और निजी कुंजी कभी साझा न करें।
अज्ञात वेबसाइट से वॉलेट कनेक्ट न करें।
गारंटीड रिटर्न के लालच से बचें।
फ्रॉड होने पर 1930 पर तुरंत शिकायत करें।

रैंकिंग या सोशल मीडिया पर लोकप्रिय प्रचार प्रामाणिकता की गारंटी नहीं

बहरहाल,क्रिप्टोकरेंसी में निवेश का फैसला सोच-समझकर करें। किसी वेबसाइट का आकर्षक डिजाइन, Google पर उसकी रैंकिंग या सोशल मीडिया पर लोकप्रिय प्रचार उसकी प्रामाणिकता की गारंटी नहीं है। सत्यापन और सावधानी ही ऑनलाइन क्रिप्टो फ्रॉड से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है।

Updated on:
26 Aug 2026 02:12 pm
Published on:
26 Aug 2026 02:12 pm