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UPI पर लग सकता है Charge? ₹2,000 से ज्यादा के भुगतान पर क्या बदलेगा

UPI Charge: 2,000 रुपये से ज्यादा UPI भुगतान को लेकर शुल्क की चर्चा तेज है, लेकिन आम यूजर के लिए अभी कोई नया अनिवार्य चार्ज लागू नहीं हुआ है। संभावित बदलाव मुख्य रूप से बड़े Merchant Transactions पर MDR से जुड़ा है, जिसका असर ग्राहक से ज्यादा भुगतान लेने वाले कारोबारियों पर पड़ सकता है।
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Aug 15, 2026
UPI New Rule
₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर आम ग्राहकों के लिए कोई नया चार्ज नहीं, केवल बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR की चर्चा। (फोटो : AI )

UPI Charge: अगर आप रोजाना UPI से भुगतान करते हैं तो ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन को लेकर चल रही खबरों ने आपको भी चिंतित किया होगा। सोशल मीडिया और कई रिपोर्टों में दावा किया जा रहा है कि अब ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर शुल्क देना पड़ सकता है। लेकिन आम उपभोक्ता के लिए फिलहाल तस्वीर ऐसी नहीं है। सरकार ने साफ किया है कि सामान्य UPI यूजर से कोई नया शुल्क लागू नहीं किया गया है। संभावित बदलाव मुख्य रूप से बड़े मूल्य वाले Merchant Transactions पर लगने वाले Merchant Discount Rate यानी MDR से जुड़ा है।

क्या ₹2,000 से ज्यादा UPI भुगतान पर अभी चार्ज लग रहा है?

सबसे पहले इस भ्रम को दूर करना जरूरी है। ₹2,000 से अधिक का UPI भुगतान करने पर अभी कोई अनिवार्य नया चार्ज उपभोक्ता से नहीं लिया जा रहा है। यानी अगर आपने किसी दुकान पर ₹2,500, ₹5,000 या ₹10,000 का सामान्य UPI भुगतान किया है, तो केवल रकम ₹2,000 से ज्यादा होने के कारण आपके बैंक खाते से अलग से UPI शुल्क नहीं कट रहा है।

अधिकतर Merchant transactions भी मुफ्त बने रहेंगे

UPI के जरिये व्यक्ति से व्यक्ति यानी P2P Payment भी फिलहाल मुफ्त है। सरकार ने हालिया स्पष्टीकरण में कहा है कि आम यूजर्स पर UPI शुल्क डालने का उद्देश्य नहीं है और अधिकतर merchant transactions भी मुफ्त बने रहेंगे।

फिर ₹2,000 की चर्चा क्यों हो रही है?

₹2,000 की सीमा की चर्चा संभावित MDR व्यवस्था के कारण हो रही है। MDR यानी Merchant Discount Rate वह शुल्क है जो डिजिटल भुगतान के प्रोसेसिंग इकोसिस्टम से जुड़ा होता है। अगर भविष्य में इसे लागू किया जाता है तो इसका सीधा मतलब यह नहीं होगा कि ग्राहक के खाते से हर बार अलग से चार्ज काट लिया जाएगा।

अंतिम शुल्क दर और लागू होने की शर्तें अभी तय नहीं

मौजूदा चर्चा में संभावित मॉडल बड़े मूल्य वाले merchant transactions पर सीमित MDR लगाने का है। रिपोर्टों के मुताबिक ₹2,000 से अधिक के कुछ merchant transactions को इसके दायरे में लाने का प्रस्ताव चर्चा में है। लेकिन अंतिम शुल्क दर और लागू होने की शर्तें अभी तय नहीं हुई हैं।

आम ग्राहक पर क्या असर पड़ेगा?

मान लीजिए आपने किराने की दुकान पर ₹850 का UPI भुगतान किया। इस तरह के छोटे भुगतान पर संभावित बदलाव का असर पड़ने की संभावना कम है।

अब आपने किसी इलेक्ट्रॉनिक्स स्टोर पर ₹25,000 का मोबाइल खरीदा और UPI से भुगतान किया। अगर भविष्य में बड़े merchant transactions पर MDR लागू होता है तो यह वह श्रेणी हो सकती है जिस पर नई व्यवस्था का असर पड़ सकता है।

MDR और ग्राहक से लिया जाने वाला शुल्क एक ही चीज नहीं

यहां एक महत्वपूर्ण बात है-MDR और ग्राहक से लिया जाने वाला शुल्क एक ही चीज नहीं हैं। MDR भुगतान इकोसिस्टम में व्यापारी की तरफ से लगने वाला शुल्क हो सकता है। इसे ग्राहक से अलग से वसूल करना या कीमत में शामिल करना व्यापारी और नियामकीय नियमों पर निर्भर करेगा।

₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर आम ग्राहकों के लिए लेन-देन पूरी तरह मुफ्त है, प्रस्तावित MDR शुल्क केवल बड़े मर्चेंट ट्रांजैक्शन से जुड़ा है। ( फोटो: AI)

व्यक्ति को भेजे पैसे पर क्या होगा?

अगर आप अपने दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को UPI से ₹5,000 भेजते हैं तो यह सामान्यतः P2P transaction है। सरकार के हालिया स्पष्टीकरण के मुताबिक ऐसे भुगतान मुफ्त बने रहेंगे। इसलिए ₹2,000 से ज्यादा राशि भेजने का मतलब यह नहीं है कि अब आपको UPI charge देना पड़ेगा।

इसी तरह किसी व्यक्ति से पैसे प्राप्त करने पर भी सामान्य UPI उपयोगकर्ता के लिए शुल्क लगाए जाने की बात नहीं कही गई है। NPCI के FAQ में भी UPI से जुड़े कुछ PPI transactions के संदर्भ में ग्राहक से शुल्क नहीं लेने की बात दर्ज है।

क्या UPI पर GST लगेगा?

यहां भी काफी भ्रम है। अप्रैल 2025 में PIB ने स्पष्ट किया था कि ₹2,000 से अधिक UPI भुगतान पर GST लगाने की खबरें गलत थीं। उस समय सरकार ने कहा था कि UPI transactions पर MDR नहीं लिया जा रहा था और इसलिए उस आधार पर GST भी लागू नहीं था।
नई नीति की चर्चा जरूर चल रही

अब 2026 में MDR को लेकर नई नीति की चर्चा जरूर चल रही है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि हर ₹2,000 से अधिक UPI भुगतान पर अपने आप GST या कोई निश्चित शुल्क लग गया है। शुल्क लागू करने के लिए स्पष्ट नियम और दर तय होना जरूरी होगा।

बदलाव की जरूरत क्यों महसूस हुई?

UPI भारत के सबसे बड़े डिजिटल पेमेंट सिस्टम में बदल चुका है। NPCI के आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में UPI पर करीब 23,201.93 मिलियन यानी 2,320 करोड़ से अधिक transactions हुए और उनका कुल मूल्य करीब ₹29.90 लाख करोड़ रहा।

UPI के लंबे समय तक टिकाऊ business model को लेकर चर्चा

इतने बड़े डिजिटल नेटवर्क को चलाने में बैंक, payment apps और दूसरे ecosystem participants के लिए तकनीकी और संचालन लागत आती है। इसी वजह से UPI के लंबे समय तक टिकाऊ business model को लेकर चर्चा होती रही है।

मौजूदा प्रस्तावों का एक उद्देश्य इसी ecosystem को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाना बताया जा रहा है। लेकिन सरकार का जोर यह है कि सामान्य नागरिकों के लिए UPI को महंगा न बनाया जाए।

किन Transactions पर नजर रखें?

आम UPI यूजर को फिलहाल इन चार बातों को समझना चाहिए—

  1. P2P payment: दोस्त या परिवार को पैसे भेजना—फिलहाल मुफ्त।
  2. छोटे merchant payment: रोजमर्रा की खरीदारी के UPI भुगतान—मौजूदा व्यवस्था में कोई नया ₹2,000 वाला consumer charge लागू नहीं।
  3. बड़े merchant payment: ₹2,000 से ऊपर के कुछ commercial transactions भविष्य में संभावित MDR व्यवस्था के दायरे में आ सकते हैं।
  4. RuPay Credit Card on UPI: यह अलग payment category है। NPCI ने 2026 में RuPay Credit Card on UPI के लिए payer PSP और app fees में संशोधन किया है। कुछ छोटे offline merchant transactions, जिनकी राशि ₹2,000 तक है, इस विशेष fee revision से बाहर रखे गए हैं। यह सामान्य bank-account-to-UPI payment पर consumer charge के बराबर नहीं है।

अभी ग्राहक को क्या करना चाहिए?

इस समय UPI बंद करने या भुगतान को ₹2,000 से नीचे रखने की जरूरत नहीं है। सिर्फ सोशल मीडिया पर चल रही पोस्ट के आधार पर यह मानना सही नहीं होगा कि ₹2,000 पार करते ही खाते से अतिरिक्त पैसा कट जाएगा।

सभी की आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी

अगर भविष्य में कोई शुल्क लागू होता है तो उसकी दर, किस merchant पर लागू होगा, ग्राहक या व्यापारी में किस पर असर होगा और किन Transactions को छूट मिलेगी-इन सभी की आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी।

संभावित बदलाव सीमित Merchant Transactions पर MDR से जुड़ा

बहरहाल,UPI को लेकर ₹2,000 की सीमा की चर्चा जरूर तेज हुई है, लेकिन 15 अगस्त 2026 तक आम उपभोक्ता के लिए ₹2,000 से अधिक UPI भुगतान पर कोई नया अनिवार्य शुल्क लागू नहीं हुआ है। संभावित बदलाव सीमित Merchant Transactions पर MDR से जुड़ा है। इसलिए ₹2,000 की रकम को लेकर घबराने के बजाय यह समझना जरूरी है कि प्रस्तावित व्यवस्था किस तरह के Commercial Payments पर लागू हो सकती है।

Updated on:
15 Aug 2026 06:10 pm
Published on:
15 Aug 2026 06:10 pm