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30-40 की उम्र में क्यों बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले? जानिए क्या कहती है नई रिसर्च?

Heart Attack in Young Adults: 30 से 40 की उम्र में हार्ट अटैक से मौत के मामलों की खबर सुनकर हर कोई हैरान हो जाता है। इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक जहां हर परिवार में चर्चा का विषय बन जाता है, वहीं अपनों की फिक्र भी बढ़ा जाता है। कुछ वैज्ञानिक शोधों में सामने आया है कि सिर्फ कॉलेस्ट्रोल ही नहीं, आपके पेट की चर्बी के साथ ही हार्ट अटैक का बड़ा कारण है बदलती लाइफ स्टाइल है…
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Aug 01, 2026
Heart Attack in Young Adults
Heart Attack in Young Adults: युवाओं में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ रहा? (AI Creative)

Heart Attack in Young Adult: 30 से 40 की उम्र में हार्ट अटैक से मौत के मामलों की खबर सुनकर हर कोई हैरान हो जाता है। इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक जहां हर परिवार में चर्चा का विषय बन जाता है, वहीं अपनों की फिक्र भी बढ़ा जाता है। कुछ वैज्ञानिक शोधों में सामने आया है कि सिर्फ कॉलेस्ट्रोल ही नहीं, आपके पेट की चर्बी के साथ ही हार्ट अटैक का बड़ा कारण है बदलती लाइफ स्टाइल है…

हार्ट अटैक कभी 60-70 साल की उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर तेजी से बदल चुकी है। अस्पतालों में 30 से 40 साल के युवाओं में हार्ट अटैक के मामले पहले की तुलना में ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। कई मामलों में ऐसे लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं जिन्हें पहले से कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। ऐसे में सवाल है कि आखिर ऐसा क्यों हो रहा है?

दिल पर सबसे बड़ा हमला कर रही बदलती लाइफस्टाइल

डॉ. विक्रम बताते हैं कि आज का युवा घंटों कंप्यूटर या मोबाइल स्क्रीन के सामने बैठा गुजार देता है। शारीरिक गतिविधियां बहुत ही कम हो गई है, जबकि बाहर का खाना, मीठे पेय और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गए हैं। इस पर लगातार तनाव और देर रात तक जागने की आदत शरीर में ऐसे हार्मोन बढ़ाती है, जो रक्तचाप और हृदय पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं।

सिर्फ मोटापा नहीं, पेट की चर्बी भी है खतरे की घंटी

कई लोग वजन सामान्य होने पर खुद को स्वस्थ मान लेते हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार पेट के आसपास जमा चर्बी (Abdominal Fat) दिल की बीमारियों का बड़ा जोखिम कारक है। यह शरीर में सूजन बढ़ाती है और ब्लड शुगर के साथ ही कोलेस्ट्रॉल को प्रभावित करती है।

Heart Attack Symptoms: AI Infographic

तनाव और नींद की कमी भी छिपा खतरा

लगातार काम का दबाव, आर्थिक चिंता, डिजिटल स्क्रीन पर बढ़ता समय और कम नींद शरीर को पूरी तरह आराम नहीं करने देते। इससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है, हार्ट रेट असामान्य हो सकती है और धमनियों पर असर पड़ता है। कई युवाओं में यह जोखिम वर्षों तक बिना किसी लक्षण के बढ़ता रहता है।

धूम्रपान, वेपिंग और शराब भी बढ़ा रहे खतरा

सिगरेट ही नहीं, ई-सिगरेट और वेपिंग को भी कई लोग सुरक्षित मान लेते हैं। लेकिन निकोटिन नसों तक को नुकसान पहुंचाता है। इससे खून के थक्के बनने का खतरा बढ़ सकता है। नियमित शराब का सेवन भी लंबे समय में ब्लड प्रेशर और दिल पर सीधा असर डालता है।

एम्स भोपाल के कार्डियोलॉजिस्ट और सर्जन डॉ. विक्रम वट्टी का कहना है कि हाल ही में हुए कई वैज्ञानिक शोधों में सामने आया है कि कम उम्र में हार्ट अटैक की वजह सिर्फ बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल नहीं है। तनाव, खराब नींद, प्रोसेस्ड फूड, शारीरिक निष्क्रियता, प्रदूषण और अनियंत्रित ब्लड शुगर जैसे कई कारण एक साथ मिलकर कम उम्र में दिल को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

Heart Attack in young Adults risk: AI Infographic

क्या सिर्फ जिम जाने से दिल सुरक्षित हो जाएगा?

विशेषज्ञ कहते हैं कि केवल सप्ताह में दो-तीन दिन जिम जाना पर्याप्त नहीं है। अगर पूरे दिन बैठकर काम किया जाता है, धूम्रपान होता है, नींद कम ली जाती है और खानपान खराब है, तो व्यायाम अकेले पर्याप्त सुरक्षा नहीं दे सकता।

दिल को बचाने के लिए अपनाएं ये 7 आदतें

  • रोज कम से कम 30 मिनट तेज चाल से चलें।
  • फल, सब्जियां, साबुत अनाज और प्रोटीन वाला संतुलित भोजन लें।
  • धूम्रपान और वेपिंग से पूरी तरह दूरी बनाएं।
  • 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें।
  • तनाव कम करने के लिए योग, ध्यान या कोई पसंदीदा गतिविधि अपनाएं।
  • ब्लड प्रेशर, शुगर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं।
  • परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास हो तो 30 वर्ष की उम्र के बाद समय-समय पर हृदय जांच कराएं।

डॉक्टर्स ने चेताया, सुधारनी ही होगी लाइफ स्टाइल

दुनिया भर के डॉक्टर्स और शोधकर्ताओं का यही कहना होगा कि अब कम उम्र अब हार्ट अटैक से सुरक्षा की गारंटी नहीं है। वह इस बात पर जोर देते हैं कि यदि जीवनशैली लगातार बिगड़ती रही तो 30-40 वर्ष की उम्र भी जोखिम से बाहर नहीं है। अच्छी बात यह है कि नियमित जांच, संतुलित खानपान, पर्याप्त नींद और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। दिल की बीमारी अचानक नहीं होती, उसके संकेत शरीर पहले से देता है, केवल जरूरत है उन्हें समय रहते पहचानने की।

Updated on:
01 Aug 2026 10:00 am
Published on:
01 Aug 2026 10:00 am