
छोटे और मध्यम उद्यमों को आर्थिक संबल देने के लिए केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री मुद्रा योजना’ (PMMY) एक गेम-चेंजर साबित हुई है। इस योजना का मक़सद उन उद्यमियों को वित्तीय मदद मुहैया कराना है, जो बिना किसी गिरवी (Collateral-free) के अपना कारोबार शुरू या विस्तार करना चाहते हैं। बजट घोषणा के तहत सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए लोन की अधिकतम सीमा में ऐतिहासिक बढ़ोतरी की है।
केंद्र सरकार ने मुद्रा योजना के तहत लोन की अधिकतम सीमा को ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दिया है। अब यह योजना चार प्रमुख श्रेणियों में विभाजित है:
शिशु ऋण: ₹50,000 तक (नए कारोबार की शुरुआत के लिए)।
किशोर ऋण: ₹50,000 से ₹5 लाख तक।
तरुण ऋण: ₹5 लाख से ₹10 लाख तक।
तरुण प्लस (नया वर्ग): ₹10 लाख से ₹20 लाख तक।
तरुण प्लस श्रेणी: यह श्रेणी विशेष रूप से उन सफल उद्यमियों के लिए है, जिन्होंने पूर्व में 'तरुण' श्रेणी का लोन लिया था और उसका समय पर भुगतान (Repayment) पूरा किया है।
सामान्य पात्रता: गैर-कॉर्पोरेट और गैर-कृषि लघु एवं सूक्ष्म उद्यम (विनिर्माण, व्यापार, फल-सब्ज़ी विक्रेता, खुदरा व्यापारी और सर्विस सेक्टर)।
आयु सीमा: न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम 65 वर्ष।
मुद्रा योजना के तहत किसी भी संपत्ति या ज़मीन को बैंक के पास गिरवी रखने की ज़रूरत नहीं होती। यह ऋण भारत सरकार के ‘क्रेडिट गारंटी फंड फॉर माइक्रो यूनिट्स’ (CGFMU) द्वारा कवर होता है, जिससे बैंकों का ज़ोख़िम कम होता है और उद्यमियों को आसानी से पूंजी मिल जाती है।
मुद्रा लोन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुगम है:
ऑनलाइन: आधिकारिक JanSamarth Portal (jansamarth.in) या ‘उद्यमी मित्र’ पोर्टल के ज़रिए सीधे ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
ऑफलाइन: नजदीकी सरकारी/निजी वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), या पंजीकृत एनबीएफसी (NBFC) की शाखा में जा कर संपर्क करें।