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Tonk News: 399 सिम का प्रयोग कर खड़ा किया साइबर ठगी गिरोह, खरीदी लग्जरी कारें, 11 आरोपी गिरफ्तार

राजस्थान के टोंक जिले से साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने 399 सिम का इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बनाया। मामले में 2 करोड़ से अधिक की ठगी का खुलासा होने की उम्मीद है।
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टोंक

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Kamal Mishra

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Updated: 28 Aug 2026, 4:43 PM IST

tonk news

Tonk: साइबर ठगों से जब्त किए गए मोबाइल, नकदी, लैपटॉप व अन्य सामान। (फोटो-पत्रिका)

टोंक। फर्जी सिम कार्ड से मोबाइल नेटवर्क खड़ा कर फर्जी बैंक खातों में ठगी की रकम मंगवाकर और सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाने वाले साइबर ठगी के संगठित नेटवर्क की परतें खुली तो पुलिस भी चौंक गई। गिरोह ने 399 सिम कार्ड का इस्तेमाल किया और साइबर क्राइम पोर्टल पर इस गिरोह के सदस्यों के विरुद्ध 81 शिकायतें दर्ज मिली। दत्तवास थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गिरोह के 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में करीब दो करोड़ रुपए की साइबर ठगी का खुलासा होने की संभावना है।

ठगी की कमाई से खरीदी कारें

पुलिस ने बताया गिरोह के सदस्य साइबर ठगी से अर्जित रकम को फर्जी बैंक खातों और म्यूल अकाउंट के जरिए इधर-उधर करते थे। इसके बाद रकम को एटीएम सहित अन्य माध्यमों से निकाल लिया जाता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी की राशि से खरीदी गई 3 कारें जब्त की हैं। इसके अलावा 37 हजार 210 रुपए की रकम भी बरामद की गई है।

मोबाइल से लैपटॉप तक पूरा साइबर सेटअप

पुलिस की कार्रवाई में आरोपियों के पास से चार आइफोन 17 अल्ट्रा, गैलेक्सी सहित पांच एंड्रॉयड मोबाइल और करीब 90 हजार रुपए कीमत का लैपटॉप बरामद किया है। ठगी की रकम म्यूल अकाउंट से निकालने में इस्तेमाल किए जा रहे चार एटीएम कार्ड भी पुलिस के हाथ लगे हैं। पुलिस अब अन्य मोबाइल फोन, वाई-फाई डिवाइस, लैपटॉप और प्रोजेक्टर डिवाइस की बरामदगी के लिए आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

गिरोह में कई चेहरे और फर्जी पहचान

साइबर ठगी गैंग की पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग पहचान और फर्जी दस्तावेजों के सहारे सिम कार्ड तथा बैंक खाते हासिल कर साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित करते थे। सोशल मीडिया पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों से संपर्क किया जाता और इसके बाद उन्हें अलग-अलग तरीकों से ठगी का शिकार बनाया जाता था। ठगी की रकम को म्यूल अकाउंट में पहुंचाने के बाद गिरोह के सदस्य उसे निकाल लेते थे।

81 शिकायतों ने खोला राज

गुरुवार की देरशाम को डीएसटी और दत्तवास पुलिस टीम ने आरोपियों को डिटेन कर साइबर पोर्टल पर उनके रिकॉर्ड की जांच की। जांच में आरोपियों के खिलाफ एनसीआर पोर्टल और हेल्पलाइन से जुड़ी कुल 81 शिकायतें सामने आई। शिकायतों की संख्या सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के नेटवर्क और लेन-देन की कड़ियां खंगालनी शुरू कर दी हैं।

प्रारंभिक जांच में गिरोह का नेटवर्क काफी बड़ा होने के संकेत मिले हैं। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ अभी जारी है। पूछताछ में साइबर ठगी की रकम करीब दो करोड़ रुपए तक पहुंचने का अनुमान है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने किन-किन लोगों को निशाना बनाया, ठगी की रकम किन खातों में पहुंचाई गई और नेटवर्क में इनके साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं।

ये आरोपी गिरफ्तार

दत्तवास थानाधिकारी निरमा ने बताया कि साइबर ठगी के आरोप में पुलिस ने महेश मीणा (25) पुत्र चौथमल मीणा पंचाला अलीगढ़, राहुल मीणा (29) पुत्र चौथमल मीणा निवासी पंचाला अलीगढ़, विजेन्द्र मीणा (28) पुत्र घनश्याम मीणा निवासी हैदरीपुरा अलीगढ़, सोनू मीणा (22) पुत्र रमेशचंद मीणा निवासी पंचाला अलीगढ़, मनीष मीणा (24) पुत्र हनुमान मीणा पंचाली अलीगढ़, अरविन्द मीणा (25) पुत्र जगदीश मीणा निवासी पंचाला, रोहित मीणा (20) पुत्र लड्डूलाल मीणा निवासी पंचाला रिंकेश उर्फ रिंकु मीणा (18) पुत्र रामस्वरूप मीणा निवासी पंचाला, नमोनारायण मीणा (21) पुत्र रामस्वरूप मीणा निवासी बिशनपुरा अलीगढ़, अंशुमान मीणा (22) पुत्र रामप्रकाश मीणा निवासी पंचाली और सौरभ मीणा (23) पुत्र राजेश मीणा को गिरफ्तार किया है।

यह वीडियो भी देखें :

नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस

आरोपियों के विरुद्ध आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। प्रकरण का अनुसंधान निवाई थानाधिकारी घासीराम की ओर से की जा रही है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों, फर्जी सिम और बैंक खातों की सप्लाई करने वालों तथा ठगी की रकम के पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने में लगी है।