
बीसलपुर बांध में भरा पानी (पत्रिका फोटो)
Bisalpur Dam Water Level: राजमहल: राजधानी जयपुर सहित अजमेर और टोंक जिले की लाइफलाइन माने जाने वाले बीसलपुर बांध के इस बार अगस्त में छलकने की उम्मीद अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ने लगी है। मानसून की बेरुखी के चलते बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश का दौर थमने से जलस्तर बढ़ने की रफ्तार काफी धीमी हो गई है।
बांध परियोजना के सहायक अभियंता दिनेश बैरवा ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से बांध के कैचमेंट एरिया एवं निकटवर्ती जलभराव क्षेत्र में पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। इसके चलते जलापूर्ति और वाष्पीकरण में खर्च होने वाले पानी के बाद बांध का गेज करीब दो दिन में महज एक सेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ रहा है।
19 अगस्त को बांध का गेज 314.05 आरएल मीटर था, जिसमें 28.633 टीएमसी पानी था। 20 अगस्त को भी गेज में कोई बदलाव नहीं हुआ। 21 अगस्त को गेज एक सेंटीमीटर बढ़कर 314.06 आरएल मीटर हो गया, जिसमें 28.702 टीएमसी जलभराव दर्ज किया गया। 22 अगस्त सुबह 6 बजे तक गेज 314.06 आरएल मीटर पर स्थिर रहा।
बांध क्षेत्र में पिछले 24 घंटे में बारिश शून्य दर्ज की गई। इस मानसून सीजन में अब तक कुल 501 मिमी बारिश हुई है। वहीं, जलभराव में सहायक भीलवाड़ा जिले के बिगोद स्थित त्रिवेणी का गेज भी 10 सेंटीमीटर घटकर 2.40 मीटर रह गया है। इससे बीसलपुर बांध में पानी पहुंचने की रफ्तार और धीमी हो गई है।
बीसलपुर बांध परियोजना के अभियंताओं के अनुसार, बांध से रोजाना करीब एक सेंटीमीटर पानी जलापूर्ति और वाष्पीकरण में खर्च हो रहा है। इसके मुकाबले करीब 48 घंटे में एक सेंटीमीटर पानी की बढ़ोतरी हो रही है। जलस्तर में यह बढ़ोतरी कैचमेंट एरिया के भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ जिलों में हुई बारिश से बनास नदी में एकत्र बजरी के नीचे बह रही जलधारा के कारण हो रही है। यह पानी नदी की सतह पर दिखाई नहीं देता, लेकिन धीरे-धीरे बांध तक पहुंच रहा है।
Updated on:
24 Aug 2026 02:44 pm
Published on:
24 Aug 2026 02:44 pm
