
जेल के बाहर मौजूद पुलिस और इनसेट में मृतक गणदेव गुर्जर (पत्रिका फोटो)
Tonk Jail Prisoner Ganadev Gurjar Death: राजस्थान के टोंक जिला जेल में एक कैदी की मौत के बाद बुधवार-गुरुवार की दरमियानी देर रात हालात अचानक बेकाबू हो गए। जेल में बंद कैदी गणदेव गुर्जर की जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इस घटना से आक्रोशित कैदियों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बगावत का बिगुल फूंक दिया और शाम के खाने का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया।
जेल में बंद कैदी गणदेव गुर्जर की तबीयत बिगड़ने पर बुधवार को उसे पहले स्थानीय अस्पताल और फिर बेहतर इलाज के लिए जयपुर भेजा गया था, जहां उसने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही कैदियों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने जेल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए देर रात तक जोरदार हंगामा किया। स्थानीय जेल अधिकारियों की समझाइश नाकाम रहने पर जिला प्रशासन को तुरंत सूचित किया गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम, तहसीलदार और सीओ सिटी के नेतृत्व में पांच थानों की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए रिजर्व पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। स्थिति पर जल्द काबू पाने के लिए डीएसटी और क्यूआरटी की विशेष टीमों को तुरंत जेल परिसर के भीतर भेजा गया।
वरिष्ठ अधिकारियों ने जेल के अंदर जाकर आक्रोशित बंदियों से बातचीत की। मामले की निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद रात करीब एक बजे कैदी शांत हुए और हालात नियंत्रण में आए। हंगामे के बाद जेल में शांति बहाल कर दी गई है, लेकिन इतनी बड़ी घटना पर प्रशासनिक अधिकारी मीडिया के सामने कुछ भी बोलने से बचते दिखे। कैदी की मौत और बंदियों के इस उग्र प्रदर्शन ने जेल की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बताते चलें कि टोंक जिला कारागृह में बंद 32 वर्षीय विचाराधीन बंदी गणदेव गुर्जर की जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। मृतक सवाई माधोपुर जिले के पांवड़ेरा (चौथ का बरवाड़ा) का निवासी था और पिछले आठ महीने से मारपीट व एससी-एसटी एक्ट के एक मामले में टोंक जेल में बंद था।
जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह गणदेव की तबीयत बिगड़ने पर उसे पहले टोंक के सआदत अस्पताल ले जाया गया। जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए जयपुर रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, मौत का प्राथमिक कारण हार्ट अटैक बताया जा रहा है।
घटना के बाद परिजनों ने जेल प्रशासन पर लापरवाही और समय पर इलाज न करवाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के भाई बसराम गुर्जर का कहना है कि गणदेव को मंगलवार शाम से ही सीने में दर्द की शिकायत थी और रातभर तड़पने के बावजूद उसे अस्पताल नहीं ले जाया गया। परिजनों ने जयपुर के एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी के बाहर विरोध-प्रदर्शन भी किया।
परिजनों ने जेलर और संबंधित अधिकारियों को निलंबित करने, पूरे मामले की न्यायिक जांच कराने, तथा मृतक की पत्नी को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता देने की मांग की है। गणदेव अपने पीछे पत्नी और तीन महीने की बेटी को छोड़ गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
Updated on:
13 Aug 2026 08:48 am
Published on:
13 Aug 2026 08:39 am
