
Rani Laxmibai Scooty Yojana 2026 : उत्तर प्रदेश सरकार ने बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई हालिया कैबिनेट बैठक में इस योजना के क्रियान्वयन संबंधी दिशा-निर्देशों (SOP) को औपचारिक मंजूरी दे दी गई है। इसका मतलब है कि योजना अब सिर्फ ऐलान भर नहीं रही, बल्कि ज़मीन पर उतरने के लिए पूरी तरह तैयार है।
यह योजना भाजपा के 2022 विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में किए गए वादे को पूरा करने की दिशा में उठाया गया कदम है। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के मुताबिक, इसका मकसद सिर्फ छात्राओं को एक वाहन देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के तीन मुख्य लक्ष्य हैं-
योजना का नाम झांसी की रानी लक्ष्मीबाई के नाम पर रखा गया है, जो नारी शक्ति, साहस और स्वतंत्रता की प्रतीक मानी जाती हैं, यानी नाम खुद ही योजना की भावना को दर्शाता है।
यह योजना सिर्फ स्कूटी देने तक सीमित नहीं है। साथ में यह सब भी मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा:
यानी छात्रा को स्कूटी हाथ में लेते ही उसे चलाने के लिए तुरंत जरूरी हर चीज मिल जाएगी। अलग से पंजीकरण कराने या बीमा कराने का झंझट नहीं रहेगा। स्कूटियों की खरीद पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सरकारी GeM (गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस) पोर्टल के जरिए की जाएगी।
यह समझना जरूरी है कि यह योजना अभी कॉलेज में पढ़ रही सामान्य छात्राओं के लिए रोजमर्रा की सवारी उपलब्ध कराने की स्कीम नहीं है। यह खासतौर पर स्नातक (ग्रेजुएशन) पास कर चुकी मेधावी छात्राओं के लिए है। कैबिनेट से मंजूर दिशा-निर्देशों के मुताबिक पात्रता इस तरह तय की गई है।
यानी यह योजना कॉलेज तक "आने-जाने" की समस्या हल करने के लिए नहीं है, बल्कि स्नातक पूरा कर चुकी टॉप मेधावी छात्राओं को आगे की पढ़ाई और करियर की दिशा में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक प्रोत्साहन (इंसेंटिव) के तौर पर दी जा रही है। कैबिनेट की मंजूरी के मुताबिक इस योजना से प्रदेश की लगभग 50,000 मेधावी छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा।
सरकार ने कुछ खास वर्गों के लिए मेरिट और आय-सीमा दोनों शर्तों में राहत देने का फैसला किया है। इन श्रेणियों की छात्राओं को बिना मेरिट सूची में आए भी सीधे स्कूटी दी जाएगी:
इसके अलावा, जिन छात्राओं के परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से कम होगी, उनके लिए स्कूटी का रजिस्ट्रेशन शुल्क और वाहन बीमा का पूरा खर्च भी राज्य सरकार खुद वहन करेगी।
11 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक का यूपी बजट पेश किया था, जिसमें रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के लिए 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। यह बजट खास तौर पर प्रदेश की 'आधी आबादी' यानी महिलाओं और बेटियों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया था, जिसमें कौशल विकास केंद्रों से लेकर महिला रोजगार तक की कई योजनाएं शामिल हैं।
उच्च शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी ही दी जाएगी, इलेक्ट्रिक नहीं। सरकार का तर्क है कि इलेक्ट्रिक स्कूटर अपेक्षाकृत महंगी हैं, और ग्रामीण क्षेत्रों में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की उपलब्धता अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी वजह से स्कूटी के साथ 4 लीटर पेट्रोल भी मुफ्त दिया जा रहा है, ताकि छात्रा को शुरुआत में तुरंत परेशानी न हो।
एक अच्छी बात यह है कि इस योजना के लिए छात्राओं को खुद कोई अलग सामान्य ऑनलाइन फॉर्म भरने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। कैबिनेट से दिशा-निर्देश मंजूर होने के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग हर विश्वविद्यालय और महाविद्यालय से टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं की सूची तैयार करवाएगा, और संस्थान-स्तर पर ही मेरिट के आधार पर पात्र छात्राओं का चयन किया जाएगा। इससे प्रक्रिया आसान और पारदर्शी दोनों बनी रहेगी। विस्तृत क्रियान्वयन संबंधी और जानकारी उच्च शिक्षा विभाग द्वारा समय-समय पर जारी की जाती रहेगी।