तीन नवम्बर को कुल शरीफ की रस्म के साथ उर्स का होगा ख़त्म, सुबह फ़ज्र की नमाज के बाद हलका शरीफ व बाद नमाजे़ ईशा में आल इंडिया मुशायरा होगा
पीलीभीत। हुजुर शेरे-बेश-अहले सुन्नत मौलाना मोहम्मद हशमत अली खां का 60वां उर्स-ए-हशमती व हज़रत अल्लाम मौलाना मुफ्ती मोहम्मद मुशाहिद रज़ा खां का 21वां उर्स-ए-मुशहिदी का आगाज़ परचम कुशाई के साथ शान ओ शौकत से किया गया। जिसमें खानकाह के सज्जादानशीन नें सभी को उर्स की मुबारक दी और कौम व मिल्लत की तरक्क़ी की दुआएं फरमाई।
तीन दिन चलेगा उर्स
60वां उर्स-ए-हशमती व 21 वां उर्स-ए-मुशाहिदी के उर्स का आगाज परचम कुशाई के साथ किया गया। परचम कुशाई से उर्स-ए-हशमती व उर्स-ए-मुशाहिदी की शुरूआत की गई। दरगाह के सज्जादानशीन मौलाना ज़रताब रज़ा खॉ ने बताया कि एक नवम्बर को सुबह फ़ज्र की नमाज के बाद हलका शरीफ होगा व बाद नमाजे़ ईशा आल इंडिया मुशायरा होगा। जिसमें देश-विदेश के शायरे इस्लाम आ रहें है। इसी के साथ दो नवम्बर को बाद नमाजे़ फ़ज्र कुरान ख्वानी, सुबह नौ बजे से दोपहर दो तक तक़रीरी प्रोग्राम होगा। जिसके बाद दोपहर तीन बजे चादर शरीफ़ का जुलूस रवाना होगा जो अपने रिवायती रास्तों से होता हुआ दरगाह शरीफ पर वापस होगा। जिसमें देश-विदेश के मुक़र्रिर आ रहें है और रात 10 बजे मुफ्ती-ए-शहर हज़रत अल्लामा मौलाना मुफ्ती मोहम्मद मुशाहिद रज़ा खॉ का कुल शरीफ मनाया जाएगा और रात डेढ़ बजे शहज़ादा-ए-आला हज़रत मुफ्ती-ए-आज़म हिंद का कुल शरीफ मनाया जाएगा और तीन नवम्बर को सुबह दस बजे हुजुर शेरे अहले सुन्नत हज़रत अल्लामा मौलाना मोहम्मद हशमत अली खॉ का 60 वां कुल शरीफ मनाया जाएगा। जिसमें कौम मिल्लत के दरगाह के सज्जादानशीन हज़रत मौलाना ज़रताब रज़ा खां दुआ फरमाएंगे। दोपहर ढ़ाई बजे आला हज़रत इमाम अहमद रज़ा खॉ का बड़ा कुल शरीफ के साथ उर्स का समापन किया जाएगा। जिसमें खानकाह के सज्जादा नशीन हज़रत अल्लामा मौलाना मुफ्ती मोहम्मद जरताब रज़ा खॉ दुआ करेगें।