पीलीभीत। उत्तर प्रदेश पीलीभीत के अमरिया में उपभोक्ताओं के खातें से फर्जीवाड़ा कर करोड़ों रुपये का गबन करने के मामले में जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। हाल ही में शिकायतकर्ता एडवोकेट इसरार अहमद ने बताया कि उन्होंने आरटीआई के जरिये विभाग से पैसा निकालने में इस्तेमाल की गई विड्रोल स्लिप की कॉपी मांगी, तो विभाग ने उन्हें कॉपी देने से मना कर दिया। हवाला दिया गया कि इस प्रकरण में जांच चल रही है।
आखिर क्यों सही जानकारी नहीं देना चाह रहा विभाग
शिकायतकर्ता एडवोकेट इसरार अहमद ने बताया कि आरटीआई के जरिये भी विभाग जानकारी नहीं देना चाह रहा है। इसके पीछे का कारण क्या है और क्या विभाग की मंशा से ये समझ नहीं आ रही है। उन्होंने बताया कि उनके खाते से भी 3 लाख 70 हजार 704 रुपये फर्जी ढंग से निकाल लिए गए थे। उन्होंने आरटीआई के जरिए विभाग से पैसा निकालने में इस्तेमाल की गई विड्रोल स्लिप की कॉपी मांगी तो विभाग ने उन्हें कॉपी देने से मना कर दिया।
करोड़ों का है मामला
शिकायतकर्ता एडवोकेट इसरार अहमद ने बताया कि 50 से भी अधिक लोगों का करोड़ों रुपए खाते से गायब हो जाना और उसके बाद सिर्फ जांच का आश्वासन देकर मामले को दबाने की कोशिश करना सरकारी तंत्र पर सवालिया निशान खड़े कर रहा है। इस मामले में पीड़ित लोगों ने जिला अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय और प्रधानमंत्री कार्यालय तक को अवगत कराया है, लेकिन अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है। जब भी कोई शिकायत करने जाता है तो यह कहकर उसको भगा दिया जाता है कि अभी जांच चल रही है जांच के बाद बताएंगे।
अभी तक नहीं निकला कोई हल
आपको बता दें कि पत्रिका की खबर के बाद पोस्ट मास्टर जनरल ने खुद अमरिया डाक घर जाकर इसकी जांच की थी और 2 महीने का समय दिया था, लेकिन समय बीत गया और कार्रवाई कुछ नहीं हुई। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विभाग ने आम लोगों के पैसे की एफआईआर तक नहीं लिखवाई है।