पार्टी हाईकमान ने पीलीभीत में संगठन में अचानक परिवर्तन किए हैं, इसके बाद माना जा रहा है कि मेनका फिर से पीलीभीत से ही चुनाव लड़ सकती हैं।
पीलीभीत। जिले में बीते चार सालों से भाजपा में चल रही गुटबाजी का आखिकार अंत हो ही गया है। हाईकमान ने जिलाध्यक्ष के पद से सुरेश गंगवार को हटाकर मेनका गांधी के करीबी राकेश गुप्ता को चौथी बार जिलाध्यक्ष बनाया है। आपको बता दें कि सुरेश गंगवार अब तक मेनका के विरोध में काम करते आ रहे थे। वहीं लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे में जिलाध्यक्ष के बदलने से शहर की राजनीति गर्म हो गई है। माना जा रहा है कि अब केन्द्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी के हिसाब से ही संगठन चलेगा और मेनका गांधी एक बार फिर पीलीभीत से चुनाव लड़ेंगी।
ये था मामला
दरअसल पीलीभीत में भाजपा की अंदरूनी गुटबाजी करीब चार सालों से चल रही थी। यहां के निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार ने केन्द्रीय मंत्री मेनका संजय गांधी के खिलाफ अपना गुट तैयार किया था। वो लोकसभा की दावेदारी भी कर रहे थे। दो गुट होने के बाद एक पक्ष केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के खिलाफ काम करता था। वे लोग मेनका के किसी कार्यक्रम में भी मंच साझा नहीं करते थे। लेकिन अब जबकि लोकसभा चुनाव नज़दीक आ गये हैं तो पार्टी हाईकमान ने अचानक फैसला लेते हुये निवर्तमान जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार को हटाकर मेनका के करीबी माने जाने वाले पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता को चौथी बार कमान सौंपी है। इससे यह साफ जाहिर हो गया है कि मेनका पीलीभीत से ही चुनाव लड़ेंगी और संगठन अब उनके ही मुताबिक रहेगा।
मेनका समर्थकों में खुशी तो कुछ अपना पद बचाने में लगे
भाजपा के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता के घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। खास बात यह है कि उनके घर सबसे ज्यादा वो लोग बधाई देने पहुंच रहे हैं जो कभी भाजपा जिला कार्यकारिणी के किसी भी कार्यक्रम से दूर रहते थे। लेकिन अब ये लोग संगठन में अपनी पैठ बनाने में जुट गये हैं। वहीं मेनका का विरोध करने वाले भी बधाई देने के लिए कतार में हैं।
महिला मोर्चा में भी परिवर्तन
जिलाध्यक्ष बदलने के साथ ही पार्टी हाईकमान ने महिला मोर्चा में भी बदलाव किया। यहां मेनका गांधी की समर्थक रेखा सिंह परिहार को महिला मोर्चा बृज क्षेत्र का क्षेत्रीय मंत्री बनाया है। वहीं भाजपा के पूर्व विधायक स्व0 बी.के. गुप्ता की भतीजी दीपशिखा गुप्ता को महिला मोर्चा का जिलाध्यक्ष बनाया है।