पीलीभीत

Tiger के हमले से बचाएगा Mobile App, इस तरह करेगा काम

Pilibhit Tiger Reserve के नवागत डिप्टी डायरेक्टर एक ऐसा Mobile App बनवा रहे हैं जो टाइगर की लोकेशन तुरंत उन तक पहुंचाएगा। ग्रामीणों को बाघ के हमले से बचाने के लिए बनाया जा रहा मोबाइल ऐप।

less than 1 minute read
Aug 01, 2019
Tiger के हमले से बचाएगा Mobile App, इस तरह करेगा काम

पीलीभीत। बढ़ते बाघ (Tiger) हमलों को रोकने के लिए पीलीभीत टाइगर रिजर्व (Pilibhit Tiger Reserve) के नए डिप्टी डायरेक्टर एक बड़ी पहल करने जा रहे हैं। डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल की मानें तो विभाग एक ऐसा ऐप (Mobile App) विकसित करने जा रहा है जिसकी मदद से एक ही क्लिक पर बाघ की लोकेशन व हमले की आशंका होने की सूचना विभाग को मिल जाएगी।

कैसे काम करेगा एप

पीलीभीत टाइगर रिजर्व (Pilibhit Tiger Reserve) के नवागत डिप्टी डायरेक्टर नवीन खंडेलवाल ने पत्रिका से बातचीत के दौरान बताया कि विभाग एक ऐसे ऐप को विकसित करने जा जा रहा है जिसके लॉन्च होते ही आसपास के ग्रामीणों को एक बड़ी राहत मिल जाएगी। डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि ऐप जीपीएस (GPS) के जरिए काम करेगा जिसे जंगल के आसपास स्थित गांव के लोगों को दिया जाएगा। इस ऐप में ऐसी सुविधा होगी जिसके चलते एक ही क्लिक पर ग्रामीण बाघ होने की सूचना विभाग को दे पाएंगे। मोबाइल में एप पर क्लिक करते ही विभाग के आला अफसरों व संबंधित रेंज के अधिकारी पर बाघ की लोकेशन स्वत: पहुंच जाएगी जिससे विभाग तेजी से रिस्पांस कर पाएगा, साथ ही साथ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि विभाग काम कर रहा है। जल्दी पीलीभीत टाइगर रिजर्व में इस ऐप को लांच किया जाएगा।

Published on:
01 Aug 2019 04:09 pm
Also Read
View All