पीलीभीत

चुनाव में बच्चे से काम कराना पड़ा महंगा, भाजपा प्रत्याशी को नोटिस जारी

बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा जीनत जहां बेगम ने बताया कि उन्होंने जब यह खबर देखी, तभी से उनका मन आहत था।
2 min read
• •
Updated: 22 Nov 2017, 10:38 AM IST
Dr. Divya Mishra
Dr. Divya Mishra

पीलीभीत। उत्तर प्रदेश नगर निकाय चुनाव के अंतर्गत नगर पालिका परिषद से भारतीय जनता पार्टी की प्रत्याशी डॉ. दिव्या मिश्रा को नोटिस जारी किया गया है। आपको बता दें कि करीब हफ्ते भर पूर्व आयोजित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में बच्चे के वेटर के रूप में काम करने की खबर पत्रिका ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी, इस खबर के बाद ही भाजपा प्रत्याशी को ये नोटिस जारी हुआ है।

13 नवम्बर की बात
13 नवम्बर को भाजपा के शहर पीलीभीत कार्यकर्ता सम्मेलन में एक बच्चा वेटर का काम कर रहा था। भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भाजपा के बरखेडा विधायक व नगर पालिका अध्यक्ष पद की प्रत्याशी मंचासीन थे। उस बच्चे के हाथ से चाय व पानी पी रहे थे। इसी बीच मीडिया ने बच्चे को चाय पिलाते वीडियो बना लिया और उस पर खबर बनाकर चलाई। एकमात्र पत्रिका ने ही इस वीडियो खबर को चलाया।

बाल कल्याण समिति ने मांगा स्पष्टीकरण
खबर का संज्ञान लेते हुये बाल कल्याण समिति ने भारतीय जनता पार्टी नगर पालिका अध्यक्ष पद की प्रत्याशी डॉ. दिव्या मिश्रा को 24 घन्टे का नोटिस जारी किया है। उन्होंने 24 घन्टे में स्पष्टीकरण मांगा है। बाल कल्याण समिति की जांच में यह भी बात सामने आयी है कि यह बच्चा प्रत्याशी डॉ. दिव्या मिश्रा के चुनाव कार्यालय पर साफ-सफाई व चाय-पानी पिलाने का काम दिहाडी पर कर रहा है।

जांच के बाद ही नोटिस
बाल कल्याण समिति की अध्यक्षा जीनत जहां बेगम ने बताया कि उन्होंने जब यह खबर देखी तभी से उनका मन आहत था। उन्होंने जांच करने के बाद यह नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि वो केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप ही काम कर रही हैं, इसीलिये नोटिस जारी किया है। अगर डॉ दिव्या मिश्रा बाल कल्याण समिति के सामने प्रस्तुत होकर अपना स्पष्टीकरण नहीं देती हैं, तो आगे की भी वैधानिक कार्यवाही हो सकती है। जानकारों का कहना है कि बाल कल्याण समिति ने मात्र प्रत्याशी को ही नोटिस जारी किया है, जबकि जपा जिलाध्यक्ष सुरेश गंगवार को भी नोटिस जारी होना चाहिए था, क्योंकि यह सम्मेलन पार्टी कार्यकर्ताओं का था न कि प्रत्याशी का।

Published on: