मास्टर साहब बच्चों को पढ़ाने के बजाए उनसे स्कूल में पहले तो झाड़ू लगवाते हैं और फिर स्कूल के मैदान में बड़ी घास छिलवाने के काम पर लगा देते हैं।
पीलीभीत। योगी सरकार सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए भले ही करोड़ों रुपए खर्च कर रही हो, लेकिन यह सरकारी शिक्षक बच्चों से स्कूल में क्या-क्या काम करवा रहे हैं ये शयद किसी ने सोचा भी नहीं होगा। ताजा तस्वीरें हम आपको पीलीभीत के विकास खण्ड बरखेड़ा के गांव भोपतपुर के सरकारी स्कूल की दिखा रहे हैं।
बच्चों से रोज लगवाया जाता है झाड़ू
यह तस्वीरें हैं बरखेड़ा ब्लॉक के भोपतपुर गांव में प्राथमिक विद्यालय की, यहां के हेडमास्टर प्रभात मिश्रा आराम से कुर्सी डाले छांव में बैठे हैं। मास्टर साहब बच्चों को पढ़ाने के बजाए उनसे स्कूल में पहले तो झाड़ू लगवाते हैं और फिर स्कूल के मैदान में बड़ी घास छिलवाने के काम पर लगा देते हैं। ऐसा आज ही नहीं हो रहा है यह सिलसिला उनका रोजाना का है।
कई सरकारी स्कूलों में बच्चों से करवाई जा रही सफाई
जरा सोचिये जिन मासूमों का भविष्य मास्टर साहब के हाथ में हैं, वो उनसे घास छिलवाने और झाड़ू देकर साफ-सफाई करवाना सिखा रहे हैं। यही वजह है कि आज भी सरकार भले ही सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर बढ़ाने के लिये करोड़ों रूपए खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत ज्यों की त्यों है। ऐसा सिर्फ इसी सरकारी स्कूल में नहीं हो रहा है बल्कि पूरे जनपद में देखा जाये तमाम और ऐसे सरकारी स्कूल हैं जहां बच्चों को पढ़ाया नहीं जाता बल्कि उनसे साफ सफाई करवायी जाती है।