राजनीति

100 दिनः मोदी सरकार ने सुशासन और आंतरिक सुरक्षा को लेकर किए 22 बड़े फैसले

- तीन नए आपराधिक कानून हुए लागू तो नेशनल फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को दिया गया बढ़ावा - केदारनाथ जैसी देश में फिर कोई आपदा आने से रोकने की बनी कार्ययोजना तो पूर्वोत्तर में शांति के लिए हुआ बड़ा समझौता

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नवनीत मिश्र

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए की तीसरी सरकार ने 9 जून को शपथ लेने के 100 दिनों के भीतर सुशासन(गुड गवर्नेंस) और देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए 22 बड़े फैसले लिए हैं। साथ ही देश के किसी भी हिस्से में ग्लेशियर झील विस्फोट के कारण केदारनाथ जैसी तबाही फिर से न दोहराई जाए, इसके लिए भी बड़ी कार्ययोजना तैयार कर बजट की व्यवस्था हुई है।

गृहमंत्रालय ने इन 100 दिनों में पूर्वोत्तर में 2 प्रमुख उग्रवादी समूहों को हथियार डालने के लिए मजबूर करने में जहां सफलता पाई, वहीं साइबर अपराध की बढ़ती चुनौती से निपटने के लिए खास एक्शन प्लान पर भी अमल शुरू किया। इसके तहत देश में 5 हजार साइबर कमांडो तैयार करने से लेकर अत्याधुनिक साइबर धोखाधड़ी शमन केंद्र की स्थापना हुई है।

2 साल में पूरी तरह नए कानून उतरेंगे धरातल पर

मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल में एक जुलाई 2024 को तीन नए आपराधिक कानून- भारतीय दंड संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू हो गए। गृहमंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, इन कानूनों को पूरी तरह से धरातल पर उतारने में कम से कम दो साल लगेंगे। इसके बाद देश की आपराधिक न्याय प्रणाली इतनी मजबूत हो जाएगी कि हर केस में शीर्ष अदालत तक से तीन साल के अंदर न्याय हो सकेगा।

गवर्नेंस और लॉ एंड ऑर्डर से जुड़े ये फैसले हुए

  • पूर्वोदय योजना में बिहार, ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और आंध्र प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए शुरू हुई योजना
  • औपनिवेशिक युग के आपराधिक कानूनों को खत्म कर एक जुलाई 2024 को 3 नए कानून लागु हए।
  • संगठित अपराध और आर्थिक अपराधों पर फोकस करते हुए फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ावा
  • गुलामी के प्रतीकों को मिटाने के क्रम में गृह मंत्रालय ने अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की राजधानी पोर्ट ब्लेयर का नाम बदलकर श्री विजयपुरम किया
  • प्रभावी आपराधिक न्याय प्रणाली के लिए 2250 करोड़ रुयये के बजट से नेशनल फॉरेंसिक इंफ्रास्ट्रक्चर एन्हांसमेंट स्कीम मंजूर
  • पेपर लीक की समस्या से निपटने के लिए सार्वजनिक परीक्षा(अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम 2024 लागू
  • लोक शिकायत निवारण के लिए सीपीजीआरएएमएस दिशा-निर्देश जारी हुए
  • लद्दाख में प्रशासनिक सुविधा के लिए 5 और नए जिले- जांस्कर, द्रास, शाम, नुब्रा और चांगथांग बने
  • हर साल 25 जून को संविधान हत्या दिवस की घोषण
  • आपदा प्रबंधन से जुड़े निर्णय
  • शहरी बाढ़ प्रबंधन, ग्लेशियर झील विस्फोट रोकने के लिए 6,350 करोड़ की परियोजनाओं को मंजूरी
  • आपदाओं से निपटने के लिए राज्यों को 12,554 करोड़ मंजूर
  • आपदा प्रबंधन अधनियम, 2005 में संशोधन के लिए आपदा प्रबंधन(संशोधन) विधेयक, 2024 लोकसभा में पेश हुआ
  • आपातकालीन कार्रवाई सहायता प्रणाली राज्यों में लागू
  • आंध्र प्रदेश की बाढ़ के लिए एक एक्सपर्ट टीम का गठन
  • आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर ये फैसले
  • 4 सितंबर को त्रिपुरा में उग्रवादी समूहों एनएलएफटी और एटीटीएफ ने केंद्र के साथ शांति समझौता कर 35 साल से चल रहा संघर्ष समाप्त किया। 328 सशस्त्र कैडर ने डाले हथियार
  • ड्रग्स की समस्या से निपटने के लिए मानस हेल्पलाइन का शुभारंभ
  • साइबर अपराध से निपटने वाले सभी स्टेहोल्डर्स के लिए समन्वय प्लेटफॉर्म शुरू
  • 5 साल में 5 हजार साइबर कमांडो
  • साइबर अपराध की सूचना देने के लिए साइबर दोस्त मोबाइल ऐप लॉन्च
  • बैंकों और वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर अत्याधुनिक साइबर धोखाधड़ी शमन केंद्र की स्थापना
  • मोबाइल नंबर, यूआरएल, वेबसाइट, आइएमआइ और अन्य पहचानकर्ताओं का सस्पेक्ट रजिस्ट्री
Published on:
16 Sept 2024 04:55 pm
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