5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

BMC मेयर चुनाव से पहले बीजेपी के बड़े नेता ने एकनाथ शिंदे को दी धमकी, कहा- ‘नाम और अस्तित्व मिटा दिया जाएगा’

गणेश नाइक ने बीजेपी को अनुशासित पार्टी बताते हुए कहा, “एक बार आदेश मिल जाए तो हम उसका पालन करते हैं। कई बार मन सहमत नहीं होता...

2 min read
Google source verification

मुंबई

image

Ashib Khan

Jan 26, 2026

Mayor Election 2026, Ganesh Naik statement, Eknath Shinde BJP Shiv Sena clash, Maharashtra politics news,

BJP नेता गणेश नाइक ने एकनाथ शिंदें को लेकर दी प्रतिक्रिया (Photo-IANS)

Mayor Election 2026: मुंबई मेयर चुनाव को लेकर बीजेपी-शिवसेना (शिंदे) में सस्पेंस बना हुआ है। इसी बीच बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री गणेश नाइक ने डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा है। BJP नेता ने कहा कि अगर पार्टी नेतृत्व उन्हें खुलकर काम करने की अनुमति दे दे, तो शिवसेना प्रमुख का राजनीतिक अस्तित्व पूरी तरह खत्म हो सकता है।

BJP-शिवसेना (शिंदे) में चल रही खींचतान

बता दें कि बीजेपी नेता नाइक की यह टिप्पणी मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआर) में राजनीतिक वर्चस्व को लेकर लंबे समय से चली आ रही उनकी और शिंदे के बीच की प्रतिद्वंद्विता के बीच आई है। खासतौर पर नवी मुंबई, ठाणे और कल्याण-डोंबिवली इलाकों को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद रहे हैं। बीजेपी और शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के राज्य और केंद्र में सहयोगी होने के बावजूद यह खींचतान जारी है।

महायुति की चुनावी रणनीति पर जताया था असंतोष

हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों के नतीजों के बाद भी बीजेपी नेता नाइक ने महायुति की चुनावी रणनीति पर असंतोष जताया था। नाइक ने कहा, “अगर बीजेपी अनुमति दे दे तो उनका नाम और अस्तित्व मिट जाएगा। मैं आज फिर यही दोहरा रहा हूं।”

बीजेपी को बताया अनुशासित पार्टी

हालांकि, उन्होंने बीजेपी को अनुशासित पार्टी बताते हुए कहा, “एक बार आदेश मिल जाए तो हम उसका पालन करते हैं। कई बार मन सहमत नहीं होता, फिर भी हमारे कार्यकर्ताओं ने पार्टी अनुशासन के कारण सहन किया और चुप्पी बनाए रखी।”

ठाणे को शिवसेना का गढ़ बताए जाने पर नाइक ने कहा, “कोई भी इलाका किसी की बपौती नहीं होता।” उन्होंने याद दिलाया कि जब वे दूसरी पार्टी में थे, तब नवी मुंबई और मीरा-भायंदर में मेयर उनके पास थे। “ठाणे हम बहुत कम अंतर से हार गए थे, लेकिन जिला बैंक और जिला परिषद हमने जीती थी।” 

नगर निकाय चुनावों को लेकर महायुति के रवैये पर नाराजगी जताते हुए नाइक ने कहा, “सांसद और विधायक जैसे पद नेताओं को मिलते हैं, लेकिन नगर निगम और परिषदें कार्यकर्ताओं की होती हैं। सभी को अलग-अलग चुनाव लड़ने देना चाहिए। नतीजों के बाद जिसके ज्यादा पार्षद हों, वही मेयर बनाए, बाकी समर्थन करें।”