2019 से पहले एक और जहां महागठबंधन की मजबूती की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं, वहीं आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात से इनकार कर दिया है।
नई दिल्ली। 2019 से पहले एक और जहां महागठबंधन की मजबूती की संभावनाएं बढ़ती जा रही हैं, वहीं आम आदमी पार्टी ने कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने की बात से इनकार कर दिया है। आप सांसद भगवंत मान ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उसके साथ किसी भी तरह के गठबंधन करने से साफ इंकार कर दिया। आप सांसद ने कहा कि कहा कि उनका व्यक्ति मत था कि धर्मनिरपेक्ष दलों को 2019 का लोकसभा चुनाव मिलकर लड़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर अभी तक किसी भी तरह की बातचीत नहीं हुई है।
आम आदमी को क्या मुंह दिखालाएंगे?
आप सांसद मान ने कहा कि उनकी पार्टी पंजाब व हरियाणा समेत दिल्ली, गोवा और चंडीगढ़ में अपने बल पर चुनाव लड़ने में पूरी तरह से सक्षम है। उन्होंने कहा कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार है और आम आदमी पार्टी विपक्ष में है। ऐसा कभी नहीं हुआ जब सत्ताधारी दल और विपक्षी पार्टी एक साथ आ जाए। अगर कांग्रेस के साथ गठबंधन कर लेंगे तो आम आदमी को क्या मुंह दिखालाएंगे? आपको बता दें कि इससे पहले आप के नेताओं ने शर्त के साथ कृषि कर्ज माफी को लेकर कांग्रेस की आलोचना की। पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद शुक्रवार को आप के दिल्ली संयोजक गोपाल राय ने कहा कि आने वाले दिनों में पार्टी स्थिति पर नजर रखेगी और उसके अनुसार फैसला लेगी। राय ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर पूछे गए सवाल पर यह बात कही।.
गठबंधन के सवाल को कल्पित बताया
गठबंधन के सवाल को कल्पित बताया आप के पंजाब के संयोजक भगवंत मान ने गठबंधन के सवाल को कल्पित बताया। पंजाब में आप विपक्ष में है, जबकि कांग्रेस सत्ता में है। मान ने कहा कि क्या आपने कभी सुना है कि विपक्षी पार्टी किसी सत्ताधारी पार्टी के साथ हाथ मिलाती है।