बिहार एनडीए में एक बार फिर सियासी घमासान शुरू हो गया है। ऐसा कहा जा रहा है कि रालोसपा की विदाई जल्द हो सकती है।
नई दिल्ली। बिहार एनडीए में घमासान थमने का नहीं ले रहा है। सीट बंटवारे और बर्चस्व की लड़ाई लगातार जारी है। जदयू और रालोसपा के बीच शुरू हुई जुबानी जंग ने नया रूप धारण कर लिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला इतना बिगड़ गया है कि एनडीए से रालोसपा की छुट्टी तय है। इतना ही नहीं सीट बंटवारे को लेकर नया फॉर्मूला भी तय हो गया है।
कुशवाहा की छुट्टी तय!
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जल्द ही उपेन्द्र कुशवाहा की एनडीए से छुट्टी हो सकती है। कहा जा रहा है कि अगामी लोकसभा चुनाव में एनडीए बगैर कुशवाहा के चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी में है। वहीं, नये फॉर्मूले के के अनुसार बिहार में भाजपा और जदयू तय सीटों के मुताबिक 17-17 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। वहीं, रामविलास पासवान की पार्टी लोजपा को छह सीटें दी जाएंगी। इस प्रस्तावित फॉर्मूले के मुताबिक आरएलएपी को एनडीए से बाहर जाना होगा। हालांकि, रालोसपा ने अभी अपना रुख साफ नहीं किया है कि वो क्या करेंगे? लेकिन, अब उनके महागठबंधन में जाने के पूरे आसार नजर आ रहे हैं। शरद यादव से मुलाकात के बाद रालोसपा ने नई रणनीति तैयार की है जिसके तहत अब कुशवाहा की पार्टी महागठबंधन का हिस्सा हो सकती है। बता दें कि एनडीए ने उपेंद्र कुशवाहा के सामने दो सीटों का प्रस्ताव रखा था, जिसे कुशवाहा ने पहले ही ठुकरा दिया था। अपनी ताकत को बताते हुए कुशवाहा ने ज्यादा सीटें मांगी थीं और इसके बाद वो लगातार अमित शाह से मिलने की कोशिश करते रहे, लेकिन भाजपा अध्यक्ष ने उन्हें वक्त नहीं दिया। वहीं, सीएम नीतीश द्वारा 'नीच' प्रकरण के बाद से कुशवाहा लगातार नीतीश पर हमला बोल रहे थे। ऐसे में ये माना जा रहा है कि एनडीए ने उन्हें अलग करने का मन बना लिया है।
गौरतलब है कि पिछले लोकसभा चुनाव में बिहार की 40 लोकसभा सीटों में से 31 पर एनडीए ने सफलता पाई थी। जिसमें 22 सीटें भाजपा, 6 सीटें लोजपा और 3 राष्ट्रीय लोकसमता पार्टी यानी उपेंद्र कुशवाहा को मिली थीं। अकेले चुनाव लड़ रही जेडीयू को महज 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा था।