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NCP को खल रही अजित दादा की कमी! भाजपा-शिवसेना के कड़े रुख से अपनी ही सीटें बचाना हुआ मुश्किल

Maharashtra Politics: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भरोसा जताया है कि महायुति गठबंधन आपसी बातचीत से नासिक, संभाजीनगर और पुणे जैसी सीटों पर जल्द ही एक सर्वसम्मत समाधान निकाल लेगा।

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मुंबई

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Dinesh Dubey

May 26, 2026

Sunetra Pawar Ajit Pawar successor

सुनेत्रा पवार और अजित पवार (Photo: ANI)

महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए 18 जून को होने वाले चुनाव से पहले महायुति गठबंधन में सीट बंटवारे को लेकर जबरदस्त खींचतान शुरू हो गई है। नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन महायुति में शामिल भाजपा, एकनाथ शिंदे की शिवसेना और सुनेत्रा पवार की एनसीपी के बीच अब तक अंतिम सहमति नहीं बन पाई है। खासतौर पर पुणे, रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग और परभणी-हिंगोली सीटों को लेकर सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर तनाव बढ़ता दिख रहा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महायुति में भाजपा के 12 सीटों पर, शिवसेना के 3 सीटों पर और एनसीपी के 2 सीटों पर चुनाव लड़ने के फॉर्मूले पर चर्चा चल रही है। हालांकि शिवसेना सात सीटों की मांग कर रही है, जबकि एनसीपी भी कम से कम तीन सीटों पर दावा ठोक रही है। एनसीपी की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि पुणे, हिंगोली-परभणी और रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीटों पर उसका जनाधार मजबूत है, इसलिए ये सीटें उन्हें दी जाएं।

एनसीपी पुणे और रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीटों की मांग पर अड़ी हुई है। ये दोनों सीटें फिलहाल एनसीपी के पास ही हैं। पुणे सीट का प्रतिनिधित्व अनिल भोसले ने किया था, जबकि रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट से अनिकेत तटकरे विधान परिषद सदस्य रहे हैं। इसके बावजूद भाजपा और शिवसेना दोनों ही इन सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा जता रहे हैं, जिससे एनसीपी खेमे में असंतोष बढ़ गया है।

एनसीपी का 3 सीटों पर दावा

एनसीपी के वरिष्ठ नेता और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे ने साफ कहा कि पुणे में एनसीपी के वोटर सबसे ज्यादा हैं और पार्टी का इस सीट पर स्वाभाविक अधिकार बनता है। उन्होंने कहा कि महायुति मिलकर चुनाव लड़ रही है और सीट बंटवारे पर अंतिम फैसला सामूहिक रूप से होगा। भरणे ने यह भी कहा कि पुणे सीट को लेकर सुनेत्रा पवार जो निर्णय लेंगी, पार्टी उसी के अनुसार आगे बढ़ेगी।

इसके अलावा, एनसीपी नेताओं का यह भी तर्क है कि अहिल्यानगर (अहमदनगर) सीट भी पहले उन्हीं के पास थी (अरुणकाका जगताप)। अगर भाजपा और शिवसेना अपनी जीती हुई सीटों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं, तो अहिल्यानगर सीट भी एनसीपी को ही मिलनी चाहिए, जिस पर वर्तमान में भाजपा ज्यादा स्थानीय जनप्रतिनिधियों का हवाला देकर दावा कर रही है।

सीएम फडणवीस ने क्या कहा?

महायुति में जारी इस रस्साकशी पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी बयान दिया है। उन्होंने कहा कि शिवसेना के साथ नासिक और छत्रपति संभाजीनगर सीटों को लेकर बातचीत जारी है, जबकि एनसीपी के साथ पुणे सीट पर चर्चा हो रही है। फडणवीस ने भरोसा जताया कि तीनों दल मिलकर जल्द समाधान निकाल लेंगे।

दरअसल, अजित पवार के निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में सियासी समीकरण बदल गए हैं। 28 जनवरी को बारामती हवाई पट्टी के पास हुए विमान हादसे में तत्कालीन उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार की मौत हो गई थी। इसके बाद उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली और बाद में उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया। हालांकि, अजित पवार की तुलना में सुनेत्रा पवार की राजनीतिक सक्रियता अभी सीमित मानी जाती है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इसका असर महायुति के भीतर सीट शेयरिंग की बातचीत में दिखाई दे रहा है।