
नई दिल्ली। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन चीफ असदुद्दीन ओवैसी ओवैसी ( AIMIM Chief Asduddin Owaisi ) ने नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर ( CAA and NRC ) के मुद्दे पर एक बार फिर भड़काव बयान दिया है। दिल्ली विधानसभा चुनाव के ठीक बाद जारी बयान में उन्होंने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर कागज ( नागरिकता के दस्तावेज ) दिखाने के मजबूर किया गया तो वो गोली खाना पंसद करेंगे लेकिन कागज नहीं दिखाएंगे। इसके साथ ही केंद्र सरकार के खिलाफ विपक्ष का हल्ला बोल अभियान जारी है।
ओवैसी ने क्या कहा?
एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए साफ शब्दों में चुनौती दी है। उन्होंने कहा' 'जो मोदी-शाह के खिलाफ अवाज उठाएगा वाे सही मायने में मर्द-ए-मुजाहिद कहलाएंगा...मैं वतन में रहूंगा, कागज नहीं दिखाऊंगा, कागज अगर दिखाने की बात होगी तो सीना दिखाएंगे की मार गोली। मार दिल पे गोली मार क्योंकि दिल में भारत की मोहब्बत है।' ओवैसी के इस बयान से स्पष्ट है कि सीएस, एनआसी और एपनीआर के मसले पर वह झुकने को तैयार नहीं हैं।'
शाहीन बाग को मुद्दा बनाने से नाराज है पूरा विपक्ष
बता दें कि नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ दिल्ली के शाहीन बाग में 15 दिसंबर से ही विरोध प्रदर्शन हो रहा है। इस प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों में अधिकतर मुस्लिम महिलाएं शामिल हैं। भारतीय जनता पार्टी की ओर से दिल्ली के चुनाव में इसे मुद्दा बनाया गया और प्रदर्शन को राजनीतिक षडयंत्र बताया गया। इस बात को लेकर ओवैसी सहित पूरा विपक्ष मोदी सरकार के खिलाफ पूरा विपक्ष हमलावर है।
केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ( Anurag Thakur ) और पश्चिमी दिल्ली से बीजेपी के सांसद प्रवेश वर्मा ( Pravesh Verma ) समेत कई अन्य नेताओं ने बयान दिया है कि दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनते ही शाहीन बाग के प्रदर्शनकारी उठ जाएंगे। प्रवेश वर्मा ने एक सभा में कहा था कि 11 फरवरी को बीजेपी की सरकार बनने के एक घंटे बाद ही शाहीन बाग को खाली करा दिया जाएगा। सिर्फ सांसद या मंत्री ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( pm modi ) , केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ( Amit Shah ) ने अपनी सभाओं में शाहीन बाग को मुद्दा बनाया। पीएम मोदी ने शाहीन बाग ( shaheen bagh ) के प्रदर्शन की तुलना अराजकता से की थी।