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उद्धव ठाकरे के साथ हो गया बड़ा खेला, जिसे बनाया उम्मीदवार, वही भाजपा खेमे में हुआ शामिल

महाराष्ट्र की 17 एमएलसी सीटों के लिए 18 जून को मतदान होना है। नामांकन वापसी के अंतिम दिन राज्यभर में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदलते नजर आए। इनमें सबसे बड़ा घटनाक्रम कोकण क्षेत्र में देखने को मिला, जहां विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवार के हटने से भाजपा गठबंधन को बड़ी बढ़त मिल गई है।
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मुंबई

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Dinesh Dubey

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Updated: 4 Jun 2026, 3:50 PM IST

Uddhav Thackeray Congress MLC election

उद्धव ठाकरे को भाजपा ने दिया बड़ा झटका (Photo: IANS/File)

महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव (MLC) से पहले विपक्षी गठबंधन महाविकास आघाड़ी (MVA) को कोकण क्षेत्र में बड़ा झटका लगा है। रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट से एमवीए के अधिकृत उम्मीदवार और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के नेता सुरेंद्र उर्फ बाल माने ने अचानक अपना नामांकन वापस ले लिया है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि बाल माने नामांकन वापस लेने के लिए भाजपा नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे के साथ रत्नागिरी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे।

बाल माने के इस फैसले ने कोकण की राजनीति में भूचाल ला दिया है। उनके नामांकन वापस लेने के बाद अब इस सीट पर चुनाव की आवश्यकता लगभग समाप्त हो गई है और सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के उम्मीदवार अनिकेत तटकरे के निर्विरोध चुने जाने का रास्ता साफ हो गया है। दिलचस्प बात यह है कि बाल माने ने नामांकन वापस लेने की समय सीमा खत्म होने से ठीक पहले चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।

उद्धव खेमे में खलबली, बाल माने को पार्टी से निकाला

बाल माने के अचानक उठाए गए इस कदम के बाद शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। उद्धव ठाकरे गुट के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के कारण शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने बाल माने को पार्टी से बाहर करने का फैसला लिया है।

महायुति और MVA के बीच था कड़ा मुकाबला

रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र में महायुति और महाविकास आघाड़ी के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा था। महायुति की ओर से एनसीपी (सुनेत्रा गुट) ने अनिकेत तटकरे को मैदान में उतारा था, जबकि महाविकास आघाड़ी ने ठाकरे गुट के बाल माने पर दांव लगाया था। दोनों पक्षों के बीच चुनाव को लेकर जोरदार राजनीतिक गतिविधियां चल रही थीं।

हालांकि, नामांकन वापसी के अंतिम दिन बाल माने के अचानक पीछे हटने से मुकाबला खत्म हो गया और पूरी चुनावी तस्वीर बदल गई।

कौन हैं अनिकेत तटकरे?

अनिकेत तटकरे महाराष्ट्र की राजनीति में एक चर्चित राजनीतिक परिवार से आते हैं। वह इससे पहले भी इसी रायगढ़-रत्नागिरी-सिंधुदुर्ग सीट से विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) रह चुके हैं।

अनिकेत, एनसीपी नेता और महाराष्ट्र एनसीपी (सुनेत्रा पवार गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे के बेटे हैं। वह राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति तटकरे के भाई हैं। कोकण क्षेत्र में तटकरे परिवार का मजबूत राजनीतिक प्रभाव माना जाता है।

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