राजनीति

पद्मावत विवाद में अब ओवैसी भी कूदे, समर्थकों से कहा- बकवास है फिल्म, मत देखना

करणी सेना के बाद अब AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी भी फिल्म पद्मावत के विवाद में कूद गए हैं।
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Jan 19, 2018
owaisi on padmavati

नई दिल्ली। फिल्म पद्मावत को सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी मिलने के बाद भी विवाद है कि थमने का नाम नहीं ले रहा है। देश के अधिकांश हिस्से में हिंदुवादी संगठनों और करणी सेना का उपद्रव जारी है। इसी विवाद के इसी क्रम में एक और नाम जुड़ गया है। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पद्मावत को बकवास फिल्म बताया है।


अल्लाह के 2 घंटे बर्बाद न करें
असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत एक मनहूस बुरी और बकवास के अलावा कुछ नहीं है। इस फिल्म को देखकर अपने दो घंटे बर्बाद न करें। अल्लाह ने ये जीवन कुछ अच्छा करने के लिए दिया है, यह फिल्म देखकर जिंदगी के दो घंटे बर्बाद करने की जरुरत नहीं है।

राजपूतों से सीखें मुस्लिम
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्होंने इस मामले में राजपूतों की एकजुटता को लेकर मुस्लिम समाज को राजपूतों से सीख लेने की सलाह दी है। ओवैसी ने कहा कि देखो राजपूत अपनी संस्कृति के लिए एकजुट होकर खड़ें हैं, लेकिन मुस्लिम तीन तलाक जैसे गंभीर मुद्दे पर दो धड़ों में बंट गए हैं।


SC में फिर खारिज हुई याचिका
वहीं दूसरी ओर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दी है, जिसमें पद्मावत को सेंसर बोर्ड से मिले प्रमाण पत्र को अवैध बताने की मांग की गई थी। तीन जजों ने बेंच ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट एक संवैधानिक कोर्ट की तरह काम करता है। गुरुवार को अपने अंतरिम आदेश में ही हमने कह दिया था कि देश के किसी भी राज्य में फिल्म पद्मावत पर रोक नहीं लगाई जा सकती है।

कोर्ट ने सरकारों को लगाई फटकार
बता दें कि गुरुवार को सर्वोच्च न्यायालय ने फिल्म 'पद्मावत' की रिलीज पर रोक के गुजरात, राजस्थान और हरियाणा की सरकारों के आदेश पर रोक लगा दी। अब फिल्म के पूरे देश में रिलीज होने का रास्ता साफ हो गया है। फिल्म जगत ने सर्वोच्च न्यायालय के इस आदेश की सराहना की है। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए.एम. खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने तीन राज्यों द्वारा विवादास्पद फिल्म की रिलीज पर लगाई गई रोक की 'अधिसूचनाओं और आदेशों' पर रोक लगाते हुए कहा कि अन्य राज्य भी फिल्म की स्क्रीनिंग पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश जारी नहीं करेंगे।


कानून व्यवस्था सरकार की जिम्मेदारी
अपने पूर्व फैसले का जिक्र करते हुए अदालत ने कहा कि कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की है। अदालत ने यह फैसला फिल्म के निर्माताओं भंसाली प्रोडक्शन्स और वायकॉम 18 मोशन पिक्चर्स की याचिका पर सुनाया। निर्माताओं ने गुजरात, राजस्थान और हरियाणा सरकार द्वारा फिल्म की रिलीज पर लगाए गए प्रतिबंध को चुनौती दी थी।

Published on:
19 Jan 2018 02:50 pm
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