राजनीति

तीन तलाक बिल: ओवैसी ने की हिंदू महिलाओं की बात तो आजम ने दिया कुरान का हवाला

संसद में पेश हुआ Triple Talaq Bill Article 14 और 15 का उल्लंघन करता है बिल: Asaduddin Owaisi SP उसी का सपोर्ट करती है जो Quran में लिखा: Azam khan

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तीन तलाक बिल: ओवैसी ने कि हिन्दू महिलाओं की बात तो आजम ने दिया कुरान का हवाला

नई दिल्ली। तीन तलाक बिल ( triple talaq Bill ) एकबार फिर शुक्रवार को लोकसभा में पेश हुआ। केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस बिल को संसद में पेश किया। लेकिन बिल के सदन में पेश होते ही विपक्ष ने फिर से हंगाम शुरू कर दिया। केन्द्रीय कानून मंत्री ने कहा कि ये बिल नारी न्याय और गरिमा का सवाल है। इस बिल पर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने सवाल खड़े करते हुए जमकर विरोध किया। वहीं, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान ने कहा कि जो कुरान कहता है उनकी पार्टी उसी का सपोर्ट करती है।

क्या कहा असदुद्दीन ओवैसी

मुस्लिम समाज से जुड़े तीन तलाक बिल का असदुद्दीन ओवैसी ( Asaduddin Owaisi ) ने संसद में विरोध किया। AIMIM प्रमुख ने कहा कि ट्रिपल तलाक बिल असंवैधानिक है। यह संविधान के अनुच्छेद ( Article ) 14 और 15 का उल्लंघन करता है। हमारे पास पहले से ही घरेलू हिंसा अधिनियम 2005, CRPC धारा 125, मुस्लिम महिला विवाह अधिनियम है। अगर ट्रिपल तलाक बिल एक कानून बन जाता है तो यह महिलाओं के खिलाफ और भी बड़ा अन्याय होगा।

ओवैसी ने कहा, 'इस बिल में तीन तलाक देने पर शौहर को जेल भेजने का प्रवाधन है। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति जेल चला जता है तो उसकी पत्नी का खर्ज कौन उठाएगा? AIMIM प्रमुख ने इस बिल को लेकर मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि आपको मुस्लिम महिलाओं से मोहब्बत है, लेकिन आपको केरल की हिंदू महिलाओं से मोहब्बत क्यों नहीं है? उन्हें सबरीमला मंदिर ( sabrimala temple ) क्यों नहीं जाने दिया जा रहा?'

क्या कहा आजम खान ने

वहीं, जब तीन तलाक बिल को लेकर मीडिया ने सपा नेता आजम खान से सवाल पुछा तो उन्होंने कहा, 'उनकी पार्टी उसी का सपोर्ट करती है जो कुरान ( Quran ) में लिखा है और वहीं पार्टी की सोच है। आजम ने कहा, 'इस्लाम में जितने अधिकार महिलाओं को दिए गए हैं उतने अधिकार अन्य किसी धर्म में महिलाओं को नहीं दिए गए। 1500 साल पहले इस्लाम ही ऐसा धर्म था जिसमें महिलाओं को समानता का अधिकार दिया गया।'

सपा नेता ने कहा कि आज मुस्लिम समुदाय में तलाक और महिलाओं के खिलाफ हिंसा की दर बेहद कम है। तीन तलाक एक धार्मिक मुद्दा है ना कि राजनीतिक। कुरान से बढ़कर कुछ भी नहीं। निकाह, तलाक और अन्य कई मुद्दों पर कुरान में बातें लिखी गई हैं। हम उन्हें ही फॉलो करते हैं।

Updated on:
21 Jun 2019 08:52 pm
Published on:
21 Jun 2019 04:25 pm
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