
विनेश चंदेल को ईडी ने किया गिरफ्तार (Photo-IANS/X)
Bengal Election 2026: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पॉलिटिकल कंसल्टिंग फर्म I-PAC के सह-संस्थापक विनेश चंदेल को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है। बता दें कि यह मामला कथित कोयला घोटाले से जुड़ा बताया जा रहा है।
साल 2021 से I-PAC पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी और बंगाल सरकार को चुनावी रणनीति और कैंपेन मैनेजमेंट में मदद कर रही है।
विनेश चंदेल इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (I-PAC) के सह-संस्थापक और निदेशक हैं। वह शुरुआत से ही I-PAC से जुड़े रहे हैं। उन्होंने भोपाल स्थित राष्ट्रीय विधि संस्थान विश्वविद्यालय (एनएलआईयू) से स्नातक की पढ़ाई की।
चंदेल ने कुछ समय पत्रकार के रूप में भी काम किया और सुप्रीम कोर्ट में वकालत भी कर चुके हैं। उन्हें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का करीबी माना जाता है और उन्होंने राज्य और मेघालय में टीएमसी के साथ बड़े पैमाने पर काम किया है।
वहीं चंदेल कंपनी के संचालन और वित्तीय योजना की जिम्मेदारी संभालते हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए पश्चिम बंगाल में चुनावी रणनीति तैयार करने और उसे जमीन पर लागू कराने में उनकी अहम भूमिका रही है। वह आमतौर पर पर्दे के पीछे रहकर काम करते हैं और चुनावी रणनीति बनाने वाले प्रमुख दिमागों में उनकी गिनती होती है।
ED ने चंदेल को प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया है। इससे पहले, 2 अप्रैल को एजेंसी ने दिल्ली में उनके ठिकानों पर छापा मारा था। इसके साथ ही, I-PAC के दूसरे को-फाउंडर ऋषि राज सिंह के बेंगलुरु स्थित ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई थी।
विनेश चंदेल के गिरफ्तार करने के बाद ईडी ने बड़ा खुलासा किया है। एजेंसी ने कहा कि कंपनी ने करोड़ों रुपये के प्रोसीड्स ऑफ क्राइम (अवैध कमाई) को ठिकाने लगाया है, जिसमें अब तक करीब 50 करोड़ रुपये का पता चल चुका है।
वहीं विनेश चंदेल को गिरफ्तार करने के बाद देर रात ईडी ने पटियाला हाउस कोर्ट में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के सामने पेश किया गया, जहां सुनवाई 13 अप्रैल की रात से 14 अप्रैल की सुबह तक चली। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 10 दिन की ED हिरासत में भेज दिया।
विनेश चंदेल की गिरफ्तारी पर टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने सवाल उठाए है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि मतदान से 10 दिन पहले यह गिरफ्तारी निष्पक्ष चुनाव की भावना को झकझोरने वाली है।
जनवरी में ED ने कोलकाता में I-PAC के दफ्तर और इसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पर भी छापेमारी की थी। यह छापा उस समय विवादों में आ गया था जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद कुछ सरकारी अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंच गई थीं।
यह पूरा मामला नवंबर 2020 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) द्वारा दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें पश्चिम बंगाल के आसनसोल क्षेत्र में ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (ECL) की खदानों में कथित कोयला तस्करी का आरोप लगाया गया था।
Updated on:
14 Apr 2026 10:05 am
Published on:
14 Apr 2026 10:05 am
