बिहार (Bihar) के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी ने कहा कि 'शराबबंदी (Liquor Ban) की नीतियों में संशोधन किया जाए। ये ओपन सीक्रेट है कि जो बड़े लोग हैं, जो ठेकेदार हैं, धनवान हैं, इंजीनियर हैं, डॉक्टर हैं, आईएएस हैं, आईपीएस हैं, ये सभी रात में 10 बजे के बाद लिमिट में शराब पीते हैं, ये बात दुनिया नहीं जानती पर गरीब को इसके लिए पकड़ा जाता है।'
बिहार (Bihar) में शराबबंदी (Liquor Ban) के बावजूद न केवल धड़ल्ले से शराब बेचा जा रहा है, बल्कि पिया भी जा रहा है। इस बीच बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी (Jitan Ram Manjhi) ने शराबबंदी की नीति में संशोधन की मांग की और आम जनता को लिमिट में शराब पीने का ज्ञान भी दिया। बगहा में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे जीतनराम मांझी ने ये भी कहा कि ये सभी जानते हैं कि कलेक्टर हो या आईएएस, मंत्री हो या विधायक सभी शराब पीते हैं। इससे जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर देखने को मिल रहा है।
बगहा में एक कार्यक्रम के दौरान जीतनराम मांझी ने कहा, "कलेक्टर हैं, एसपी हैं, एमएलए हैं, मंत्री हैं, वो सब शराब का सेवन रात 10 बजे के बाद करते हैं। पकड़ना है तो सरकार पहले इनको पकड़े न, गरीबों को क्यों पकड़ती है।"
इसके बाद मीडिया से बातचीत में मांझी ने कहा कि 'शराबबंदी की नीतियों में संशोधन किया जाए। ये ओपन सीक्रेट है कि जो बड़े लोग हैं, जो ठेकेदार हैं, धनवान हैं, इंजीनियर हैं, डॉक्टर हैं, आईएएस हैं, आईपीएस हैं, ये सभी रात में 10 बजे के बाद लिमिट में शराब पीते हैं, ये बात दुनिया नहीं जानती पर गरीब को इसके लिए पकड़ा जाता है।'
इस बातचीत के दौरान हिंदुस्तान आवाम मोर्चा (secular) के अध्यक्ष जीतनराम मांझी ने आगे कहा कि 'शराब पीकर इधर-उधर क्यों घूमते हो? लिमिट में पियो न जैसे बड़े लोग पीते हैं। अब तुम पीकर चौराहे पर घूमोगे तो पकड़ने की बात आएगी ही। इसलिए बड़े लोगों से सीखों कैसे लिमिट में शराब पी जाती है और सुबह काम पर निकल जाओ।'
बता दें कि बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी है इसके बावजूद यहाँ शराब तस्करी के मामले आए दिन सामने आते रहते हैं। यहाँ तक कि एक रिपोर्ट में सामने आया था कि शराब के सेवन के मामले में बिहार ने महाराष्ट्र को भी पीछे छोड़ दिया है।