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हरियाणा ने भेजी डीपीआर पर लिखित सहमति

केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल व राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच बुधवार को यमुना जल पाइपलाइन की डीपीआर के लिए मौखिक सहमति बनने के अगले ही दिन हरियाणा ने इसकी लिखित सहमति का पत्र भेज दिया है। अब डीपीआर केन्द्रीय जल आयोग को भेजी जाएगी और जल्द ही इसकी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद वित्तीय संसाधन जुटाए जाएंगे। दानोदा कलां से दस क्यूसेक, नयागांव के पास सारसौद डिस्ट्रीब्यूट्री से 80 क्यूसेक, चौधरी माइनर पर हिंदवान से 70 क्यूसेक, सरसना माइनर पर पाट्टन पर 20 क्यूसेक, सेगा नरार से 2 क्यूसेक, कैथल टाउन के पास पेओदा से 43 क्यूसेक व कैथल टाउन के पास चांदना मानस रोड से 41.83 क्यूसेक पानी की मांग की है।

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Yamuna Water Pipeline

नई दिल्ली। केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल व राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी के बीच बुधवार को यमुना जल पाइपलाइन की डीपीआर के लिए मौखिक सहमति बनने के अगले ही दिन हरियाणा ने इसकी लिखित सहमति का पत्र भेज दिया है। अब डीपीआर केन्द्रीय जल आयोग को भेजी जाएगी और जल्द ही इसकी स्वीकृति मिलने की उम्मीद है। जिसके बाद वित्तीय संसाधन जुटाए जाएंगे।

हरियाणा ने इन जगहों से मांगा इतना पानी

दानोदा कलां से दस क्यूसेक, नयागांव के पास सारसौद डिस्ट्रीब्यूट्री से 80 क्यूसेक, चौधरी माइनर पर हिंदवान से 70 क्यूसेक, सरसना माइनर पर पाट्टन पर 20 क्यूसेक, सेगा नरार से 2 क्यूसेक, कैथल टाउन के पास पेओदा से 43 क्यूसेक व कैथल टाउन के पास चांदना मानस रोड से 41.83 क्यूसेक पानी की मांग की है।इसके अतिरिक्त एक और स्थान से भी पानी लिया जाएगा। राजस्थान को करीब 1917 क्यूसेक पानी मिलेगा।

हरियाणा के इन जिलों से गुजरेगी पाइपलाइन

यमुनानगर, कुरूक्षेत्र ,कैथल, जींद, हिसार

हाईब्रिड मोड पर आएगा पानी

हथिनी कुंड बैराज से राजगढ़, चूरू के जलाशय के बीच भूतल के स्तर में करीब 110 मीटर का अन्तर है और राजगढ़ 110 मीटर नीचा है। ऐसे में पानी हथिनी कुंड से ग्रेविटी के प्रवाह से राजगढ़ तक पहुंचेगा। हालांकि इस पाइपलाइन को हाईब्रिड मोड पर बनाया जा रहा है और पम्पिंग स्टेशन भी बनाए जाएंगे ताकि जब पानी कम होगा तब उसे पंप के सहारे राजगढ़ तक लाया जा सके।

परियोजना की लागतः 33379करोड़ 29 लाख है जिसमें 3900 करोड़ से भूअवाप्ति होगी

अब क्या होगा

केन्द्रीय जल आयोग डीपीआर को मंजूरी देगा मंजूरी के बाद इसके लिए वित्तीय संसाधन (ऋण या केन्द्रीय सहायता) जुटाए जाएंगे पाइपलाइन के रास्ते में भूमि अवाप्ति की जाएगी निर्माण के टेंडर और वर्कऑर्डर के बाद काम शुरू होगा।