राजनीति

भाजपा की बात मानता तो नहीं टूटती पार्टी, वह गठबंधन के लिए 2014और 2019 में मेरे पास आए – शरद पवार

NCP: राकंपा नेता शरद पवार ने दावा किया कि अगर वह भाजपा की बात मान लेते तो उनकी पार्टी नहीं टूटती। इसके साथ ही भाजपा ने उन्हें कई बार गठबंधन में शामिल होने के लिए ऑफर दिया।  
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Updated: 8 Jul 2023, 12:33 PM IST
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महाराष्ट्र की राजनीति में पिछला हफ्ता काफी हंगामेदार रहा। प्रदेश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस दो धड़ों में बंट गई। एक धड़े के नेता शरद पवार और टूट के बाद बने दूसरे धड़े के नेता बने उनके भतीजे और फिलहाल महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार। पार्टी के बिखरने के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार ने एक टीवी चैनल से बात करते हुए उनकी पार्टी में बगावत के लिए भारतीय जनता पार्टी को जिम्मेदार बताया।

अगर मैं उनकी (भाजपा) की बात मान लेता तो पार्टी नहीं टूटती। इसके साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा ने पिछले चुनाव के दौरान उनकी पार्टी से गठबंधन करने की कोशिश की। लेकिन विचारधारा अलग होने की वजह से उन्होंने गठबंधन नहीं किया।

भाजपा ने मुझसे तीन बार गठबंधन की कोशिश की
एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान शरद पवार ने दावा किया कि प्रदेश में हुए 2014 और 2019 के चुनाव के बाद बीजेपी से गठबंधन को लेकर उनकी बातचीत हुई थी। लेकिन विचारधारा अलग होने से बातचीत आगे नहीं बढ़ी। मैंने तय किया था कि हमें ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि हम विचारधारा पर सहमत नहीं हैं। इसलिए हमने चर्चा करने में कुछ भी गलत नहीं किया क्योंकि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि मैं कभी भी भाजपा के साथ नहीं गया और भविष्य में भी उनके साथ जाने की कोई संभावना फिलहाल खत्म हो गई है।

मैंने अजित को डिप्टी CM बनाया
वहीं, राकांपा के दूसरे धड़े के नेता और महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि मैंने अजीत को 4 बार उप मुख्यमंत्री बनाया, उन्हें मंत्रालय दिए चुनाव हारने के बावजूद प्रफुल्ल पटेल को यूपीए में मंत्री बनाया पी ए संगमा की बेटी जैसे अन्य लोगों को मंत्री बनाया गया लेकिन सुप्रिया को नहीं। क्या ये वंशवाद है? फिर क्या अजीत मुझ पर वंशवादी होने का आरोप कैसे लगा सकते हैं?

भाजपा के इशारे पर मुझ पर हमले हो रहें
शरद पवार ने इस दौरान कहा कि यदि पार्टी के अध्यक्ष के रूप में मेरी नियुक्ति अवैध है, तो प्रफुल्ल पटेल और अन्य की तरह की गई सभी नियुक्तियां भी अवैध हैं। वह प्रफुल्ल पटेल ही थे जिन्होंने अध्यक्ष पद के लिए मेरा नाम प्रस्तावित किया और मुझे दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में सर्वसम्मति से चुना गया। अजित और उनके साथियों के द्वारा मुझ पर व्यक्तिगत हमले भाजपा के इशारे पर किए जा रहे हैं।


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मैं अभी बूढ़ा नहीं जमीन पर काम करूंगा
अजित पवार के बयान की चाचा अब आप 82 साल के बूढे हो गए रिटायरमेंट ले लिजिए। इस पर पलटवार करते हुए शरद पवार ने कहा कि राजनीति में कोई बूढ़ा नहीं होता। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के उस बयान को कोट करते हुए कहा कि ना वह टायर्ड है न वह रिटायर्ड है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह पार्टी के लिए काम कर रहे हैं और उनके पास कोई मंत्री पद नहीं है। मुझे रिटायर होने के लिए कहने वाले वे कौन होते हैं? मैं अभी भी काम कर सकता हूं।

इस दौरान उन्होंने कहा कि अजित ने मेरे साथ जो किया है उससे मुझे बुरा जरूर लगा है। लेकिन मैं हारा नहीं हूं। मैंने पहले भी ऐसी घटनाओं का सामना किया है। मैं पार्टी को फिर से खड़ा करूंगा.उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि चुनाव आयोग में क्या होगा, यह होता रहेगा. मैं जमीन पर काम करूंगा।

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