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CEC ज्ञानेश कुमार का ‘प्रतीकात्मक महाभियोग’, मॉक संसद में महुआ मोइत्रा ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को घेरा

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ‘जन महाभियोग’ नाम से मॉक संसद आयोजित की। पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार की अध्यक्षता में हुए इस सत्र में खरगे ने चुनाव आयोग पर सरकार के इशारे पर काम करने का आरोप लगाते हुए संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा और निष्पक्षता की रक्षा की मांग उठाई।
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भारत

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Ashib Khan

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Updated: 31 Oct 2026, 6:53 PM IST

Mock Sansad

दिल्ली में आयोजित मॉक संसद। (फोटो- IANS)

INDIA Bloc Public Impeachment: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर इंडिया गठबंधन ने ‘मॉक संसद’ बुलाई।

मॉक संसद को संबोधित करते हुए टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार और चुनाव आयोग पर मतदान अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। साथ ही कहा कि बंगाल में हटाए गए मतदाताओं में 71 प्रतिशत मुसलमान हैं और 51 प्रतिशत महिलाएं हैं।

बता दें कि पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार ने बतौर अध्यक्ष इस मॉक सत्र की शुरुआत की। इस कार्यक्रम को विपक्षी गठबंधन ने ‘जन महाभियोग’ नाम दिया है। इस दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रस्ताव पेश किया।

खरगे ने क्या कहा? 

मॉक संसद में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चुनाव आयोग, पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के सीधे निर्देशों पर चुनाव आयोग चला रहे हैं।

खरगे ने कहा कि सात महीने पहले विपक्ष के 193 सांसदों ने संसद के दोनों सदनों में मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव पेश किया था। लेकिन हमारे द्वारा दिए गए नोटिस खारिज कर दिए गए और उन पर कोई विचार तक नहीं किया गया।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज हम जो प्रस्ताव लेकर आए हैं, उसका उद्देश्य एक संवैधानिक संस्था की गरिमा और प्रतिष्ठा की रक्षा करना है। हमारा मुख्य चुनाव आयुक्त से कोई व्यक्तिगत द्वेष या दुश्मनी नहीं है।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आगे कहा कि 2014 से सत्ता पर आने के बाद उस पर कब्जा करने और उसे बनाए रखने के लिए हर संभव साजिश रची गई है। उन्होंने सांसदों की खरीद-फरोख्त की, राजनीतिक दलों को तोड़ा, सरकारों को गिराया और चुनावी बॉन्ड, प्रवर्तन निदेशालय (ED) तथा केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया। और अब वे वोटों की चोरी कर रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि हमारे पास वोटों की चोरी के ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, 2023 के मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें एवं कार्यकाल) अधिनियम के कारण इस वोट चोरी को अंजाम देने में मदद कर पा रहे हैं। यह विधेयक दिसंबर 2023 में विपक्ष के 145 सांसदों को निलंबित करने के बाद पारित किया गया था। यह बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।

बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

विपक्ष की मॉक संसद पर बीजेपी ने निशाना साधा है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे वोट चोरी के मुद्दे पर बात कर रहे थे। मैं उनसे कहना चाहता हूं कि हां, वोट चोरी हुई थी और सच में हुई थी।

उन्होंने आगे कहा कि आज 31 अक्टूबर है। आज देश के महान नेता और लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती है। अगर भारत के इतिहास में कभी वोटों की चोरी हुई थी, तो वह देश के पहले प्रधानमंत्री के चुनाव के समय हुई थी।

बीजेपी प्रवक्ता ने कहा कि उस समय कांग्रेस के कई बड़े नेताओं ने वोट डालकर सरदार वल्लभभाई पटेल को प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया था। लेकिन संबित पात्रा के अनुसार, उन वोटों को नजरअंदाज करके पंडित जवाहरलाल नेहरू को प्रधानमंत्री बना दिया गया।