
प्रतीकात्मक तस्वीर
Maharashtra News: महाराष्ट्र में सूखे जैसी स्थिति से प्रभावित किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने 5000 रुपए की अग्रिम सहायता बांटने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सोलापुर जिले की बार्शी तहसील ने इस काम में राज्य में सबसे पहले शुरुआत की है। यहां तांदुलवाड़ी गांव के 10 खाताधारक किसानों को मदद देने की प्रक्रिया पूरी की गई। कुछ किसानों के बैंक खातों में राशि जमा होने के संदेश भी मिले हैं। प्रशासन का लक्ष्य दिवाली से पहले पात्र किसानों तक यह सहायता पहुंचाना है।
सरकार ने खरीफ सीजन 2026 में सूखे जैसी स्थिति से प्रभावित राज्य के 305 तहसीलों में सहायता वितरण की प्रक्रिया शुरू की है। इसके लिए अलग पोर्टल तैयार किया गया है। तहसीलदारों को अपने लॉगिन के माध्यम से लाभार्थियों की सूची बनाने और किसानों की जानकारी अपडेट करने की सुविधा दी गई है। बार्शी तहसील में इस पोर्टल के जरिए सबसे पहले काम शुरू किया गया। तांदुलवाड़ी गांव में 10 खाताधारकों को प्रायोगिक तौर पर सहायता देने की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके साथ ही बार्शी राज्य में अग्रिम सहायता पाने वाला पहला क्षेत्र बन गया है।
बार्शी में पूरी प्रक्रिया तहसीलदार एफआर शेख के मार्गदर्शन में चल रही है। आपदा प्रबंधन विभाग के राजस्व सहायक संदीप नालपे की भी इसमें अहम भूमिका है। गांवों के नियंत्रण अधिकारी, ग्राम राजस्व अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी और सहायक कृषि अधिकारी लाभार्थियों की जानकारी जुटाने में लगे हैं। किसानों की सूची तैयार करने, पोर्टल पर जानकारी दर्ज करने और उसका सत्यापन करने का काम तेजी से किया जा रहा है। तकनीकी दिक्कतों को दूर कर पात्र किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाने के लिए राजस्व और कृषि विभाग के कर्मचारी लगातार काम कर रहे हैं।
जिन किसानों के पास फार्मर आईडी है, उनके बैंक खातों में 5000 रुपए भेजे जाएंगे। जिन किसानों के पास यह आईडी नहीं है, उनकी केवाईसी की जांच के बाद सहायता देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रशासन का प्रयास है कि दिवाली से पहले पात्र किसानों के खातों में राशि पहुंच जाए।
किसानों को यह चिंता भी थी कि बैंक खाते में सहायता राशि आते ही पुराने कर्ज की बकाया रकम काट सकते हैं। इस पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंत्रिमंडल की बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि बैंकों को साफ आदेश दिए जाएं कि वे सहायता राशि में से कर्ज की रकम न काटें। इससे किसानों को मिलने वाली राहत की पूरी राशि उनके खाते में सुरक्षित रहने की उम्मीद है। वहीं, खेतों में हुए नुकसान का पंचनामा पूरा होने के बाद किसानों को शेष सहायता राशि भी दी जाएगी।
Updated on:
31 Oct 2026, 7:09 PM IST
Published on:
31 Oct 2026, 7:09 PM IST
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