महाराष्ट्र में सियासी उठापटक के बीच चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप भाजपा ने प्रशांत किशोर को ही महाराष्ट्र में सियासी बखेड़े के लिए जिम्मेदार ठहराया भाजपा ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से शिवसेना के अलग होने के पीछे PK का बताया हाथ
नई दिल्ली।महाराष्ट्र में CM की कुर्सी को लेकर जारी सियासी उठापटक के बीच चुनावी रणनीतिकार और जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर पर गंभीर आरोप लगे हैं।
भाजपा ने प्रशांत किशोर को ही महाराष्ट्र में सियासी बखेड़े के लिए जिम्मेदार ठहराया है। दरअसल, भाजपा नेता प्रीति गांधी ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन से शिवसेना के अलग होने के पीछे पीके का हाथ बताया है।
भाजपा नेता ने ट्वीट कर कहा कि महाराष्ट्र में प्रशांत किशोर ले डूबे...
वहीं, जेडीयू नेता अजय आलोक भी प्रशांत किशोर पर निशाना साधा है। जेडीयू नेता ने पीके का नाम लिए बिना कहा कि 'मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट' की वजह से ही महाराष्ट्र में सियासत की यह दुर्गत हुई है।
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि 'एक हैं मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट पिछले कुछ दिनो से शिव सेना उनसे ज्ञान ले रही थी नतीजा सब देख रहे हैं -अब महामहिम ने और समय नहीं दिया लगता हैं इस पहलू पे मास्टर साहब ने ध्यान नहीं दिया होगा !!! नतीजा ना तीन में ना तेरह में ! कहते हैं ना गफ़लत में सब गए , माया मिली ना राम ।जय मातर साब'
दरअसल, प्रशांत किशोर को लेकर माना जा रहा है कि उन्होंने ही महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद के लिए शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को उकसाया था।
जिसके चलते शिवसेना ने भाजपा के सामने 50-50 फॉर्मूला रखते हुए शिवसेन और भाजपा के बीच ढाई—ढाई साल तक के लिए सीएम पद के बंटवारे की मांग की थी।
आपको बता दें कि प्रशांत किशोर वर्तमान में उद्धव ठाकरे के सलाहकार के रूप में कार्यरत है। पीके के इस चाल के पीछे बड़ा गेम माना जा रहा है।
सूत्रो के अनुसार पीके महाराष्ट्र में भाजपा के झुकाने के माध्यम से अगले साल बिहार विधानसभा चुनाव में जेडीयू को सीटों के बंटवारे में अपना पलड़ा भारी रखना चाहते हैं।