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चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट से हटा दिया था मोताब शेख का नाम, अब हैं एमएलए

Motab Shaikh victory: फरक्का सीट से कांग्रेस के मोताब शेख ने मतदाता सूची विवाद और सीमित प्रचार के बावजूद 8,000 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की। उनकी जीत को जनता के भरोसे और चुनावी प्रक्रिया पर उठे सवालों के बीच अहम माना जा रहा है।

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फरक्का सीट से जीते कांग्रेस के मोतबा शेख (Photo-X)

Farakka Assembly Seat: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 207 और टीएमसी ने 80 सीटों पर जीत हासिल की है। वहीं कांग्रेस को भी दो सीटों पर जीत मिली है। विधानसभा चुनाव में फरक्का सीट से कांग्रेस प्रत्याशी मोताब शेख की जीत भी चर्चाओं में है। दरअसल, SIR के दौरान मोताब शेख के कागजों में स्पेलिंग के अंतर से उनका नाम वोटर लिस्ट से हट गया था। इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की ओर रूख किया, जिसके बाद आधार कार्ड, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस को पहचान के वैध प्रमाण मानते हुए उनका नाम सूची में शामिल करने का निर्देश दिया।

8193 वोटों से जीत की दर्ज

कांग्रेस प्रत्याशी मोताब शेख ने इस सीट से 8193 वोटों से जीत हासिल की है। शेख को 63050 वोट मिले है। यह उनका पहला विधानसभा चुनाव था, इससे पहले वे पंचायत चुनाव लड़ चुके थे। इस सीट पर पहले काबिज रही तृणमूल कांग्रेस तीसरे स्थान पर खिसक गई, जबकि बीजेपी दूसरे स्थान पर रही। बीजेपी प्रत्याशी को 54857 और TMC प्रत्याशी को 47256 वोट मिले।

जीत के बाद क्या बोले मोताब शेख

अपनी जीत पर आश्चर्य जताते हुए शेख ने कहा कि मैं खुद को दुनिया के सबसे भाग्यशाली लोगों में मानता हूं। जब मतदाता सूची से मेरा नाम हटा दिया गया था, तब मुझे लगा था कि मैं वोट भी नहीं डाल पाऊंगा। लेकिन जनता ने मुझे जिताया, यह लोगों की जीत है।

बता दें कि मोताब शेख को चुनाव प्रचार के लिए सिर्फ 14 दिन का समय मिला था। उन्होंने बताया कि पहले टिकट मिलने में देरी हुई और फिर मतदाता सूची से नाम हटने के कारण आधे क्षेत्र में ही प्रचार कर पाए। उनका कहना है कि यदि ज्यादा समय मिलता, तो जीत का अंतर और बड़ा होता।

शेख का कहना है कि फरक्का और मुर्शिदाबाद पहले कांग्रेस के गढ़ थे, लेकिन टीएमसी के आने के बाद स्थिति बदली। इस बार जनता ने भ्रष्टाचार और काम न करने के आरोपों के चलते टीएमसी को नकार दिया।

बंगाल में बीजेपी की सरकार बनने पर उन्होंने कहा कि वे टकराव की राजनीति में विश्वास नहीं रखते और अपने क्षेत्र के विकास के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे।

रानीनगर से भी जीती कांग्रेस

मुर्शिदाबाद की ही रानीनगर सीट पर भी कांग्रेस को जीत मिली, जहां जुल्फिकार अली ने टीएमसी के मौजूदा विधायक अब्दुल सौमिक हुसैन को 2,701 वोटों से हराया।

कांग्रेस ने इस जीत को चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए समान अवसर की कमी का परिणाम बताया। पार्टी का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद ही शेख को चुनाव लड़ने का मौका मिला।

क्या है पूरा मामला

दरअसल, शेख का नाम दस्तावेजों में स्पेलिंग के अंतर के कारण मतदाता सूची से हटा दिया गया था। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद ट्रिब्यूनल ने आधार कार्ड, पासपोर्ट और ड्राइविंग लाइसेंस को पहचान के वैध प्रमाण मानते हुए उनका नाम सूची में शामिल करने का निर्देश दिया।

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