भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता अरुण शौरी ने न सिर्फ कांग्रेसी नेता सैफुद्दीन सोज का बचाव किया, बल्कि कांग्रेस-भाजपा पर निशाना भी साधा।
नई दिल्ली : भाजपा के पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता अरुण शौरी का पार्टी अपनी सरकार को लेकर बागी तेवर बना हुआ है। उन्होंने एक बार फिर मोदी सरकार पर निशाना साधा है। अरुण शौरी ने कहा कि भाजपा हिन्दू-मुसलमान के बीच फर्क पैदा कर उसका राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, उन्होंने कांग्रेसी नेताओं की भी खुलकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि समझ में नहीं आ रहा कि मुख्य विपक्षी पार्टी ने सैफुद्दीन सोज की पुस्तक विमोचन से अलग रहने का कदम क्यों उठाया। आखिर क्या मजबूरी थी उनकी। उन्हें अपने वरिष्ठ नेता के कार्यक्रम जरूर शामिल होना चाहिए था। बता दें कि कश्मीर पर बयान को लेकर विवादों में सैफुद्दीन सोज के पुस्तक विमोचन के कार्यक्रम से कांग्रेस ने किनारा करना ही बेहतर समझा। सोमवार को उनके किताब के विमोचन से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पी चिदंबरम समेत बड़े कांग्रेसी नेता दूर ही रहे, जबकि जयराम रमेश दर्शकों के बीच बैठे दिखे।
सर्जिकल स्ट्राइक को बताया फर्जीकल स्ट्राइक
इतना ही नहीं केंद्र सरकार पर हमला जारी रखते हुए उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक को फर्जिकल स्ट्राइक बतायाद्ध साथ ही कहा कि सरकार के पास पाकिस्तान, चीन और बैंकों के लिए कोई नीति नहीं है। वह सोमवार को सैफुद्दीन सोज के किताब के विमोचन पर बोल रहे थे।
पहले भी कर चुके हैं आलोचना
इससे पहले अप्रेल महीने में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की ओर से फेक न्यूज पर जारी गाइड लाइन जारी की थी। इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से इस फैसले को वापस लेने के आदेश दे दिया था। इस पर राजनीति गरमा गई थी। तब भी पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण शौरी ने एनडीए सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि फेक न्यूज पर पत्रकारों को दंडित करने का फैसला मीडिया को दबाने की कोशिश है और घोषित-अघोषित तौर पर ऐसे प्रयास आगे भी होते रहेंगे।